रिश्ते यूं तो ज़िंदगी में सबसे अहम होते हैं लेकिन कई बार कुछ रिश्ते आपको अंदर से तोड़ देते हैं. समाज या फर्ज के नाम पर ऐसे रिश्तों को ढोकर आप दूसरे खूबसूरत रिश्तों के साथ भी दगा करते हैं. जो रिश्ता आपके भीतर नकारात्मकता भरे, उससे दूरी बनाना ही बेहतर है. जानें, किस तरह के कदम इसमें आपकी मदद कर सकते हैं.
*सबसे पहले ऐसे रिश्ते को पहचानें, जो आपको भीतर ही भीतर नकारात्मक बना रहे हैं. पहचान के बाद अगला चरण है इसे स्वीकार करना. रिश्ता अगर बहुत अजीज है तो उससे दूरी की बात सोचना भी आपके लिए बेहद मुश्किल हो सकता है. ये कोई अजीब बात नहीं. खुद को सुपरपावर न मानें और वक्त लें.
*अगर रिश्ते में बंधे रहना आपकी आजादी और आपकी सोच पर असर डाल रहा हो, तो दूरी जितनी जल्दी बना लें, उतना अच्छा है. इससे आपके सपनों को पूरा करने के लिए आपको वक्त मिलेगा. साथ ही दूसरी जिम्मेदारियां भी ठीक से निभा सकेंगे.
*कई बार एक ही रिश्ता आपका सारा वक्त और सारी ऊर्जा ले लेता है. अगर वो व्यक्ति बीमार या बच्चा या किसी और जरूरत में नहीं है तो उससे सीधी बात करें. बताएं कि आप रिश्ते में रहते हुए कैसा महसूस कर रहे हैं और उससे हल पर बात करें.
*हो सकता है कि अलग होने की प्रक्रिया में आपको या आपके साथी को बहुत तकलीफ हो. इसके लिए काउंसलर की मदद ली जा सकती है. दोस्त या परिवार भी इस दौर से उबरने में कापी मदद कर सकते हैं.
*एक रिश्ते से बाहर निकलकर ऐसे ही किसी दूसरे रिश्ते के ट्रैप में न फंसे. कई बार ऐसा होता है कि एक टूटे रिश्ते का दर्द हमें किसी ऐसे इंसान से जोड़ देता है, जो सही नहीं होता. इससे बचें. अपने शौक और काम को वक्त दें.
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