क्रिप्टो करेंसी bitcoin को लेकर निवेशकों में भले ही उत्साह बरकरार हो। लेकिन इजराइल के केंद्रीय बैंक ने इसे जोर का झटका दिया है। इजराइल ने इसे करेंसी मानने से इनकार कर दिया है।
करेंसी नहीं सिर्फ संपत्ति
इजराइल के केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर नदाइन वाउदोत ट्राजटेनबर्ग ने वित्तीय मामलों की संसदीय समिति के सामने कहा है कि bitcoin को बैंक करेंसी नहीं केवल एक वित्तीय संपत्ति मानता है। ट्राजटेनबर्ग ने कहा कि कुछ ग्राहकों की ओर से यह शिकायत आई थी कि bitcoin खरीदने के लिए खाता से पैसा ट्रांसफर नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक जब इसे करेंसी नहीं मानता तो राशि ट्रांसफर करना बेहद पेचीदा मामला है।
पूंजी डूबने पर जिम्मेदार होंगे निवेशक
ट्राजटेनबर्ग ने यह भी कहा कि bitcoin के दाम में हाल के दिनों में काफी तेज उतार-चढ़ाव आया है। ऐसे में इसके लेनदेन को लेकर मानक बनाना केंद्रीय बैंक के लिए बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में bitcoin में निवेश डूबने पर केंद्रीय बैंक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी और निवेशक खुद इसके लिए जिम्मेदार होंगे। ट्राजटेनबर्ग ने कहा कि अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों ने भी इसे मान्यता नहीं दी है।
एक माह में 25 फीसदी गिरे भाव
bitcoin की कीमत दिसंबर में 20 हजार डॉलर के करीब पहुंच गई थी। लेकिन तेज उतार-चढ़ाव में एक समय यह टूटकर 12,000 डॉलर के करीब आ गया था। सोमवार को इसका भाव 15,000 डॉलर के करीब था।
रिजर्व बैंक भी दे चुका है चेतावनी
bitcoin और अन्य क्रिप्टो करेंसी को लेकर रिजर्व बैंक वर्ष 2013 से ही निवेशकों को अगाह करता रहा है। आरबीआई यह कह चुका है कि देश में इसको मान्यता नहीं है और ऐसे में इसमें कमाई डूबने पर निवेशक खुद जिम्मेदार होंगे। दिसंबर में देश में आयकर विभाग ने कई bitcoin एक्सचेंजो पर छापा भी मारा था।
क्या है bitcoin
यह एक क्रिप्टो करेंसी (आभाषी मुद्रा) है। इसकी खरीद-बिक्री इंटरनेट के जरिये आईडी-पासवर्ड के जरिये की जाती है। इसे किसी भी करेंसी में नहीं बदला जा सकता है। आईडी-पासवर्ड भूल जाने या हैक होने पर पूंजी डूबने का भी खतरा है।
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