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Gitanjali Jewelers Sitapura factory, EDs print on WTP - Jaipur News in Hindi
जयपुरPNB घोटाले के 11 हजार करोड़ के घोटाले में शामिल गीताजंलि ज्वैलर की सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में बिल्डिंग सीज कर दी गई है। यह कार्रवाई आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने की है। गीताजंलि ज्वैलर का फेज 2 में प्लॉट संख्या G-1-181 पर है ये प्लाट। ये ईकाई फायर स्टार के नाम से है है। कल मुंबई आयकर कार्यालय ने जारी किए थे आदेश। अब तक कुल 9 सम्पत्तियों को सीज किया जा चुका है। 
दूसरी ओर गीताजंलि जेम्स के वर्ल्ड ट्रेड पार्क स्थित दो शोरूमों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापा मारा है। ये दोनों शोरुम नक्षत्र के नाम से हैं। ED ने यह कार्रवाई गीताजंलि जेम्स के कर्ताधर्ता मेहुल चौकसी का पीएनबी घोटाले में नाम आने के बाद की है। ईडी की टीम ने शनिवार को दिन में आकर कार्रवाई की। शो रूम में मौजूद स्टॉक का मूल्याकंन किया जा रहा है। इससे पहले ईडी ने गीताजंलि जेम्स के सीतापुरा स्थित ईकाईयों पर छापे की कार्रवाई की थी।


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Jaipur: राजस्थान में ऐतिहासिक  स्थल, विजय स्तम्भ, महल, मीनारें, बावडियाँ, हर स्थल से जुडी पौराणिक गाथा, हर एक स्थान का धार्मिक महत्त्व आदि देखने या सुनने में आता है। इन स्थानों पर लोगों को धर्म से जोडने के लिए यहाँ के  राजाओं ने मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारे एवं अन्य धार्मिक स्थान बनाये हैं। उनमे से एक है चाँद बावड़ी।
जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-11) पर स्थित दौसा जिले का ह्रदय कहे जाने वाले सिकंदरा कस्बे से उत्तर की ओर कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आभानेरी गाँव। पुरातत्व विभाग को प्राप्त अवशेषों से ज्ञात जानकारी के अनुसार आभानेरी गाँव 3000 वर्ष से भी अधिक पुराना हो सकता है, इसी गाँव में स्थित है "चाँद बावडी"। 
चांद बावड़ी दुनिया की सबसे गहरी बावड़ी हैं । इसकी संरचना विहंगम हैं जो कि मन मोह लेती हैं । यह बावड़ी 35 मीटर के वर्गाकार आकृति  में बनी हुई हैं । यह 100 फ़ीट गहरी हैं जो कि 13 मंजिला हैं । जिसमे भूलभुलैया की तरह 3500 सीढ़िया बनी हुई हैं। सबसे ज्यादा यह आकर्षण का केंद्र इसकी सीढ़ियों की वजह से ही हैं । जिस सीढ़ी के जरिये आप नीचे जाते हैं , उन्ही के जरिये आप वापस ऊपर नही जा पाते । और यही इसकी वास्तुकला का करिश्मा हैं ।
बावड़ी के ऊपर  हर्षत माता का मंदिर स्तिथ हैं जिसके बारे में लोगो का मानना हैं कि अगर आप सच्चे मन से माता से कुछ मांगोगे तो वह आपकी मन्नत जरूर पूरी करती हैं।  इस बावड़ी को इतना गहरा बनाया ही इसलिए गया था कि अगर कोई गिरे तो वापस ऊपर न आ सके और इसकी गुप्त सुरंगों का इस्तेमाल राजा अपने सेनापति और सैनिकों के साथ युद्ध के दौरान किया करते थे । खुद एक्सपर्ट्स ने भी रीसर्च के बाद ये माना हैं कि अपने समय मे यह बावड़ी बहुत ज्यादा इस्तेमाल होती थी ।
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जयपुर। रविवार को मकर संक्रांति पर आसमान पतंगों से अटा नजर आएगा, लेकिन ये पतंगबाजी बेजुबानों के साथ-साथ राहगीर, वाहन चालकों के लिए भी नुकसानदायी हैं, इससे बचाव करना खुद इंसान का कर्तव्य हैं। पंतगबाजी से हर वर्ष कई बेजुबान जानवरों की बली चढ़ जाती हैं। वहीं आम इंसान भी इन घटनाओं में जख्मी हो जाता हैं।
पतंंगबाजी का शौक बेजुबान पक्षियों के लिए घातक होता जा रहा हैं। इससे परिन्दों की आजादी पर विराम लग जाता हैं। आसमान में हर रोज परिन्दों की आवाजाही लगी रहती हैं, वे एक दिन के लिए थमसी जाएगी। वहीं पतंगबाजी से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की जान पर पतंगबाजी का शौक भारी पड़ सकता है। पतंगबाजी के इस पर्व पर पतंग उड़ाने, लूटने, पैदल और बाइक पर चलने वालों को कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ताकि वे स्वयं अपनी जान की रक्षा कर सकें। 
ये सावधानियां जरूरी- 
अगर आप भी पतंगबाजी के शौकीन हैं तो आपको ये सावधानियां बरतनी चाहिए। जैसे की पतंग उड़ाते वक्त ऐसी छत पर पतंग नहीं उड़ानी चाहिए, जहां दीवार या बाउंड्री वॉल न हो या उसकी ऊंचाई कम हो। जिस समय बच्चे पतंग उड़ाए, उस वक्त वो आपकी निगरानी में ही पतंग उड़ाएं।  पतंग-डोर विक्रेता अपने प्रतिष्ठान पर इसकी कटिंग भी चस्पा कर सकते हैं। इसके माध्यम से वहां आने वाले लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
बाइक चलाते वक्त बरते ये सावधानियां
पतंगबाजी शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में आप अपने वाहनों की स्पीड़ पर लगाम लगाएं, ताकि आप हादसों से बच सके। वाहन चलाते वक्त आपको कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय पतंगों की डोर आपकी गर्दन और सिर को काट सकती है। इससे बचने के लिए सिर पर हेलमेट लगाकर और गले पर स्कार्फ या मफलर लपेटकर रखना चाहिए। ध्यान रखें, हेलमेट बिना कांच वाला नहीं होना चाहिए। टू व्हीलर वाहन पर आगे लोहे का गार्ड भी लगवा सकते हैं। संक्रांति के कुछ दिन बाद इसे हटवा लीजिएं।
बच्चों को बाइक के आगे नहीं बैठाना चाहिए
मंकर संक्रांति का पर्व रविवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन आप अगर बाहर कहीं फैमली के साथ धूमने जा रहे हैं तो बाइक चलाते वक्त आप बच्चे को आगे नहीं बैठाएं। क्योंकि इससे हादसा होने का डर सताता हैं। क्योंकि पतंग की डोर से हादसे होने का डर रहता हैं।  
बुजुबानों की रक्षा की जिम्मेदारी आपकी
जब सुबह के वक्त मासुम पक्षी आकाश से गुजर रहे हैं, उस समय आपको पतंगबाजी करने से बचना चाहिए। क्योंकि आपका शौक बेजुबानों की जान ले सकता है। पक्षियों की ज्यादा उपस्थिति वाले क्षेत्रों में पतंग उड़ाने से बचना चाहिए। मांझा का यूज कतई नहीं करना चाहिए। यदि पतंग की डोर में कोई पक्षी उलझ जाए तो डोर ढीली छोड़ दीजिए। यदि कोई परिन्दा जख्मी अवस्था में दिखाई दे तो आप शीघ्र सहायता के लिए आगे आएं। सुबह और शाम के वक्त पतंगबाजी करने से बचना चाहिए। क्योंकि इस समय पक्षियों के आने और जाने का समय रहता हैं।  
मांझे का नहीं करें यूज
वैसे तो मांझे पर कई जगहों पर रोक लगा रखी हैं, फिर भी आपको मांझा बाजार में मिले तो आपको यूज नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे हादसे होने का डर रहता है। यह मांझा तेज धारदार रहता है। इससे दुर्घटनाएं होती हैं।

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Delhi में 'सेक्स आश्रम' चलाने वाले वीरेंद्र देव दीक्षित का पर्दाफाश होने के बाद एक और राजस्थान के आश्रम को भंडाफोड़ हुआ है।

रविवार को दिल्ली के बाद राजस्थान के 'सेक्स आश्रम' का भंडाफोड़ हुआ है। राजस्थान के सिरोही में आरोपी बाबा के आध्यात्मिक विश्व विद्यालय के भवन पर छापा मारकर 72 लड़कियों को चंगुल से छुड़ा लिया गया।
पुलिस सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आध्यात्मिक विश्व विद्यालय वीरेन्द्र देव दीक्षित चलाता है। पुलिसकर्मी जब सूचना के बाद भवन पहुंचे तो केयरटेकर ने परिसर में उन्हें घुसने नहीं दिया। बाद में महिला पुलिसकर्मियों को वहां पर भेजा गया, जिन्होंने बड़ी संख्या में बिल्डिंग में रह रहीं लड़कियों को पाया। लड़कियां कथित तौर पर बंधक के तौर पर रह रहीं थीं। 



पुलिसकर्मियों ने लड़कियों को वहां से छुड़ा लिया है। पुलिस ने अब सिरोही के आबू रोड पर नया खेड़ा इलाके में स्थित इस बिल्डिंग के प्रॉपर्टी के कागज और क्रियाकलापों से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। 

पिछले महीने राजधानी दिल्ली के रोहिणी में बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय का भंडाफोड़ हुआ था,  यहां ये ढो़गी बाबा अधायत्म के नाम पर 'सेक्स आश्रम' चला रहा था। पुलिस ने दिल्ली वाले आश्रम से 6 लड़कियों को आजाद कराया था। आरोपी बाबा के देश भर में तकरीबन 80 ऐसे आश्रम हैं। पिछले साल उसका नाम माउंट आबू में प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साथ भी जुड़ा था। 

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बुधवार सुबह सीबीआई ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर गुरुग्राम के रेयान स्कूल में हुई 8 साल के प्रद्युमन की हत्या के आरोपी को बेनकाब किया था. सीबीआई ने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया था कि प्रद्युमन की हत्या 11वीं के एक छात्र ने एग्ज़ाम को स्थगित कराने के लिए की थी. इस पर लड़के के पिता का कहना था कि सीबीआई जानबूझ कर मेरे बेटे को फंसाने की साजिश कर रही है.
लेकिन आज ख़बर आ रही है कि 16 साल के ग्यारहवीं के इस छात्र ने सीबीआई के सामने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया है. सीबीआई का कहना है कि लड़के ने इस घटना को 2 से 3 मिनट में अंजाम दिया. लड़के को कल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया था, जहां सीबीआई ने कोर्ट में लड़के की रिमांड के लिए अर्जी डाली थी. कोर्ट द्वारा सीबीआई की इस अर्जी को स्वीकार कर लिया गया था.
सीबीआई के एक अधिकारी का कहना है कि 'लड़का इस इरादे के साथ ही स्कूल पहुंचा था कि उस दिन पक्का किसी की मौत होनी है. वो स्कूल अपने साथ चाकू भी लेकर आया हुआ था. प्रद्युमन के साथ बस यही ग़लत हुआ कि वो ग़लत समय पर ग़लत जगह पर मौजूद था.'
सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में ये भी बताया कि लड़के ने अपने सहपाठी को कहा था कि आज उसने कुछ ऐसा किया है कि जिससे एग्ज़ाम नहीं होगा. इसके साथ ही सीबीआई ने कहा कि 'ये वही लड़का था, जिसने टॉयलेट से भाग कर सबको प्रद्युमन के मरने की सूचना दी थी.'



Source: timesnownews



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राजस्थान के एक 15 साल के लड़के ने टी 20 क्रिकेट की एक ऐसी अनहोनी को होनी में बदल दिया है जो आज तक कोई नहीं कर पाया.


हम बात कर रहे हैं भरतपुर जिले के गांव नगला रामरतन के आकाश सिंह की. गांव के उभरते हुए इस बाए हाथ के गेंदबाज ने एक घरेलू टी-20 मुकाबले में चार ओवर में बिना कोई रन दिए सभी 10 विकेट हासिल कर लिए.



उन्होंने क्रिकेट का यह करिश्मा जयपुर में चल रही भंवर सिंह देवड़ा स्मृति टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता में दिशा एकेडमी की ओर से खेलते हुए किया है. आकाश ने चार ओवर में बिना कोई रन दिए 10 विकेट लेकर क्रिकेट की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है.



आकाश ने इस मैच में अपनी हैट्रिक भी बनाई है. क्रिकेटर आकाश सिंह शुक्रवार को भरतपुर पहुंचेंगे जहां उनका खेल प्रेमियों द्वारा जोरदार स्वागत किया जाएगा. जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह ने बताया कि आकाश सिंह की ये पारी अविस्मरणीय है और अकाश ने क्रिकेट में भरतपुर का नाम ऊंचा किया है.

जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुधन तिवारी ने बताया कि आकाश पहले भरतपुर में ही अभ्यास करता था और उन्होंने ही उसे जयपुर के अरावली क्रिकेट एकेडमी में शामिल कराया था. आकाश ने बुधवार को जयपुर में दिशा अकेडमी एवं पर्ल एकेडमी के बीच हुए क्रिकेट मैच के दौरान यह कारनामा किया है.



आकाश के गांव नगला रामरतन में भी उसकी सफलता पर खुशी का माहौल है और परिजनों और गांववासियों के चेहरे खुशी से खिले हुए हैं.


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राजस्थान के 45 हजार गांवों में सरकारी जमीन पर कब्जा किए बैठे 3 लाख से ज्यादा लोगों को पट्टा देने की योजना है



देश की अर्थव्यवस्था को लगातार बदहाल बताया जा रहा है. मोदीनॉमिक्स पर अपने ही चौतरफा हमले कर रहे हैं. लोगों की ही नहीं, सरकार की भी कमाई घट रही है. ऐसे में राजस्थान सरकार ने राजस्व बढ़ाने का एक ऐसा तरीका निकाला है, जिसमें 'चोरों' को इनाम दिया जाएगा. बस शर्त ये है कि आप 1 जनवरी, 2017 से पहले के 'चोर' हों, बाद के नहीं.
राजे सरकार की ये मेहर आम चोरों पर नहीं होगी. सरकार 'जमीन चोरों' पर दया दिखाएगी. वो जमीन चोर, जिन्होंने 1 जनवरी, 2017 तक गांवों में सरकार की जमीन चुराई हो यानी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया हो, अपने घर-खेत के बगल के आम रास्ते का कुछ या पूरा हिस्सा दबा लिया हो या फिर चारागाह या सामुदायिक संपत्ति जैसे तालाब आदि पर कब्जा कर लिया हो.
ऐसे सभी बाहुबली बदमाशों के लिए राजे सरकार ने अपनी चौथी वर्षगांठ से पहले तोहफा पेश किया है. तहसीलदारों से 'जमीन चोरों' की सर्वे रिपोर्ट मांगी जा चुकी है. अब तैयारी राजस्थान के 45 हजार गांवों में सरकारी जमीन पर कब्जा किए बैठे 3 लाख से ज्यादा लोगों को पट्टा देकर इसका मालिक बनाने की है.
नजर में सिर्फ वोट, ईमान में खोट! 
Photo. Pradesh 18.
अभी जून से अगस्त तक शिविर लगा-लगाकर करीब 8 से 10 लाख पट्टे बांटे गए थे. इसी के विस्तार में अब गांवों में 300 गज तक सिवायचक यानी सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए लोगों को बड़ी आसानी से मालिकाना हक देने की तैयारी कर ली गई है. हालांकि इसके बदले सरकार जमीन की डीएलसी कीमत वसूलेगी.
जानकारों की राय में ये मतदाताओं को एक तरह की 'रिश्वत' देने की कोशिश है. हालिया समय में किसान और ग्रामीणों में राजे सरकार के खिलाफ नाराजगी खुलकर देखी गई है. सीकर में कर्ज माफी के लिए किसान आंदोलन कर चुके हैं. अब किसानों के समर्थन में कांग्रेस राज्य भर में पदयात्राओं के जरिए खासी भीड़ भी जुटा रही है.
कांग्रेस की सभाओं में जुट रही इसी भीड़ से बीजेपी सरकार परेशान है. इसीलिए 2018 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ग्रामीणों और किसानों को रिझाने के लिए ये दांव खेला जा रहा है. हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट का कहना है कि राजे सरकार की नाकामियों से पर्दा उठ चुका है. अब न किसान बीजेपी के झांसे में आने वाले हैं और न ही ग्रामीण.
ऐसा नहीं है कि सिर्फ गांवों पर ही वसुंधरा राजे सरकार की नजर है. पिछले दिनों मास्टरप्लान की गंभीर अनदेखी कर बड़े शहरों में 40 फीट और छोटे शहरों में 30 फीट सड़कों पर भी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नियम बना दिया गया था. लेकिन इस पर मानवाधिकार आयोग और कोर्ट के दखल के कारण सरकार को कदम वापस खींचने पड़े.
सरकार बनी सुपर बॉस, कोर्ट का भी नहीं डर 
vasundhara
अभी 4 अक्टूबर को ही राजस्थान हाइकोर्ट में मास्टर प्लान से जुड़ी एक जनहित याचिका की सुनवाई में न्यायाधीशों ने कड़ी टिप्पणी की है. जस्टिस संगीतराज लोढ़ा और जस्टिस अरुण भंसाली ने कहा कि राज्य में जिस तरह से बर्बादी हो रही है, उससे तो अच्छा है कि भू-परिवर्तन का काम रुक ही जाए.
लेकिन लगता नहीं कि राजस्थान सरकार को किसी की परवाह भी है. 4 अक्टूबर को ही राजे कैबिनेट ने राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 में संशोधन का फैसला कर लिया. इस संशोधन से अब चरागाहों यानी गांवों में जानवरों के चरने के लिए आरक्षित जमीन के नियमों में भारी बदलाव हो जाएगा.
पहले, चारागाह भूमि को कृषि और अकृषि उपयोग के लिए अलग करते वक्त उतनी ही जमीन उसी पंचायत में रिजर्व करने का नियम था. लेकिन संशोधन के बाद अब पंचायत में जमीन न मिलने पर पूरे जिले में कहीं भी अलग कर चारागाह के लिए जमीन आरक्षित की जा सकेगी.
मिसाल के तौर पर अलवर जिले के नीमराणा में जमीन की कीमत 2 से 5 करोड़ प्रति बीघा की है. यहां पर चारागाह की जमीन लेने वाला जिले के ही मेवात इलाके में बदले में जमीन देने की पेशकश कर सकता है, जहां कीमत 10 लाख बीघा से भी कम हो सकते हैं. एडवोकेट फतेह सिंह का कहना है कि इस संशोधन की आड़ में प्राइम लैंड को हड़पने का खेल भी शुरू हो सकता है.
अपनों के लिए खास रेवड़ियां
राजस्थान में एक पुरानी कहावत भी आजकल खूब सच हो रही है- अंधा बांटे रेवड़ियां, फिर-फिर अपनों को दे. राजनीतिक रेवड़ियों की बंदरबांट में राजस्थान सरकार अपने अधिकारों के सही-गलत उपयोग में भी पीछे नहीं है. सरकार अब बीजेपी को जिलों में दफ्तर खोलने के लिए भी जमीन दे रही है.
28 जिलों में तो जमीन आवंटित भी की जा चुकी है. ये सारी जमीन आवासीय या कमर्शियल है. इनका लैंड यूज बदल कर इंस्टिट्यूशनल कर दिया गया है. नगरीय विकास विभाग ने तुरंत अलॉटमेंट के लिए इन मामलों को व्यापक जनहित का बता दिया.
क्या ईमानदार होना बेवकूफी है? 
कांग्रेस ने इसे एक बड़ा घपला बताते हुए आरोप लगाया है कि सरकार ने अपने संगठन को चुन-चुन कर वही प्लॉट अलॉट किए हैं जो प्राइम लोकेशन पर हैं. लेकिन मेरी राय में ये सिर्फ एक घपला नहीं हो सकता. वास्तव में ये उन करदाताओं से धोखा है जिनके बूते सरकार अपना खर्च चलाती है. ये उन ईमानदार लोगों से भी धोखा है, जो सरकारी संपत्तियों को नहीं चुराते हैं.
जरा सोचिए, वोट बैंक की राजनीति के क्या नतीजे सामने आ रहे हैं. जो सार्वजनिक जमीन पर जबरन कब्जा किए बैठा है, उसे इनाम में जमीन दी जा रही है. जो कर्ज लेकर चुकाता नहीं है, उसका कर्ज माफ किया जा रहा है. जो बिजली का बिल नहीं भरता है, उसका बिल माफ कर दिया जाता है. कॉरपोरेट सेक्टर में घाटा दिखाने वाले को बेल आउट पैकेज मिल जाता है.
काला धन जोड़ने वाले को एमनेस्टी स्कीमों में बचने का मौका दिया जाता है. ऐसे में एक ईमानदार शख्स, जो अतिक्रमण नहीं करता, जो समय पर लोन और बिजली-पानी के बिल भरता है, वो क्या खुद को ठगा हुआ सा महसूस नहीं करेगा? अगर कोई ईमानदार है तो क्या वो बेवकूफ है?

7 साल के मासूम प्रद्युम्न की हत्या के करीब एक महीने बाद, रायन इंटरनेशनल स्कूल की निलंबित प्रिंसिपल नीरजा बत्रा को स्कूल के गुड़गांव सेक्टर-40 ब्रांच में शिफ़्ट कर, उन्हें अाध्यापिका की नौकरी दे गई है. मामले पर बात करते हुए गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह ने बताया, 'मैंने बत्रा के बारे में सभी पक्षों से बात की है, हमने उन्हें सेक्टर-40 स्थित स्कूल की शाखा में सेवा पर बहाल करने का फै़सला किया है. इसके साथ ही अगले तीन महीने तक मैं ही स्कूल का प्रशासक हूं.'

Image Source :  thestatesman
जांच में पाया गया कि स्कूल की कमियों को दूर करवाने के लिए, स्कूल प्रिंसिपल बत्रा के पास कोई वित्तीय शक्ति नहीं थी, जिस कारण उन्हें सीधे तौर पर सुरक्षा ख़ामियों के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
वहीं प्रद्युमन के पिता वरुण ने स्कूल प्रशासन के इस फ़ैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा, 'आप एक बेहद लापरवाह प्रिंसिपल को दोबारा नौकरी पर कैसे रख सकते हैं और फिर उनके निलंबन का क्या मतलब हुआ? वरुण आगे कहते हैं कि आप उनसे एक अाध्यापिका के तौर पर ज़िम्मेदारी पूरी करने की उम्मीद भी कैसे कर सकते हैं. आख़िरकार ये छात्रों की सुरक्षा का सवाल है.'


Image Source : freepressjournal
ग़ौरतलब है, बीते 8 सितबंर की सुबह रेयान इंटरनेशन स्कूल में पढ़ने वाले 7 साल के छात्र प्रद्युमन की बेरहमी से हत्या कर दी गई और हत्या के आरोप में आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ़्तार कर लिया गया था. हलांकि, आरोपी अशोक ने बयान देते हुए कहा था कि उसने प्रद्युमन की हत्या नहीं की और उसे इस केस में मोहरा बना कर फंसाया जा रहा है.
वैसे प्रिंसिपल की बहाली से एक चीज़ तो साफ़ है कि इस केस के तार काफ़ी दूर-दूर तक फ़ैले हुए हैं, वरना एक महीने के अंदर ही आरोपी प्रिंसिपल को बहाल करने का कोई तुक नहीं बनता. 
Source : indianexpress

आसाराम, राम रहीम के बाद अब इस बाबा पर लगा दुष्‍कर्म का आरोपआसाराम, राम रहीम के बाद अब इस बाबा पर लगा दुष्‍कर्म का आरोप
विधि की पढ़ाई कर रही एक लड़की ने फलाहारी महाराज पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाया है। इनका अलवर में दिव्य धाम आश्रम है। यहां एक वेद विद्यालय और मंदिर भी है।

















बिलासपुर/जयपुर, ब्यूरो। राजस्थान के अलवर जिले के एक नामचीन बाबा जगदगुर रामानुजाचार्य स्वामी कौशलेंद्र प्रपन्नाचारी फलाहारी महाराज के खिलाफ बिलासपुर (छत्तीसगढ़) निवासी युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। केस डायरी अलवर पुलिस के पास पहुंच गई है। उधर, बुधवार शाम को फलाहारी बाबा बीमार हो गए और स्थानीय अस्पताल में भर्ती हो गए।
मालूम हो, फलाहारी महाराज का अलवर में दिव्य धाम आश्रम है। यहां एक वेद विद्यालय और मंदिर भी है। महाराज के भक्तों की संख्या काफी है। उनका छत्तीसगढ़ में भी आना-जाना रहता है। युवती जयपुर में विधि की पढ़ाई कर रही थी। महाराज की सिफारिश पर उसने कहीं इंटर्नशिप की और इसके लिए उसे स्कालरशिप भी मिली।
मानदेय महाराज को अर्पित करने के लिए वह 7 अगस्त में अपने माता-पिता के साथ अलवर आश्रम गई थी। तभी बाबा ने उसे अकेले बुलाया और दुष्कर्म करने लगा। इसी बीच बाबा का कोई चेला पहुंच गया। इस दौरान युवती को इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी दी गई। डरी-सहमी युवती भी चुपचाप लौट गई। हाल ही में गुरमीत राम रहीम का मामला सामने आने के बाद युवती की हिम्मत बढ़ी और उसने अपने परिजन को इस बारे में जानकारी दी।
राजस्थान में ही पकड़े गए छह फर्जी बाबा 
फर्जी बाबाओं के सामने आने के दौर में राजस्थान में बाड़मेर जिले की पचपदरा पुलिस ने छह फर्जी बाबाओं को दबोचा है। ये बाबा दिन में भक्तों को झांसे में लेकर उनकी किस्मत बताते थे और रात में शराब पार्टियां करते थे। पुलिस के मुताबिक, फर्जी बाबा भरतपुर जिले के सीकरी और अलवर के गोविंदगढ़ के रहने वाले हैं।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि इस इलाके के करीब ढाई सौ परिवार इसी तरह बाबा बनकर देशभर में फैले हुए हैं और ठगी कर रहे हैं। ये अलग-अलग स्थानों पर घूमकर बड़े अधिकारियों को धार्मिक बातों में उलझाकर उनके साथ फोटो खिंचवाते हैं और फिर इन फोटो को दिखाकर ग्रामीणों में बताते हैं कि वो अधिकारी भी उनका भक्त है। भक्तों को विश्वास में लेने के बाद ये उन्हें नकली नगीने, अंगूठियां देकर ठगते हैं और रात में शराब पार्टियां करते हैं।
फर्जी बाबाओं का झूठ
इन बाबाओं ने खुद को गुजरात से जूना अखाड़ा का साधु बताया। पुलिस ने जूना अखाड़े के पदाधिकारी कनाना मठ के महंत परशुराम गिरि महाराज को थाने बुलवाकर इनके बारे में पूछा तो उन्होंने इन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। बाद में इन बाबाओं ने खुद को उदासीन अखाड़े से बताया। इस पर महंत ने उदासीन अखाड़े को लेकर इनसे सवाल-जवाब किए तो फिर फर्जी साबित हुए।

जब से दीप्ति के एक्सीडेंट की खबर आई उसके साथ पढ़ने वाले विद्यार्थी उसके स्वस्थ होने की दुआ कर रहे थे

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भरतपुर. क्या दीप्ति को अपनी मौत का अहसास हो गया था। शायद हां, क्योंकि उसने राजस्थान के गोगामेड़ी दर्शन को जाने से पूर्व स्कूल में छुट्टी के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र में कुछ ऐसा ही लिखा है। पत्र में लिखा है कि वह अब स्कूल नहीं आएगी। इस लाइन को पढ़कर क्लास टीचर विवेक पलिया ने भरी क्लास में उसे टोका था।

जब से दीप्ति के एक्सीडेंट की खबर आई उसके साथ पढ़ने वाले विद्यार्थी उसके स्वस्थ होने की दुआ कर रहे थे। पर खुदा को कुछ और मंजूर था।

उसकी सहेली अंजलि चौहान ने बताया कि गोगामेड़ी जाने से पूर्व हमने ऐसे ही यूं ही पूछा था कि कहां जा रही है। बोली, ऊपर। हमने कहा पागल है क्या, तो दीप्ति ने कहा कि सच में, मैं चली जाऊंगी तो सबसे ज्यादा तुम मुझे मिस करोगे, रोओगे याद करोगे। यह कह कर वह खिलखिला उठी थी।

अंजलि ने कहा कि हमें क्या मालूम वो उस समय सच बोल रही थी। गुरुवार को दीप्ति का शव जयपुर से भरतपुर आया।

सहेली रूचि, प्राची, आशी, अंजलि, नेहा, गरिमा, आंक्षी,आकांक्षा अादि ने छलछलाई आंखों के बीच दीप्ति के शव पर फूल चढ़ाए। दीप्ति की अंत्येष्टि अनाहगेट मुक्तिधाम में हुई। मुखाग्नि भाई मयंक ने दी।

शोकसभा कर किया याद

सोनी एकेडमी स्कूल ने दीप्ति की याद में पौधरोपण अभियान चलाने का निर्णय लिया है। साथ ही गुरुवार को शोकसभा कर श्रद्धांजलि दी।

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निदेशक विकास सोनी ने बताया कि दीप्ति की याद में 16 स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा। वहां बड़े पौधे लगाए जाएंगे और वृक्ष बनने तक उनकी देखरेख की जाएगी।

16 साल की थी, स्कूल में 16 जगह होगा पौधरोपण

कक्षा 10 में 88 प्रतिशत अंक के साथ पास हुई दीप्ति की सामाजिक सोच भी तेजी से परिपक्व हो रही थी।

उसकी खास सहेली अंजलि चौहान ने बताया कि वह अक्सर कहती थी कि लाइफ को फालतू मत बिगाड़ो।

जब भी और जहां भी रहो कुछ ऐसा करो कि लोग आपको याद करें। और उसने मरते दम अंगदान कर चार लोगों को जिंदगी देकर यह कर दिखाया।

दीप्ति सोनी एकेडमी में 12 वीं कामर्स में अध्ययनरत थी और हाल ही में उसने सीपीटी का फार्म भरा था।

12 दिन पहले हुआ था हादसा

हादसा 29 जुलाई को हुआ था। दीप्ति गुप्ता अपने परिजनों के साथ गोगामेड़ी दर्शन को गई थी।

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लौटते समय रींगस के पास दुर्घटना मंे दीप्ति सहित उसके भुआ की लड़की नीतू, ताऊ की लड़की चारू सहित पिता अनिल कुमार, मां प्रीति, ताऊ अनूप गुप्ता, ताई अरुणा, ताऊ की लड़की चारू, कीर्ति आदि के भी चोंट आई थी।

दीप्ति के सिर में गंभीर चोट लगी थी। इसके अलावा नीतू के भी काफी चोट आई थी। दीप्ति के पिता अनिल कुमार मेडिकल शॉप चलाते हैं।

चार लोगों को दे गई जिंदगी

दीप्ति तो दुनिया छोड़ गई लेकिन चार अंगदान करके चार लोगों को नई जिन्दगी दे गई।

इनमें से जयपुर में दो लोगों को किडनी और एक को लिवर लगाया गया है। हार्ट मुंबई के फोर्टिस अस्पताल भेजा गया है। जहां दामिनी के हार्ट लगाया गया।

चारों अंग के प्रत्यारोपण आपरेशन सफल रहे हैं। लिवर ट्रांसप्लांट दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल के डाक्टरों के सहयोग एसएमएस अस्पताल में तथा किडनी ट्रांसप्लांट एसएमएस अस्पताल और महात्मा गांधी अस्पताल में किया गया।


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राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रदेशभर में संचालित छात्रावासों की मॉनिटरिंग हाईटैक तरीके से होगी. पहले चरण में अभी सम्भागवार छात्रावासों के ग्रुप बनाए गए जिस पर हर छात्रावास अधीक्षक को सुबह और शाम के छात्रावास के फोटो अपलोड करने पडेंगे. वहीं इसके अगले चरण में छात्रावास के जियो लोकेशन मंगवाई जा रही है, यही नहीं राजधारा अटैंडेंस ऐप भी तैयार करवाया गया है.

विभाग के 789 हॉस्टल और 22 आवासीय स्कूल संचालित किए जा रहे हैं. यह हॉस्टल शहरों में भी हैं और प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं. इस स्कूलों और आवासीय विद्यालयों पर निदेशालय स्तर से सीधी मॉनिटरिंग करने की कोई व्यवस्था नहीं थी, लेकिन रोजाना मॉनिटरिंग करने की व्यवस्था की जा रही है, जिसके पहले चरण में सम्भाग स्तर पर वॉट्सऐप ग्रुप तैयार किए जा रहे हैं. जिस पर संबंधित अधीक्षक को रोजाना फोटो सुबह और शाम को अपलोड़ करना होगा.

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वहीं इन आवासीय स्कूलों और छात्रावासों की जियो लोकेशन मंगवाई जा रही है. यही नहीं doit के माध्यम से राजधारा अटैंडेंस ऐप तैयार करवाया जा रहा है. विभाग के निदेशक डॉ. समित शर्मा ने बताया कि असल में छात्रावासों की मॉनिटरिग प्रभावी तरीके से हो सकेगी. वहीं अधीक्षकों को छात्रावासों में रुकना अनिवार्य होगा.

इस बार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने छात्रावासों में विद्यार्थियों की पूरे प्रवेश हो सकें इसके प्रयास भी किए और इस बार 90 फीसदी से ज्यादा छात्रावासों में छात्रों ने दाखिला लिया. असल में विभाग के इन छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को रहने, खाने, पीने, पढ़ने तक की सुविधाएं राज्य सरकार की ओर से दी जाती हैं. लिहाजा विभाग का मकसद है कि जो सुविधाएं दी जा रही हैं वो गुणवत्तापूर्ण मिल सकें.

बहरहाल, विभाग की नई हाईटैक तकनीक से निदेशालय स्तर पर मॉनिटरिंग की जा सकेगी. वहीं छात्रावासों में अधीक्षकों के नदारद होने पर भी लगाम लग सकेगी.
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