आचार्य चाणक्य ने कुछ बातें ऐसी बताई हैं जो किसी को भी बतानी नहीं चाहिए।

चाणक्य नीति के महान पंडित आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में अपने जीवन के महान अनुभवों को साझा किया है. इसमें उन्होंने जीवन को सही तरीके से जीने के कई महत्वपूर्ण बातें शेयर की है. आचार्य चाणक्य को आज भारतीय इतिहास के महान विद्वानों में स्थान दिया जाता है.
आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में लिखा है की हमें कभी भी जीवन में चार बातें किसी को बतानी नहीं चाहिए. आइये पढ़े आचार्य चाणक्य की चाणक्य नीति से – कभी भी ये 4 बातें किसी को नही बतानी चाहिए !
अर्थनाशं मनस्तापं गृहिणीचरितानि च।
नीचवाक्यं चाऽपमानं मतिमान्न प्रकाशयेत्।।
ज़िन्दगी में अपमान –
आचार्य चाणक्य कहते है की हमें अपने जीवन में हुए अपमान को कभी भी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए. जीवन में कई बार हमारे साथ ऐसी घटनाएँ घट जाती है जब हमारा मजाक बन जाता है. अगर आपका कभी भी जीवन में अपमान हुआ है तो उसे हमेशा गुप्त ही रखे.
अगर आप उसे अन्य लोगो को बताओगे तो वह आपका मजाक ही बनायेंगे और आप पर हँसेंगे. बहुत कम लोग ऐसे होते है जो हमारी ज़िन्दगी में कद्र करते है, अधिकतर लोग तो एक – दूसरे से ईर्ष्या करते रहते है.
इसलिए अपने जीवन में हुई अपमानजनक घटनाओ को खुद के सिवा किसी और को नहीं बताना चाहिए. हमें अपने सुखद जीवन व अच्छाई को दूसरे तक पहुँचाना चहिये न की अपने बुरे समय के अपमान को. इसलिए अपने जीवन में याद रखे की कभी भी अपनी पोल खुद ही मत खोले और अपने अपमान को एक सपना समझ कर भूल जाए.
घर – परिवार की गुप्त बाते –
अधिकतर घरो में इसलिए फूट नहीं पड़ती की उन्होंने आपस में झगड़ा किया हो बल्कि हमेशा बाहर वाला ही घर में झगड़ा पैदा करता है. कहने का मतलब यह है की जब हम अपने घर की बातें बाहरी लोगो को बताने लग जाते है तो हमारे घर की छोटी से छोटी बात बाहर वालो को पता लगने लग जाती है.
वे हमारे घर के राज को जान जाते है. जिसका फायदा बाहरी लोग उठाते है और षड्यंत्र करके घर में क्लेश पैदा करते है. कभी भी घर की बात बाहरी लोगो से कहने से बचे. विशेषकर किसी व्यक्ति द्वारा अपने पत्नी के चरित्र की बातें कभी भी किसी इंसान से शेयर नहीं करनी चहिये क्योंकि पत्नी का सीधा सम्बन्ध पति के साथ होता है. और पत्नी के अपमान का मतलब है पति का अपमान.
इसलिए अगर पत्नी भले ही कैसी भी क्यों न हो. उसकी बातें समाज में करने से हमेशा बचे. इससे आप कई problems से दूर रहोगे.
मन का दुःख –
यह समस्या बहुत लोगो की होती है की वे अपनी छोटी – छोटी problems को भी हर किसी को बताने लग जाते है. क्या ऐसा करना सही होता है. अपने मन की दुःख, तकलीफे और दर्द दूसरे को बताकर हम अपना बहुत बड़ा नुकसान करते है.
दूसरे लोगो के पास इतना time नहीं होता की वह आपके दुःख – दर्द को समझे. अधिकतर लोगआपके सामने आपको सांत्वना तो देंगे पर आपके जाने के बाद आपका मजाक बनाने लग जायेंगे.
हर किसी के सामने अपने दुखो का बखान मत करते रहे. अपने मन के दुःख और तकलीफों को सिर्फ उन्ही लोगो को बताये जो आपके बहुत करीबी होते है और जिनपर आपको विश्वास होता है.
हर दोस्त या रिश्तेदार के साथ अपनी राम – कहानी शुरू न करे. यह आपका दुःख कम करने के बदले और अधिक बढ़ा देगा. ऐसे कभी भी दुःख कम नहीं होता बल्कि अपने दुःख को जानकर उसे दूर करने की सोचे. अपने problems का solution निकाले.
धन की हानि –
जीवन में कई बार ऐसा मौका आ जाता है जब हमें पैसो को तंगहाली हो जाती है. हम अपने धन – दौलत से हाथ धो बैठते है. पैसो की कमी के कारण हमारा moral एकदम घट जाता है और हम खुद को कंगाल महसूस करने लग जाते है. ऐसे में कभी भी अपने कंगाली हालत को दूसरे लोगो से बोलने से बचे.
अपने खोये हुए धन की अगर आप हर जगह चर्चा करोगे तो लोग आपका मजाक बनाने लग जायेंगे आपकी मदद करना तो दूर की बात है.
आजकल की दुनिया में ऐसे इंसान की कोई help नहीं करना चाहता जिसके पास धन – दौलत नहीं होती है. जब भी आपके साथ ऐसे हालात हो जाये तो खुद को मजबूत बनाये और ऐसे हालात से निकलने की सोचे. धन की हानि हो जाने से सबकुछ खत्म नहीं हो जाता. अपनी पॉवर और खुद पर भरोसा रखे.
यह दुनिया बदलती रहती है और दुःख – सुख लगा रहता है. इसलिए अपना सम्मान करे और दूसरे लोगो को अपनी इन बातो को बताने से बचे.
दोस्तों ! इस आर्टिकल में हमने आपके साथ चाणक्य नीति की चार बहुमूल्य बातें शेयर की. इन टिप्स को आप पढ़े और अपने जीवन में अपनाये. जीवन में गुप्त रखने वाली इन बातो को आप कभी भी किसी को न बताये. ऐसा करने पर आप ज़िन्दगी में हमेशा खुश रहोगे और आपके जीवन में खुशहाली आएगी.
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