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जयपुर : जनवरी के दूसरे हफ्ते में मीडिया में खबर आई थी कि टेलीकॉम इंडस्ट्री में धमाल मचाने के बाद रिलायंस जियो (Reliance Jio) अपनी क्रिप्टोकरेंसी लाने का प्लान कर रहा है. हालांकि इस बारे में जियो की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया गया. इस बीच आजकल व्हाट्सएप पर एक मैसेज वायरल हो रहा है. इस मैसेज में जियो कॉइन के 100 रुपए में लॉन्च होने का दावा किया जा रहा है, इसमें एक लिंक देकर यह भी दावा किया गया है कि 31 जनवरी 2018 से पहले रजिस्ट्रेशन कराने वाले को फ्री में जियोकॉइन मिलेगा.
31 जनवरी को लॉन्च होने का दावा
इस बारे में जब दैनिक खबरे ने पड़ताल करने के लिए वेबसाइट के लिंक (http://reliance-jiocoin.com) पर क्लिक किया तो वेबसाइट के होमपेज पर रजिस्टर करने के लिए जानकारी मांगी जा रही थी. इस वेबसाइट के होमपेज पर नाम, ई-मेल और पासवर्ड दर्ज करने के बाद रजिस्टर करने का ऑप्शन दिया गया है. वेबसाइट पर जानकारी दी गई कि एक जियो कॉइन की कीमत 100 रुपए है और यह 31 जनवरी को लॉन्च होगा. जी न्यूज ने यहां पर संबंधित डिटेल्स फिल करने के बाद रजिस्टर पर क्लिक किया तो खुलने वाले वेबपेज पर तीन मैसेज लिखे हुए हैं.


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संबंधित वेबसाइट का प्रिंट स्क्रीन.


जियो कॉइन की खबर पूरी तरह फर्जी
इस बारे में जब रिलायंस जियो के अधिकारियों से संपर्क किया तो कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जियो कॉइन की खबर पूरी तरह से फर्जी है. ऐसी किसी भी खबर पर विश्वास न करें. यदि आपके पास ऐसा कोई भी मैसेज आता है तो इससे आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है.

लुभाने के लिए तरह-तरह के वादे
पहले मैसेज में लिखा है इनवाइट योर फ्रेंड टू ज्वाइन 'रिलायंस जियो कॉइन'. इसमें लिखा है कि यदि आपके रेफरल लिंक में कोई ज्वाइन करता है तो आपको प्रत्येक रेफरल के बदले 3 जियो कॉइन फ्री में मिलेंगे. दूसरे मैसेज में लिखा है डाउनलोड एप फ्राम अवर स्पानसर्स : इसके बदले प्रत्येक स्पानसर एप पर 10 जियो कॉइन मिलने की बात कही गई है. तीसरे और अंतिम मैसेज में लिखा है कि सभी जियो कॉइन 31 जनवरी 2018 को आपके जियो वॉलेट में क्रेडिट हो जाएंगे.


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संबंधित वेबसाइट का प्रिंट स्क्रीन.


पूरी प्रक्रिया को देखने पर साफ है कि यह वेबसाइट फर्जी तरीके से क्रिप्टोकरेंसी जियो कॉइन की बिक्री करने का दावा कर रही है. इससे आपको सचेत रहने की जरूरत है. वेबसाइट के माध्यम से आपकी डिटेल लेकर इसका मिस यूज किया जा सकता है. इसलिए जरूरी है कि आप भी इस तरह के किसी भी मैसेज से सचेत रहे.


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इंटरनेट डेस्क। आज से पहले कभी अापने सुना है, कि सड़क पर गाड़ियां चलने से बिजली पैदा हाेगी। …जी हां, ये सब चीन ने सच कर दिखाया हैं। चीन ने दुनिया के पहले सोलर हाईवे का निर्माण किया है, जिस पर गाड़ियां चलने से बिजली पैदा होगी। यह 1 किलोमीटर लंबाई वाला सोलर हाइवे से हर साल 1 करोड़ किलोवॉट बिजली पैदा होगी, जिसका उपयोग इंडस्ट्रीज को संचालित करने के साथ ही अन्य कामों में किया जा सकेगा। इतना ही नहीं सर्दियों के मौसम में ये जमी हुई बर्फ को पिघलाने के लिए स्नो मेल्टिंग सिस्टम और सोलर स्ट्रीट लाइट्स को भी इलेक्ट्रिसिटी देगा।

अब आने वाले दिनों में सरकार की योजना है कि यह हाइवे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को भी चार्ज करेगा। ईस्टर्न चाइना में शेनडॉन्ग प्रॉविंस की राजधानी जिनान में बने इस हाईवे काे टेस्टिंग के लिए खोल दिया गया है। चीन में बने इसे सोलर हाइवे को तीन लेयराें ट्रैंसलूसंट कॉन्क्रीट, सिलिकॉन पैनल और इंसुलेशन की लेयर से तैयार किया गया हैं।
एक किलोमीटर लंबाई वाले सोलर हाईवे पर 63,200 स्क्वायर फीट का एरिया कवर किया गया है। चीन की टोंगजी यूनिवर्सिटी के ट्रांसपोर्ट इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट झैंग होंगचाओ ने बताया कि यह सोलर हाइवे सामान्य हाइवे से 10 गुना ज्यादा प्रेशर झेल सकता है। एक स्क्वायर मीटर के निर्माण में 458 डॉलर (करीब 30 हजार रुपए) की लागत अाई है।

फ्रांस और हॉलैंड भी इस दिशा में काम कर रहे हैं। फिलहाल फ्रांस के एक गांव में सोलर पैनल रोड बनाई गई है। फ्रांस का दावा है कि यह अपनी तरह की पहली सोलर पैनल रोड है और ये 2016 में बनाई गई।

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अमेरिका : पढ़ाई और घूमने के खर्च के लिए मॉडल ने नीलाम की वर्जिनिटी

अमेरिका की एक मॉडल ने करीब 19 करोड़ रुपये में अपनी वर्जिनिटी नीलाम करने का दावा किया है. 19 साल की गिसेले ने कहा है कि वह पढ़ाई और घूमने में इस पैसे को खर्च करेगी. लड़की ने इसे 'सपने का पूरा होना' बताया है.

एक इंटरनेशनल जर्मन एस्कॉर्ट वेबसाइट पर मॉडल ने नीलामी की. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अबू धाबी के एक अरबपति बिजनेसमैन बोली लगाने में एक हॉलीवुड स्टार से आगे निकल गया. उसने लड़की की वर्जिनिटी को 2.5 मिलियन यूरो में खरीदा.


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वर्जिनिटी नीलाम करने के ट्रेंड पर मॉडल ने कहा- ''मैं सोचती हूं कि वर्जिनिटी बेचने का ट्रेंड खुद को आजाद करने का तरीका है जिससे आप सोशल और इकोनॉमिक राइट हासिल करते हैं. उन लोगों से मुझे झटका लगा है जो महिलाओं के वर्जिनिटी बेचने के खिलाफ हैं. ...अगर मैं पहली बार किसी ऐसे शख्स के साथ जाना चाहती हूं जो मेरा पहला प्यार नहीं है तो यह मेरा फैसला है.''



मॉडल ने कहा कि वर्जिनिटी बेचने का आइडिया उसका खुद का था. उसने वेबसाइट इसलिए इस्तेमाल किया ताकि ट्रांजैक्शन और मीटिंग सुरक्षित तरीके से हो सके. एस्कॉर्ट एजेंसी ने कहा है कि मॉडल सिक्योरिटी के साथ मीटिंग के लिए जाएगी.

लड़की ने यह भी कहा कि उसने कभी नहीं सोचा था कि नीलामी की राशि इतनी अधिक हो जाएगी. उसे यह सपनों के पूरा होने जैसा लग रहा है.

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YOUTUBE पर लोग सर्च कर रहे है- 'पद्मावती फुल मूवी', दिख रहा ये वीडियो

पद्मावती मूवी को लेकर देशभर में बवाल चल रहा है. सेंसर बोर्ड से अभी ये मूवी पास नहीं हुई है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ चुनिंदा लोगों को ये मूवी दिखाई गई है. इसमें कई पत्रकार भी शामिल हैं.

लेकिन खास बात ये है कि रिलीज से पहले ही इस मूवी को इंटरनेट यूजर गूगल और यूट्यूब पर काफी संख्या में सर्च कर रहे हैं. अगर प्राइवेट मोड (incognito) में आप गूगल खोलकर padmavati टाइप करते हैं टॉप सेकंड सजेशन दिखाई देता है- padmavati full movie. इसके साथ यूट्यूब का एक लिंक होता है जिसमें 2 घंटे 55 मिनट का एक वीडियो दिखाई देता है


खास बात ये है कि Padmavati full Movie | Hindi Dubbed 2017 नाम के एक वीडियो को यूट्यूब पर 5,17,000 बार देखा जा चुका है. लेकिन यह एक फेक वीडियो है. ऐसे और भी कई वीडियो Padmavati full Movie नाम से यूट्यूब पर डाले गए हैं.

गूगल ट्रेंड पर अगर चेक करें तो एक अक्टूबर से ही Padmavati full Movie कीवर्ड को लोग सर्च कर रहे हैं. लेकिन 12 नवंबर से 18 नवंबर के बीच इस कीवर्ड से सर्च करने वालों की संख्या काफी अधिक बढ़ गई है.

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दिल्ली की छात्रा कवलप्रीत कौर की तस्वीर के साथ छेड़छाड़, पाकिस्तान डिफेंस को पड़ा महंगा..

दिल्ली विश्वविद्यालय की एक छात्रा की शिकायत के बाद ट्विटर ने पाकिस्तान डिफेंस के वेरिफाइड अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है। छात्रा ने शिकायत की थी कि इस ट्विटर अकाउंट द्वारा उनकी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उनकी छवि को देश के प्रति खराब दिखाया जा रहा है।

इस ट्विटर हैंडल पर डीयू की छात्रा कवलप्रीत कौर जो कि एआईएसए की नेता भी है, उनको एक प्लेकार्ड के साथ दिल्ली के जामा मस्जिद के सामने खड़ा हुआ दिखाया गया है।

इस मॉर्फ्ड तस्वीर में कौर के कार्ड पर लिखा है “मैं भारतीय हूं लेकिन मुझे भारत से नफरत है क्योंकि भारत एक ओपनिवैशिक इकाई है जिसने नागास्, कश्मीरियों, मणिपुरियों, हैदराबाद, जूनागढ़, सिक्किम, मिजोरम और गोवा पर कब्जा कर रखा है”।

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इस तस्वीर को वायरल होने में ज्यादा समय नहीं लगा और लोग बिना सच्चाई जाने कौर की आलोचना करने लगे। खुद की आलोचना होते देख कौर ने अपनी असल तस्वीर साझा की और साथ ही ट्विटर को इसकी शिकायत भी की।

असली प्लेकार्ड की बात करें तो उसपर लिखा था “मैं भारत की नागरिक हूं और मैं हमारे संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के साथ खड़ी हूं। मैं हमारे देश में मुस्लिमों के खिलाफ हो रही साम्प्रयदायिक हिंसा के खिलाफ लिखूंगी”।

द संडे एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान कौर ने कहा हरियाणा के जुनैद की हत्या के बाद देश में नोट इन माय नेम कैंपेन चला था जिसका हिस्सा बनते हुए इस फोटो को जुलाई में क्लिक किया गया था। कौर ने कहा कि मैंने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर इस फोटो को लगाया था जिसे सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया, हो सकता है कि वायरल होने के बाद किसी ने मेरी तस्वरी को मेरे खिलाफ इस्तेमाल किया है।

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कौर ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मेरी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसका गलत इस्तेमाल किया गया है। इससे पहले भी मेरे साथ एक ऐसी घटना हुई थी जिसके खिलाफ मैंने दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई लेकिन मेरी फोटो का गलत तरीके से इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई लेकिन आज जब किसी वेरिफाइड अकाउंट को मेरी तस्वीर शेयर करते हुए देखा तो यह बहुत ही हैरान कर देने वाला था।

इसमें सबसे हैरान कर देने वाली बात तो यह थी उन्हें बता दिया गया था कि यह तस्वीर मॉर्फ्ड है बावजूद इसके पाकिस्तान डिफेंस के अकाउंट ने इसे अपने अकाउंट से नहीं हटाया।


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पुर्तगाली तट पर मिली एक शार्क ने दुनिया भर के वैज्ञानिकों को हैरत में डाल दिया है. बताया जा रहा है कि 80 मिलियन यानि, 8 करोड़ साल पुरानी शार्क उस समय की है, जब धरती पर Tyrannosaurus Rex और Triceratops हुआ करते थे.
1.5 मीटर लंबी और पतली इस मेल शार्क की शारीरिक बनावट बिल्कुल सांप की तरह है. शार्क की आश्चर्चजनक तस्वीर 701 मीटर गहरे पानी के अंदर से ली गई है. शोधकर्ताओं ने इसे Chlamydoselachus Anguineus नाम दिया है. समुद्री शार्क के शरीर पर 25 गहरी लाइनें भी देखी जा सकती हैं. बताया जा रहा है कि डायनासोर के काल की इस शार्क के Gills के 6 पेयर हैं, साथ ही समुद्र आवास में पोषक तत्वों की कमी होने के ज़्यादातर प्राणी अश्वेत पाए गए.




The Portuguese Institute For The Sea And Atmosphere के वैज्ञानिक इसे ‘जीवित जीवाश्म’ बता रहे हैं. इसके साथ ही इस खोज को जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में पाए जाने वाले शार्क की सूची में भी शामिल किया गया है.


Image Source :  nshcs


शोधकर्ताओं की मानें, तो समुद्री सतह से 390 नीचे और 4200 फ़ीट गहरे पानी में रहने के कारण, 19वीं सदी तक इस जीव को खोजा नहीं जा सका था.
Source : indianexpress

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अंतरिक्ष एक ऐसा विषय है जिसको हर कोई पढ़ना और समझना चाहता है. अंतरिक्ष का माहौल कैसा होता होगा, वहां जाने वाले अंतरिक्ष यात्री कैसे क्या करते होंगे, वहां का वातावरण कैसा होता होगा आदि कई तरह के सवाल हमारे और आपके ज़हन में आती रहते हैं. ऐसा ही एक बड़ा सवाल है कि स्पेस की आवाज़ कैसी होती होगी? तो इस सवाल का जवाब भी NASA हमारे लिए ले आया है.


Source: metro

NASA ने ‘Space Sounds’ एक ऑडियो क्लिप रिलीज़ की है, जो हमारे सोलर सिस्टम में रिकॉर्ड की गई है. ये आवाज़ बिलकुल ऐसी प्रतीत होती है जैसे कि वहां पर कोई बहुत, बहुत, बहुत ज़्यादा गुस्सा है. ऐसा लगता है मानो अंतरिक्ष रूपी राक्षस के पैर के अंगूठे पर कोई भारी चीज़ गिरा दी हो.
लेकिन जब तक आप इन आवाज़ों की गहराई को समझ पाएं, हम आपको बता देते हैं कि ये आवाज़ें हैलोवीन से पहले रिलीज़ की गई हैं. इन ध्वनि तरंगों को रेडियो उत्सर्जन को ध्वनि में परिवर्तित किया गया है. इसीलिए जब ये डरावनी आवाज़ें आती हैं, वो पारंपरिक अर्थों में ध्वनि नहीं होती हैं, बल्कि ‘Roaring’ Planets से निकलने वाली रेडियो वेव्ज़ का ऑडियो रिप्रज़ेंटेशन होता है, जो बहुत ही डरावनी ध्वनि निकालता है और मन में एक डर पैदा करता है.
यहां सुनिए ये आवाज़ें.


NASA के अनुसार, ‘Plasma Waves, ऐसी लगती हैं जैसे मानो समुद्र दहाड़ रहा हो, और ये Rhythmic Cacophony बनाता है. NASA के वैन एलेन प्रोब्सेज़ पर EMFISIS उपकरण के साथ – हम इन आवाज़ों को हर जगह पर सुन सकते हैं. वहीं दूसरी रिकॉर्डिंग में शनि और बृहस्पति जैसे ग्रहों की आवाज़ें शामिल हैं.’
इसके साथ ही NASA ने कहा, ‘शनि ग्रह तीव्र रेडियो उत्सर्जन का एक स्रोत है, जिसकी निगरानी कैसिनी अंतरिक्ष यान द्वारा की गई थी. रेडियो वेव्ज़ का गहरा सम्बन्ध Auroras के पास स्थित ग्रहों के पोल से होता है. ये Auroras धरती की उत्तरी और दक्षिणी लाइट्स के सामान ही होता है.’
Feature Image Source: staticSource: metro

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विभिन्न सुविधाए देना वाला स्मार्ट फ़ोन अब  एचआईवी संक्रमित रोगियों को भी पहचान पाएगा।अब स्मार्टफोन के जरिए हम ये  भी पता लगा पाएंगे कि कौन सा व्यक्ति एचआईवी संक्रमित है और कौन नहीं। वैज्ञानिकों द्वारा  अनोखी स्मार्टफोन  जांच पद्धति विकसित की गई  है जिसमें मात्र कुछ ही  सेकेंड में  एचआईवी संक्रमित रोगियों का पता लगाया जा सकता है । ब्रिटेन में सर्ररे विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विंस एमेरी ने कहा कि अब जल्द ही यूजर्स अपने रक्त की केवल एक बूंद से एचआईवी का पता लगा पाएंगे। एचआईवी के अलावा इस पद्धति के जरिए जीका और इबोला वायरस की पहचान भी की जा सकती है।इन खतरनाक बीमारियों को  उनके बढ़ने से पहले ही पहचान लिया जाएगा।

पद्धति कैसे करेगी काम?  यहाँ जाने ।

इस टेस्ट में Surface acoustic wave (HAW) बायोचिप्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह स्मार्टफोन में पाये जाने वाले माइक्रोइलेक्ट्रोनिक घटकों पर आधारित होता है। एचआईवी के मौजूदा टेस्ट की प्रक्रिया में कॉम्पलैक्स एनालिसिस टूल्स की जरुर होती है। इसके रिजल्ट्स के लिए भी काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में यह पद्धति लोगों को पहले से ही बीमारी जांचने और उसका इलाज करने में मदद करेगी।

जानें अन्य किन चीज़ो का पता लगा सकती है स्मार्टफ़ोन|

गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद अनेक एप्स द्वारा यूजर्स हार्ट बीट रेट, ब्लड प्रेशर, शुगर आदि का पता लगाया जा सकता है। 

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दुनिया के कई देशों में बच्चे 48 घंटों के लिए अपने घरों से गायब हो रहे हैं और इसकी वजह भी अजीब है. बच्चे फेसबुक के एक नए चैलेंज को पूरा करने के लिए 48 घंटों के लिए घरों से गायब रहे हैं. इस घटना ने बच्चों के पैरेंट्स की चिंता बढ़ा दी है.

वायरल हो रहे इस चैलेंज का नाम '48 आवर चैलेंज' है. इस चैलेंज में बच्चे जितनी देरी तक छिपे रहते हैं और सोशल मीडिया पर उनका जितना अधिक जिक्र होता है, उन्हें उतना ऊंचा स्कोर मिलता है.

पैरेंट्स की चिंता बढ़ा रहा यह चैलेंज गेम
इस चैलेंज के तहत घर से गायब हुए एक बच्चे की मां ने बताया, "जैसे ही हमें उसके गायब होने का पता चला, हमारे दिमाग में कई तरह की आंशकाएं घर कर गईं. हमें लगा कि कहीं उसके साथ कुछ बुरा तो नहीं हो गया है. किसी ने उसे किडनैप तो नहीं कर लिया या उसके साथ कोई हादसा तो नहीं हो गया." उन्होंने कहा कि अगर यह सोशल मीडिया पर चल रहा कोई खराब गेम है, तो यह पैरेंट्स की चिंता बढ़ा रहा है.

सोशल मीडिया पर बढ़ रहा ऐसे गेम्स का चलन
सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड दो साल बाद लौटा है. इससे पहले, 72 आवर चैलेंज वायरल हुआ था और इसने दुनिया भर के पैरेंट्स की चिंता बढ़ा दी थी. हालिया सालों में फेसबुक और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर टीनएजर्स के लिए ऐसे खतरनाक और अपरिपक्व गेम का चलन बढ़ा है. पिछले दिनों डक्ट टेप चैलेंज भी सुर्खियों में रहा था. इस चैलेंज में एक बच्चा दूसरे बच्चे को टेप से पूरी तरह से बांध देता था और इसके बाद वह बच्चा टेप की जकड़ से बाहर निकलने की कोशिश करता है. इस चैलेंज में वॉशिंगटन के एक बच्चे की आंख को नुकसान पहुंचा था और उसकी आंखों की रोशनी चली गई थी.

अजब-गजब चैलेंज
इससे पहले, सोशल मीडिया पर सिनामन (दालचीनी) चैलेंज वायरल हुआ था, जिसमें लोग एक चम्मच दालचीनी पाउडर खाने की कोशिश करते हैं. हालांकि, इससे जुड़े वीडियोज काफी फनी थे, लेकिन डॉक्टरों ने चेताया था कि ऐसा चैलेंज आपके फेफड़ों को काफी नुकसान पहुंच सकता है. इसी तरह, साल्ट और आइस चैलेंज भी पॉपुलर रहा, जिसमें लोग एक ही मुठ्ठी में नमक और बर्फ को रखते थे और जो इसे जितने अधिक समय तक मुठ्ठी में रख पाता था, वहीं विजेता होता था.


नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद से ही रिजर्व बैंक नए नोट लेकर आ रही है। हाल ही में 200 रुपए का नया नोट जारी करने के बाद अब 100 और 5 रुपए के नए नोट को लेकर खबरें आने लगी हैं। पिछले दिनों 100 के नोट की तस्वीर सामने आने के बाद अब पांच रुपए के नोट की तस्वीर सोशल मीडिया में तेजी से शेयर की जा रही है।
5 रुपए के नए नोट की जो तस्वीर वायरल हो रही है वो पीले रंग की है और बिलकुल 200 रुपए के नए नोट की तरह नजर आ रही है। इस पर गंधी जी की तस्वीर के अलावा रिजर्व बैंक लिखा है साथ ही इसका सीरीज नबंर 7AL 002285 भी छपा है। लोग इस नोट के असली होने का दावा कर रहे हैं।
यह है सच्चाई
अब बात करें इस नोट के असली या नकली होने की तो आपको बता दें कि जो तस्वीर वायरल हो रही है वो पूरी तरह से फर्जी है। यह नोट पांच रुपए का नहीं बल्कि 50 रुपए का है जो हाल ही में बाजार में आया है। तस्वीर को ठीक से देखने पर नजर आता है कि अंकों में जहा 50 रुपए लिखा है वहां से 5 की पीछे से शुन्य को मिटा दिया गया है।
इस कोशिश में हिंदी में लिखे 50 अंक का 5 भी हल्का सा धुंधला हो गया है। और सबसे महत्वपूर्ण बात की नोट में सबसे ऊपर साफ-साफ हिंदी में पचास रुपए लिखा हुआ है। दरअसल बनाने वाले ने बड़ी सफाई से 50 के नोट से शुन्य हटाया है और इस नोट का रंग बदलकर पीला कर दिया है।

दिल्ली और आस-पास के इलाक़ों में चोटी कटवा ने खूब आतंक मचाया. अब चोटी काटने की ख़बरें कश्मीर से भी आने लगी हैं. इसके पीछे किसका हाथ है, इसका जवाब हर किसी के लिए अलग है. अलगाववादी नेताओं और लोगों का कहना है कि ये सुरक्षा बालों की ही साज़िश है.
सितम्बर में कश्मीर घाटी से चोटी काटने की पहली ख़बर आई थी. अलगाववादियों ने इन घटनाओ के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को ज़िम्मेदार ठहराया है. अब तक कश्मीर में 35 और जम्मू में 192 औरतों की चोटी काटी जा चुकी है.
2 अक्टूबर को आतंकवादी समूह हिजबुल मुजाहेदीन के रियाज़ नाइकू ने एक ऑडियो बयान जारी किया, जिसमें कहा गया था कि चोटी काटने की वारदातें अलगाववादी आंदोलन को कमज़ोर करने के लिए हो रही हैं.

नाइकू के अनुसार, पिछले दो महीनों में ये आन्दोलन तेज़ हुआ था, लोगों को इससे भटकाने के लिए ये एक सोची-समझी साज़िश है. पुलिस और सुरक्षा बल इसके लिए आपस में मिले हुए हैं. इसका इल्ज़ाम उसने RSS पर भी रखा है. जब कुलगाम में एक चोटी कटवा पकड़ा गया था, तो सुरक्षा बलों ने लोगों पर फ़ायरिंग की थी, ताकि वो भाग सकें. इससे साफ़ हो जाता है कि इसमें किसका हाथ है.
उसने लोगों से दरख्वास्त की है कि खुद ही चोटी काटने वालों को पकड़ें और उनसे पूछताछ करें. उन्हें पुलिस को न सौंपे और खुद ही उन्हें सज़ा दें, ताकि ऐसा करने वालों को सबक मिल सके.
उसने यहां तक कहा कि वो महिलाओं को इन घटनाओं से बचाने के लिए जान तक दे सकता है. उसने कहा कि अगर बहनों और माओं को बचाते हुए उसकी जान कुर्बान हो जाये, तो भी कोई गम नहीं है. उसने महिलाओं को सुरक्षा के लिए पूरे कपड़े पहनने की और बाहर अकेले न जाने की हिदायत दी है.
पुलिस का कहना है कि अब तक इस केस में कोई भी संदिग्ध नहीं पकड़ा गया है. ये घटनाएं ज़्यादातर ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के साथ हुई हैं.
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने पुलिस महानिदेशक शेष पॉल वैद से हर ज़िले में इन घटनाओं को रोकने के लिए ख़ास टीम का गठन करने के लिए कहा है. चोटी काटने वालों को पकड़ने के लिए 6 लाख का इनाम भी रखा गया है.

वैद का कहना है कि अलगाववादी समूह इन घटनाओं को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ये घटनाएं वैसी ही हैं, जैसी देश के बाकी हिस्सों में हुई थीं.
सोशल मीडिया पर ज़्यादातर लोगों की बात अलगाववादी समूहों की बात से मेल खाती है. धार्मिक संगठन जमात-ए-इस्लामी ने भी चोटी काटने की घटनाओं को गहरी साज़िश बताया है और कहा है कि ये आज़ादी के संघर्ष को रोकने के लिए हो रहा है.
वैद ने बताया कि बारामुल्ला से पकड़ा गया एक चोटी कटवा सोपोर का रहने वाला था और लड़की से प्रेम करता था. सुरक्षा बलों के पास चोटी काटने की कोई वजह नहीं है. वो लड़का लड़की से मिलने आया था और लोगों ने उसे छोटी कटवा समझ कर बुरी तरह पीट डाला. लोग इसी तरह कई लोगों को चोटी कटवा होने के शक़ में पीट चुके हैं.

Source: Scroll 
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