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आईजी के निर्देश पर हुई उदयपुर टीम ने की थी कार्रवाई, तीन पत्ती ताश में लगा रखे थे 45 लाख दांव पर, नकदी के साथ 90 मोबाइल बरामद, ताश व नकदी बरामदगी के हिसाब से राज्य की सबसे बड़ी कार्रवाई

डूंगरपुर. उदयपुर.
राजस्थान-गुजरात के बिछीवाड़ा-रतनपुर (डंूगरपुर) बॉर्डर पर होटल सिंग्नेचर में जुआरियों के खिलाफ सोमवार रातभर चली कार्रवाई मंगलवार को पूरी हुई। उदयपुर पुलिस ने मौके से 45 लाख रुपए की नकदी बरामद कर 85 जनों को गिरफ्तार किया। मौके से करीब दस करोड़ से अधिक का हिसाब-किताब का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इनके कब्जे से 90 मोबाइल व 4 लग्जरी गाडि़यां बरामद की है।

आरोपितों के विरुद्ध बिछीवाड़ा थाने में जुआ एक्ट तथा होटल संचालक के विरुद्ध अलग से आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज किया। जुए के खिलाफ अब तक यह राज्य की सबसे बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इधर, आईजी ने थाने से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर सट्टा चलने पर बिछीवाड़ा थानाधिकारी गेहरीलाल गुर्जर को लाइनहाजिर कर दिया तथा थाने के पूरे स्टाफ के खिलाफ जांच के आदेश दिए।


आईजी आनंदश्रीवास्तव ने जुएं की सूचना मिलने के बाद सोमवार को सर्च वारंट जारी करते हुए एएसपी बृजेश सोनी के नेतृत्व में टीम का गठन किया। सीआई हनवंतसिंह, संजीव स्वामी, नाई थानाधिकारी नाथूसिंह के साथ 26 जवानों की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इनमें 6 लेडी पेट्रोलिंग की महिला कांस्टेबल भी शामिल थी। टीम ने पूरी योजना के साथ होटल पर छापा मारा तो हडकम्प मच गया। पुलिस ने बताया कि होटल मालिक शांकुन्तलम फ्लोर बोड़ासर अहमदाबाद निवासी सचिन पुत्र कन्हैयालाल जोशी है। उसने उसे ईशनपुर कैनाल मणीनगर अहमदाबाद निवासी राजेश उर्फ राजू पुत्र हिम्मतलाल नागर को लीज पर दे रखी थी। उसने चलाने के लिए साले शांकुन्तलम अपार्टमेंट अहमदाबाद निवासी प्रकाश पुत्र मगनभाई नागर को दे रखा था।

पुलिस ने मौके से प्रकाश के अलावा जुआ संचालक शाहीबाग अहमदाबाद निवासी दिनेश उर्फ दिनसा पुत्र कांतिभाई व कलौल गांधीनगर निवासी युसूफ पुत्र उस्मान भाई को गिरफ्तार किया। मौके से एक संचालक खेरवाड़ा निवासी चिराग पुत्र प्रकाश पंचोली भाग गया। पुलिस ने इनके साथ जुआ खेलते हुए 85 जनों को गिरफ्तार किया।

कमीशन का खेल

पुलिस ने बताया कि होटल में अंडरग्राउण्ड एसी हॉल के अलावा प्रथम तल पर अलग से शेड लगाकर जुआरियों के लिए व्यवस्था कर रखी थी। श्रावण मास में गुजरात में जुआ का चलन होने से दिनेश, युसूफ व चिराग अहमदाबाद से गु्रप में जुआरियों को यहां लाए थे। इनके लिए उन्होंने जुएं की पूरी व्यवस्था के साथ ही खाने व शराब की भी व्यवस्था की थी।

गु्रप के अनुसार प्रति व्यक्ति ऑर्डर पर इन संचालकों को अच्छा खासा कमीशन मिल रहा था। गु्रप में गुजरात के कई बड़े नामचीन व्यापारी शामिल थे, पकड़े जाने के बाद वे मुंह छिपाते नजर आए।

बरसों से चल रहा, कूट रहे थे चांदी

राजस्थान-गुजरात का बॉर्डर और यहां की रतनपुर चौकी व बिछीवाड़ा थानाक्षेत्र हमेशा से ही चांदी उगलते रहे हैं। परिवहन विभाग की वसूलियां हो, शराब तस्करी का खेल व कटिंग तथा जुआं-सट्टे के दांव हो, यहां पर सभी कुछ खुलेआम बरसों से चलता रहा है। इसी कारण हर थोड़े बरसों में कोई न कोई बड़ी कार्रवाई सामने आती रही है।

यहां की चौकी व थानों पर भी पहुंच वाले तैनात होते हैं। यही कारण था कि थाने से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर सट्टा लगने के बावजूद पुलिस को इसकी भनक भी नहंीं थी।

बताया जा रहा है कि इस बार कार्रवाई को पूरी तरह से गुप्त रखा गया था। पुलिस ने डूंगरपुर जिला पुलिस व संबंधित बिछीवाड़ा थाने की किसी तरह की कोई मदद नहीं ली। उन्हें इसकी सूचना भी नहीं दी। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम ही सभी आरोपितों को बिछीवाड़ा थाने लेकर पहुंची और उनके विरुद्ध मामले दर्ज करवाए।
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