इंटरनेट डेस्क। हम सभी यह जानते है कि दही जमाने के लिये दही या छाछ का इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर सभी लोग दूध से दही जमाने के लिये छाछ या दही को उसमें डालते है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक जगह ऐसी भी है जहां पत्थर से भी दही जमाया जा सकता है। यह पत्थर हाबुर स्टोन के नाम से जाना जाता है।
दरअसल भारत-पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर स्थित जैसलमेर जिले के हाबुर गांव में ऐसा पत्थर पाया जाता है जिसमें दही जमाने का अनोखा गुण है। आप यदि इस पत्थर को दूध में डालते है तो 14 घंटे बाद वह दूध दही में बदल जाता है। लोगों के लिये यह आश्चर्य हो सकता है लेकिन कई वैज्ञानिकों ने भी परिक्षण करने के बाद यह माना है कि इस पत्थर में जही जमाने के तीनो बायो केमिकल मौजूद है। ये तीन बायो केमिकल है- ऐमीनो एसिड, फिनायल एलीनिया और रिफ्टोफेन टायरोसीन विद्यमान है।
आपको बता दे कि हाबुर [ पूनमनगर] गांव के लोग ज भी इस पत्थर का इस्तेमाल दही जमाने के लिये करते है। इसके अलावा अपनी खूबसूरती की वजह से इस पत्थर का इस्तेमाल गिलास, प्लेट, प्याले, ट्रे, मालाएं, फूलदान, कप, एक्युप्रेशर उत्पाद, थाली, एवं मूर्तिया आदि बनाने में भी किया जाता है।


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