राजस्थान में योग को बढ़ाने के लिए सरकार कई तरह की योजनाओं को लागू करने की तैयारी में है। इसमें सबसे पहले छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राजस्थान में भी योग आयोग के गठन पर सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है।
राजस्थान में योग को बढ़ाने के लिए सरकार कई तरह की योजनाओं को लागू करने की तैयारी में है। इसमें सबसे पहले छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राजस्थान में भी योग आयोग के गठन पर सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके अलावा योग को स्कूली पाठयक्रम का हिस्सा बनाने की भी सरकार तैयारी कर रही है।
योग गुरु स्वामी रामदेव से प्रेरित राज्य की भाजपा सरकार अब प्रदेश में योग आयोग बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। आयोग के गठन से योग को प्रदेश में सरकार का पूरा संरक्षण हासिल हो सकेगा। प्रदेश के चिकित्सा और आयुर्वेद मंत्री कालीचरण सर्राफ ने यहां बताया कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राजस्थान योग आयोग बनाने वाला दूसरा राज्य बन जाएगा। आयोग गठित करने संबंधी प्रस्तावों पर अधिकारियों की टीम काम कर रही है।
इस टीम ने छत्तीसगढ़ के योग आयोग के सभी प्रावधानों का अध्ययन कर लिया है। प्रदेश में बनने वाला योग आयोग पूरी तरह से कानूनी दर्जा वाला होगा। सर्राफ का कहना है कि योग भारत की विश्व को दी गई सबसे बड़ी देन है। योग करने से व्यक्ति मानसिक के साथ ही शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के दौरान ही छत्तीसगढ़ के योग आयोग की तर्ज पर राजस्थान में भी कार्यवाही का विचार सरकार के ध्यान में आया था। इससे पहले स्वामी रामदेव ने भी इस मामले में यहां सरकार से विचार किया था। इसके बाद ही मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आयोग बनाने पर सहमति प्रदान की थी। आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों और योग शिक्षकों ने इस दिशा में मेहनत कर आयोग का खाका तैयार कर लिया है। इसमें योग से जुडेÞ लोगों को शामिल किया जाएगा।