आखिरकार PM मोदी ने भी ली राजस्थान की सुध, बाढ़ से मरने वालों को दो-दो लाख देने की घोषणा


पीएम मोदी ने राजस्थान में बाढ़ से मरने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपय की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान में बाढ़ से मरने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपय की सहायता राशि देने की घोषणा की है। 


पीएम मोदी ने राजस्थान के साथ ही असम में बाढ़ के कारण घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपय की राहत देने की घोषणा की है। 

दोनों ही राज्यों में हाल में आई बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। इससे पहले पीएम मोदी गुजरात में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए पिछले सप्ताह राज्य के दौरे पर गए थे।

...इधर सीएम निकली प्रभावित क्षेत्रों का जायज़ा लेने 
प्रदेश के कई हिस्सों में बरसात का दौर लगातार जारी है।  इस बीच मुख्यमंत्री बाढग्रस्त ज़िलों के दौरे पर आज सुबह जयपुर से रवाना हुईं। सीएम हैलीकॉप्टर से पाली, सिरोही, जालोर और बाडमेर जिलों में हवाई सर्वेक्षण करेंगी। मुख्यमंत्री के साथ आपदा प्रबंधन सचिव हेमंत गेरा समेत आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। 

सीएम सबसे पहले जालोर पहुंची जहां उन्होंने सांकरणा पुलिया का दौरा किया और अब तक हुए बाढ़ बचाव और आपदा राहत के कार्यों की समीक्षा की। जालौर दौरे पर पहुंची मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ली। 

मुख्यमंत्री ने अब तक हुए बाढ़ बचाओ और आपदा राहत कार्यों की समीक्षा की है और जिला कलेक्टर को सहन करना पुलिया के शीघ्र मरम्मत और जिले के अन्य सभी मार्गों की तत्काल मरम्मत करके जनता को राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। 

सुबह करीब 11:40 पर जालौर पहुंची सीएम ने जालौर के समीप प्रसन्न करना पुलिया का निरीक्षण किया और उसे तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए।
वहीं प्रभावित जिलों के कलक्टर, विधायक व प्रभारी मंत्री भी बाढ प्रभावित जिलों में लगातार दौरे कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे है। 


इधर, बाढ प्रभावित जिलों में राहत पहुंचाने के लिए सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक होगी जिसमें बाढ से हुए नुकसान का आंकलन कर केन्द्र सरकार को राहत पैकेज देने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।

पायलट का भी दो दिन तक दौरे का कार्यक्रम 
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट भी आज से दो दिन जोधपुर, जालोर एवं सिरोही जिलों के दौरे पर रहेंगे। यहां पर वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। मंगलवार को रानीवाड़ा, भीनमाल, सिरोही पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

संकट बरकरार, कई लोग अब भी फंसे 
बाड़मेर जिले में बीस घंटे से बारिश का भय थमा तो नदी का डर अब कई गांवों के लिए संकट बन गया है। जवाई बांध के गेट खोलने और लूणी नदी का बहाव तेज होने से बालोतरा, सिणधरी, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना क्षेत्र के करीब तीस से अधिक गांवों के घिरने की आशंका है। जिसके चलते करीब 15 हजार लोग मुश्किल में फंसे हैं।


प्रशासनिक अमला अभी  नदी की वजह से बंद हुए रास्तों से लोगों को निकालने में जुटा है। लोग जगह-जगह फंसे हुए है, लेकिन 70 प्रतिशत ग्रामीणों ने गांव नहीं छोड़ा है। जिले में बालोतरा में लूणी नदी का बहाव रविवार को चार फीट बढ़ गया। सिणधरी में नदी बारह फीट के उफान पर है। शनिवार रात को 90 के करीब लोगों को गुड़ामालानी में निकाला। 29 लोगों को रविवार को गादेवी में रेस्क्यू किया गया। उधर कवास में बारिश कम होने से फिलहाल संकट टल गया है, लेकिन ग्रामीणों का अभी वहां से निकाला जा रहा है। 

जवाई के तीन गेट से अब भी निकासी
पाली जिले में पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहा बरसात का दौर रविवार को थम गया। उधर सुमेरपुर क्षेत्र में स्थित जवाईबांध के तीन गेट से अब भी पानी की निकासी की जा रही है। इस बीच रविवार को लाखोटिया तालाब व लोर्डिया बांध ओवरफ्लो  होने से पाली शहर की 10से अधिक कॉलोनियों में पानी भर गया।


जालोर : सात उपखंडों में बाढ़
जालोर में बारिश कम होने के बावजूद जिले के सातों उपखंड क्षेत्रों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। जिले में अब तक दस मौतें हुई हैं और पांच सौ को रेस्क्यू किया गया है। जालोर शहर में करीब एक हजार लोगों ने सार्वजनिक जगहों पर शरण ले रखी है। जिले में करीब 80 फीसदी फसल खराब होने का अनुमान है। नर्मदा मुख्य नहर 25 जगह से टूट चुकी है। जिले के पांच बांध ओवरफ्लो हैं।


15,000 लोगों पर अभी भी संकट बाड़मेर जिले में
433 मिमी बारिश हुई अब तक बाड़मेर जिले में

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