लंदन : कड़े संघर्ष में भारतीय महिला टीम आज यहां फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड से 9 रनों से हार गयी. मध्यक्रम के बाद भारतीय पारी संभल नहीं पायी. अनुभवी झूलन गोस्वामी की कातिलना गेंदबाजी और स्पिनरों के अच्छे योगदान से भारत ने आईसीसी महिला विश्व कप फाइनल में आज यहां मेजबान इंग्लैंड को सात विकेट पर 228 रन ही बनाने दिये. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिये उतरे इंग्लैंड ने धीमी पिच पर सजग शुरुआत की लेकिन बीच में उसने 16 रन के अंदर तीन विकेट गंवा दिये. सराह टेलर (45) और नताली सीवर (51) ने चौथे विकेट के लिये 83 रन जोड़कर टीम को इन झटकों से उबारा लेकिन ऐसे मौके पर झूलन की शानदार गेंदबाजी से उसने फिर से 18 रन के अंदर तीन विकेट गंवाये.
आखिर में कैथरीन ब्रंट (34) और जेनी गुन (नाबाद 25) के प्रयासों से इंग्लैंड चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा. झूलन ने बेहतरीन गेंदबाजी का नमूना पेश किया. पहले स्पैल में कसी हुई गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने दूसरे स्पैल में पांच ओवर में 14 रन देकर तीन विकेट लिये और इस तरह से दस ओवर में 23 रन के एवज में तीन विकेट लेकर इंग्लैंड का मध्यक्रम झकझोरा. लेग स्पिनर पूनम यादव ने शीर्ष क्रम को झकझोरने में अहम भूमिका निभायी.
उन्होंने 36 रन देकर दो विकेट लिये. राजेश्वरी गायकवाड ने एक विकेट हासिल किया. लारेन विनफील्ड (24) और टैमी ब्यूमोंट (23) ने शुरू में भारतीय गेंदबाजों को निराश किया हालांकि इस बीच इन दोनों का भाग्य ने भी साथ दिया जिससे 11 ओवर तक इंग्लैंड स्कोर बिना किसी नुकसान के 46 रन पहुंच गया. लेकिन इसके बाद स्पिन आक्रमण के सामने उसकी बल्लेबाजी चरमरा गयी.
मिताली ने आठवें ओवर में राजेश्वरी गायकवाड के रूप में स्पिन आक्रमण लगा दिया था. बायें हाथ की इस स्पिनर के दूसरे ओवर में ब्यूमोंट को विकेट के पीछे जीवनदान मिला लेकिन अगले ओवर में वह विनफील्ड का लेग स्टंप उखाड़ने में सफल रही. मिताली ने गेंदबाजी में लगातार बदलाव किये और 15वें ओवर में नाटे कद की स्पिनर पूनम यादव को गेंद सौंप दी.
पूनम ने अपनी तीसरी गेंद पर ही ब्यूमोंट को मिडविकेट सीमा रेखा पर आसान कैच देने के लिये मजबूर किया और अगले ओवर में कप्तान हीथर नाइट (एक) को पगबाधा आउट किया. अंपायर ने अपील ठुकरा दी थी लेकिन मिताली का डीआरएस का फैसला कारगर साबित हुआ. टेलर और सीवर ने इसके बाद पारी संवारने का बीड़ा उठाया और बीच के ओवरों में स्ट्राइक रोटेट करने पर ध्यान दिया.
इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि टेलर ने अपनी पारी में 62 गेंदें खेली लेकिन उनकी 45 रन की पारी में एक भी बाउंड्री शामिल नहीं है. सीवर ने हालांकि इस बीच कुछ अवसरों पर गेंद सीमा रेखा पर पहुंचायी. इन दोनों ने चौथे विकेट के लिये 83 रन जोड़े. झूलन ने अपने दूसरे स्पैल में आकर यह साझेदारी तोड़ी. मध्यम गति की इस अनुभवी गेंदबाज ने टेलर को विकेट के पीछे कैच कराया और अगली गेंद यार्कर करके नयी बल्लेबाज फ्रैंक विल्सन को पगबाधा आउट किया.
झूलन अब पूरी तरह हावी हो चुकी थी और उन्होंने लंबे समय से क्रीज पर खड़ी सीवर को अपनी बेहद सटीक लाइन से की गयी गेंद पर पगबाधा आउट करके इंग्लैंड के खेमे को चिंतातुर कर दिया. अपनी पारी में पांच चौके लगाने वाली सीवर ने डीआरएस लिया लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिला. अब ब्रंट और जेनी गुन पर दारोमदार था. गुन रन बनाने के लिये जूझ रही थी. ब्रंट ने स्कोर बोर्ड चलायमान रखा था लेकिन दीप्ति शर्मा ने सीधे थ्रो पर उन्हें रन आउट कर दिया. इसके बाद गुन ने अंतिम चार ओवरों में लौरा मार्श (नाबाद 14) के साथ मिलकर 32 रन जोड़े.