गुजरात में बाढ़ का कहर जारी, पीएम मोदी ने किया प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा- मिलेगी 500 करोड़ की मदद राशि



पीएम मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि बाढ़ में मरने वालों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। साथ ही केंद्र सरकार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को 500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद प्रदान करेगी।

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है। जहां असम, उत्तर प्रदेश, बंगाल बिहार और राजस्थान के बाद अब गुजरात इसके चपेट में आ गया है। बाढ़ की भयावह स्थिति के कारण प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र बनासकांठा और दक्षिण का निचला हिस्सा पूरी तरह पानी में डूब चुका है। वहीं यहां सोमवार से लगातार हो रहे भारी बारिश के कारण 25 हजार से ज्यादा फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। 


तेज बारिश के कारण राज्य के कई हिस्से पानी में डूब गए हैं। तो वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में सेना के जवान और एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात हैं। जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अहमदाबाद पहुंचे। और बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार गुरजात की हर संभव मदद के लिए तैयार है। साथ ही कहा कि इस आपदा से निपटने के लिए केंद्र और राज्य के अधिकारी मिलकर एक साथ काम करेंगे। 


इस दौरान पीएम मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि बाढ़ में मरने वालों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। साथ ही केंद्र सरकार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को 500 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद प्रदान करेगी। पीएम ने कहा कि बाढ़ के कारण सबसे अधिक नुकसान किसानों को हुआ है। और पीड़ित परिवार की हरसंभव सहायता की जाएगी। 


इससे पहले पीएम मोदी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सीएम विजय रुपानी, मंत्री और अधिकारियों से मुलाकात कर बाढ़ का जायजा लिया। तो वहीं बताया जा रहा है कि भारी बाढ़ में अभी भी एक हजार लोग फंसे हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बताया कि बाचाव अभियान के जरिए लगभग 45 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जबकि सेना के विमान के जरिए लोगों तक खाद्य पदार्थ पहुंचाया जा रहा है।




गौरतलब है कि इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बैठक कर बाढ़ के हालातों की समीक्षा की थी। जहां उन्होंने बताया था कि पड़ोसी राज्य राजस्थान में बाढ़ की भयावह स्थिति के कारण गुजरात को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना था कि दांतीवाड़ा और सिपू बांधों के भर जाने के कारण पानी छोड़ना पड़ा, जिस कारण निचले इलाके में रह रहे लोगों को सुरक्षित जगह तक पहुंचाया गया। 
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