जयपुर। रविवार को मकर संक्रांति पर आसमान पतंगों से अटा नजर आएगा, लेकिन ये पतंगबाजी बेजुबानों के साथ-साथ राहगीर, वाहन चालकों के लिए भी नुकसानदायी हैं, इससे बचाव करना खुद इंसान का कर्तव्य हैं। पंतगबाजी से हर वर्ष कई बेजुबान जानवरों की बली चढ़ जाती हैं। वहीं आम इंसान भी इन घटनाओं में जख्मी हो जाता हैं।
पतंंगबाजी का शौक बेजुबान पक्षियों के लिए घातक होता जा रहा हैं। इससे परिन्दों की आजादी पर विराम लग जाता हैं। आसमान में हर रोज परिन्दों की आवाजाही लगी रहती हैं, वे एक दिन के लिए थमसी जाएगी। वहीं पतंगबाजी से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की जान पर पतंगबाजी का शौक भारी पड़ सकता है। पतंगबाजी के इस पर्व पर पतंग उड़ाने, लूटने, पैदल और बाइक पर चलने वालों को कुछ सावधानी बरतने की आवश्यकता है। ताकि वे स्वयं अपनी जान की रक्षा कर सकें। 
ये सावधानियां जरूरी- 
अगर आप भी पतंगबाजी के शौकीन हैं तो आपको ये सावधानियां बरतनी चाहिए। जैसे की पतंग उड़ाते वक्त ऐसी छत पर पतंग नहीं उड़ानी चाहिए, जहां दीवार या बाउंड्री वॉल न हो या उसकी ऊंचाई कम हो। जिस समय बच्चे पतंग उड़ाए, उस वक्त वो आपकी निगरानी में ही पतंग उड़ाएं।  पतंग-डोर विक्रेता अपने प्रतिष्ठान पर इसकी कटिंग भी चस्पा कर सकते हैं। इसके माध्यम से वहां आने वाले लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
बाइक चलाते वक्त बरते ये सावधानियां
पतंगबाजी शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में आप अपने वाहनों की स्पीड़ पर लगाम लगाएं, ताकि आप हादसों से बच सके। वाहन चलाते वक्त आपको कुछ सावधानियां बरतने की आवश्यकता है। वाहन चलाते समय पतंगों की डोर आपकी गर्दन और सिर को काट सकती है। इससे बचने के लिए सिर पर हेलमेट लगाकर और गले पर स्कार्फ या मफलर लपेटकर रखना चाहिए। ध्यान रखें, हेलमेट बिना कांच वाला नहीं होना चाहिए। टू व्हीलर वाहन पर आगे लोहे का गार्ड भी लगवा सकते हैं। संक्रांति के कुछ दिन बाद इसे हटवा लीजिएं।
बच्चों को बाइक के आगे नहीं बैठाना चाहिए
मंकर संक्रांति का पर्व रविवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन आप अगर बाहर कहीं फैमली के साथ धूमने जा रहे हैं तो बाइक चलाते वक्त आप बच्चे को आगे नहीं बैठाएं। क्योंकि इससे हादसा होने का डर सताता हैं। क्योंकि पतंग की डोर से हादसे होने का डर रहता हैं।  
बुजुबानों की रक्षा की जिम्मेदारी आपकी
जब सुबह के वक्त मासुम पक्षी आकाश से गुजर रहे हैं, उस समय आपको पतंगबाजी करने से बचना चाहिए। क्योंकि आपका शौक बेजुबानों की जान ले सकता है। पक्षियों की ज्यादा उपस्थिति वाले क्षेत्रों में पतंग उड़ाने से बचना चाहिए। मांझा का यूज कतई नहीं करना चाहिए। यदि पतंग की डोर में कोई पक्षी उलझ जाए तो डोर ढीली छोड़ दीजिए। यदि कोई परिन्दा जख्मी अवस्था में दिखाई दे तो आप शीघ्र सहायता के लिए आगे आएं। सुबह और शाम के वक्त पतंगबाजी करने से बचना चाहिए। क्योंकि इस समय पक्षियों के आने और जाने का समय रहता हैं।  
मांझे का नहीं करें यूज
वैसे तो मांझे पर कई जगहों पर रोक लगा रखी हैं, फिर भी आपको मांझा बाजार में मिले तो आपको यूज नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे हादसे होने का डर रहता है। यह मांझा तेज धारदार रहता है। इससे दुर्घटनाएं होती हैं।

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