नई दिल्ली : भारत और चीन के बीच पिछले दो महीनों से तनाव चल रहा है. चीन युद्ध की धमकियां तो देता रहा है लेकिन अभी तक भारत का कुछ बिगाड़ नहीं पाया था. हालांकि अब एक ऐसी सनसनीखेज और डराने वाली खबर सामने आयी है, जिस देख भारत सरकार तक के कान खड़े हो गए हैं. खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गयी हैं. देश के लाखों लोगों की सुरक्षा दांव पर लग चुकी है.
आपकी जानकारियां चुरा रहा है चीन !
दरअसल सस्ते के चक्कर में देश में बिक रहे लाखों चाइनीज स्मार्टफोन के लेकर खुफिया अलर्ट आया है, जिसने खतरे की घंटी बजा दी है. ऐसी जानकारी सामने आई है कि चीनी कंपनियों के फोन ग्राहकों के पर्सनल डाटा को चीन की एजेंसियों तक पहुंचा रहे हैं. इसका मतलब है कि यदि आप चाइनीज फोन इस्तमाल करते हैं तो हो सकता है कि आपका फोन आपकी बैंक डिटेल से लेकर आपकी बेहद निजी फोटोज तक चोरी-चुपके चीनी एजेंसियों तक भेज रहा हो.
अलर्ट इतना गंभीर है कि इसके मिलते ही आनन्-फानन में केंद्रीय टेलीकॉम और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक हाईलेवल बैठक बुलाई, जिसमें फैसला लिया गया कि भारत में व्यापार कर रही सभी मोबाइल कंपनियों को अपने फोन की सिक्योरिटी की जानकारी भारत सरकार को उपलब्ध करवानी होगी. सरकार द्वारा इनकी कड़ी जांच की जायेगी.

गंभीर खतरे का मिला है अलर्ट !
कुल 21 फोन कंपनियों को सरकार ने नोटिस भिजवाए हैं. खुफिया अलर्ट के मुताबिक़ चीन की कुछ कंपनियों के फोन ग्राहकों की कॉन्टैक्ट लिस्ट, मैसेज लोकेशन और ऐसी तमाम जरूरी और निजी जानकारियां चीन भेज रहे हैं. आजकल ज्यादातर ग्राहक अपना मोबाईल नंबर अपने बैंक अकाउंट के साथ भी लिंक रखते हैं. कई लोग तो फोन में बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां भी रखते हैं.

ऐसे में इसे एक काफी बड़ा ख़तरा बताया जा रहा है. सुरक्षा मानक पूरा न करने के चलते चीन के अलावा कई अन्य देशों की मोबाईल कंपनियों को भी नोटिस भेजे गए हैं. इसके अलावा कुछ भारतीय कंपनियों जैसे माइक्रोमैक्स, लावा और कार्बन इत्यादि को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है. हालांकि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक़ सबसे ज्यादा ख़तरा चीनी फोन कंपनियों से ही है.
भारतीय सेना अधिकारियों ने चीनी फोन रखना किया बंद !
इससे पहले चीनी मोबाइल कंपनी श्याओमी के बारे में भी खबर आयी थी कि ये फोन ग्राहकों के पर्सनल डेटा किसी थर्ड पार्टी एजेंसी को भेज रहे हैं. अलर्ट इतना गंभीर था कि भारतीय सेना ने अपने अफसरों के लिए एडवाइजरी जारी करके श्याओमी के फोन न रखने की सलाह दी थी. लेकिन ऐसे संदिग्ध फोन की लिस्ट काफी लंबी है.

जिन कंपनियों को नोटिस भेजे गए हैं, उनमें श्याओमी, वीवो, ओप्पो और जियोनी जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं. इसके अलावा आईफोन और सैमसंग से भी सिक्योरिटी डिटेल्स मांगी गई हैं. मोबाईल कंपनियों से उनके फोन में इस्तमाल किये जा रहे ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र और पहले से लोडेड ऐप्स के बारे में पूछा गया है.
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक़ भारी संख्या में लोगों की निजी जानकारियां चीन की एजेंसियां पहले ही चोरी कर चुकी हैं. सरकारी अधिकारियों, भारतीय सेना व् सुरक्षा से जुड़ी अन्य एजेंसियों के लोगों के हाथ में ये फोन किसी खतरे से कम नहीं हैं. क्योंकि इनके जरिये देश की खुफिया बातें आसानी से चीन तक पहुंच सकती हैं.

केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के देशों में चीनी फोन को शक की नज़रों से देखा जाता है. अमेरिका, जापान और कई यूरोपीय देशों में लोग इन्हे खरीदने से बचते हैं. लेकिन भारत में ज्यादा फीचर्स और कम दाम के लालच में लोग इन्हें खरीद लेते हैं. कौन सा स्मार्टफोन किस देश में बनता है, ये जानने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं.

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