वैसे तो हमारे भारत में अनेक ऐसी जगह है जो अपनी प्राकृतिक सौंदर्य की अद्भुत छटा से सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसी तरह की एक जगह है जो वर्षा के समय में अपनी अद्भुत छटा से जानी जाती है और वो जगह है महाराष्ट्र में बसा एक छोटा सा हिल स्टेशन लोनावला।सुंदर झील और झरनों के लिए मशहूर इस शहर के नजारे टूरिस्टों का दिल जीत लेते है।
जहां पर जाकर स्वर्ग जैसा अनुभव होता है। हरी-भरी पहाड़ियों से घिरा लोनावला की सुंदता को देख कर लगता है कि मानों धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। चारों ओर हरियाली के बीच कल-कल करते झरने मानों अपनी मस्ती का गीत गाते चल रहे हों। उन्हीं के बीच बैठे रंग बिरंगे पक्षी उनकी ताल पे ताल मिलाते उनका साथ देते दिख जाते है। पुणे से लगभग 64 किमी तथा मुंबई से 96 किमी दूरी पर बसा ये शहर एक अच्छे वीकेंड के लिए सभी को बाहें फैलाए खींचता है।
दूर-दूर तक पहाड़, झील, झरने को देखने के अलावा यहां पर घूमने लायक और भी नजारे हैं। ट्रैकिंग के लिए पहाड़ पर चढ़ने की सुविधा दी गई है। ट्रैकिंग के दौरान पहाड़ों को चीरते हुये वहां की सुंदरता का लुफ्त उठाना कुछ अलग सा अनुभव देता है।यहां पर लोनावला झील, के अलावा लोहागढ़ फोर्ट, रईवुड पार्क, बुशी डैम, कारला केव्स, राजमची पाइंट, जैसा और भी जगह है जहां पर पहुंचकर आप अलग अलग जगहों का अच्छा अनुभव प्राप्त कर सकते है। यह जगह अपने परिवार के साथ या दोस्तों के साथ घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह मानी जाती है।
राजमची पाइंट
खूबसूरत वादियों के बीच बसा राजमची लोनावला से लगभग 6 किमी की दूरी पर स्थित है। इसका यह नाम यहां के गांव राजमची के कारण पड़ा है। इसकी ओर चले आने का कारण यहां की सुंदरता के साथ अट्रैक्शन का केन्द्रबिंदू है शिवाजी का किला और राजमची वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी है।
रईवुड पार्क
यहां का नजारा पूरी तरह से हरियाली से भरा हुआ है। चारों ओर पेड़ पौधे के साथ हरी भरी घासें की प्राकृतिक छठा देखते ही बनती है। जो सभी का मन मोह ले और यह अपनी ओर आकर्षित करती है। तभी तो दूर-दूर के लोग यहां पर आकर इस नजारें का पूरा लुफ्त उठाते है। यहां पर बड़ों से लेकर बूढ़े भी खूब मस्ती कर वादियों का लुफ्त उठाते है।
लोहागढ़ किला
लोनावला से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लोहागढ़ किला देखने योग्य स्थान है। इस किले की दिवारों से लेकर इसकी बनावट से हमें इतिहास में छिपे सारे पन्ने सामने की ओर खुलते नजर आने लगते है। जो अपनी ओर खींचती ही प्रतीत होती है। यह किले को शिवाजी का युद्धस्थल कहा जाता है। इसके अलावा इस किले के कैदियों को बंद करने के लिए विशाल चट्टान पर स्थित कैदखानों में लोहे के दरवाजे लगाए गए थे।
बुशी डैम
लोनावला से सबसे नजदीक मात्र 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है बुशी डैम। यह एक प्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट है। बरसात के दिनों में जब यहां पर पानी लबालब भर जाता है तो यहां की सुंदरता का नाजारा देखने लायक होता है। जिसे देखने को लिए यहां भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।
जाने का समय
लोनावला में झरनों या झीलों के हिसाब से बरसात के मौसम में आना सही है, पर इसके प्राकृतिक नजारों को देखने की बात करें तो इसके लिए मार्च से अक्टूबर के बीच का महिना काफी अच्छा होता है। क्योंकि इन दिनों का मौसम काफी सुहावना रहता है। जिससे आपका मजा कई गुना बढ़ जाता है।
यहां की पंसदीदा चीजें
वैसे तो लोनावला चिक्की के लिए काफी मशहूर है। यहां पर अखरोट, पिस्ता, काजू, बादाम, मूंगफली, तिल और मेवों के साथ शक्कर या गुड़ को मिलाकर बनाई जाने वाली चिक्की काफी स्वादिष्ट होती है और यहां का फज भी बहुत फेमस हैं। लोनवला की यादों को समेटने के लिए आप यहां की प्रसिद्ध चीजें जैसे – मैंगो फज, चिक्की और चॉकलेट अपने साथ ले जा सकते हैं।
पहुंचने का तरीका
मुंबई से लोनावला तक जाने की दूरी 96 किमी की है। लोनावला तक पहुंचने के लिए वहां का सबसे नजदीक का रेलवे स्टेशन लोनावला तथा नजदीक का हवाई अड्डा पुणे है। मुंबई और पुणे पहुंचने के लिए आप सड़क मार्ग का सहारा लेकर भी लोनावला जा सकते हैं।