Jaipur: राजस्थान में ऐतिहासिक  स्थल, विजय स्तम्भ, महल, मीनारें, बावडियाँ, हर स्थल से जुडी पौराणिक गाथा, हर एक स्थान का धार्मिक महत्त्व आदि देखने या सुनने में आता है। इन स्थानों पर लोगों को धर्म से जोडने के लिए यहाँ के  राजाओं ने मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरूद्वारे एवं अन्य धार्मिक स्थान बनाये हैं। उनमे से एक है चाँद बावड़ी।
जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-11) पर स्थित दौसा जिले का ह्रदय कहे जाने वाले सिकंदरा कस्बे से उत्तर की ओर कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, आभानेरी गाँव। पुरातत्व विभाग को प्राप्त अवशेषों से ज्ञात जानकारी के अनुसार आभानेरी गाँव 3000 वर्ष से भी अधिक पुराना हो सकता है, इसी गाँव में स्थित है "चाँद बावडी"। 
चांद बावड़ी दुनिया की सबसे गहरी बावड़ी हैं । इसकी संरचना विहंगम हैं जो कि मन मोह लेती हैं । यह बावड़ी 35 मीटर के वर्गाकार आकृति  में बनी हुई हैं । यह 100 फ़ीट गहरी हैं जो कि 13 मंजिला हैं । जिसमे भूलभुलैया की तरह 3500 सीढ़िया बनी हुई हैं। सबसे ज्यादा यह आकर्षण का केंद्र इसकी सीढ़ियों की वजह से ही हैं । जिस सीढ़ी के जरिये आप नीचे जाते हैं , उन्ही के जरिये आप वापस ऊपर नही जा पाते । और यही इसकी वास्तुकला का करिश्मा हैं ।
बावड़ी के ऊपर  हर्षत माता का मंदिर स्तिथ हैं जिसके बारे में लोगो का मानना हैं कि अगर आप सच्चे मन से माता से कुछ मांगोगे तो वह आपकी मन्नत जरूर पूरी करती हैं।  इस बावड़ी को इतना गहरा बनाया ही इसलिए गया था कि अगर कोई गिरे तो वापस ऊपर न आ सके और इसकी गुप्त सुरंगों का इस्तेमाल राजा अपने सेनापति और सैनिकों के साथ युद्ध के दौरान किया करते थे । खुद एक्सपर्ट्स ने भी रीसर्च के बाद ये माना हैं कि अपने समय मे यह बावड़ी बहुत ज्यादा इस्तेमाल होती थी ।
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