आनंदपाल के एनकाउंटर के बाद चूरू क्षेत्र में एक बार फिर से गैंगवार की घटना सामने आई है। यहां देर रात गैंगवार में एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या कर दी गई है। बताया जा रहा है कि मारा गया हिस्ट्रीशीटर महेंद्र गोदारा जेल में बंद एक बड़े गैंगस्टर से ताल्लुक रखता था। वहीं जिसने गोदारा की हत्या की उस गैंग का संबंध आनंदपाल गुट से बताया जा रहा है। एक जीप में आए चार बदमाशों ने एक हिस्ट्रीशीटर को फिल्मी अंदाज में घेरा और गोलियों से भून डाला। जिस हिस्ट्रीशीटर पर गोलियां बरसाई गईं, वह बाइक पर सवार था और किसी से मिलकर देर रात लौट रहा था। इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का मानना है कि हत्या आपसी रंजिश के चलते दूसरे गुट ने की है। पुलिस ने चूरू, सीकर और नागौर में नाकाबंदी की है। लेकिन पुलिस के पास अभी तक कोई सुराग नहीं है। उधर, इस पूरी गैंगवार के पीछे जेल में बंद एक बड़े बदमाश का हाथ बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस इसकी पुष्टि अभी नहीं कर रही है।



तीस से ज्यादा वारदातों में वांछित था
चूरू कोतवाली पुलिस के अनुसार महेन्द्र गोदारा पर मारपीट, हत्या, लूटपाट और डकैती के तीस से भी ज्यादा मामले दर्ज थे। चूरू में रहने के दौरान पुलिस को कई बार उसके बारे में जानकारी भी मिली लेकिन वह फरार हो गया था। देर रात वह अपनी जीप से लौट रहा था, इसी दौरान उसे घेर कर मार दिया गया। पुलिस का कहना है कि कई दिनों से दूसरे गुट से उसकी रंजिश चल रही थी। पुलिस ने बताया कि वारदात में रामस्वरूप नाम के बदमाश और उसकी टीम का हाथ हो सकता है।


पुलिस की रडार पर राजपूत नेता
वहीं, गैंगस्टर आनंदपाल की श्रद्धांजलि सभा के नाम पर मचे बवाल से चोट खाई पुलिस ने अब अगले आंदोलन के लिए तैयारी कर ली है। पुलिस ने उन राजपूत नेताओं और लोगों की सूची तैयार की है जो उपद्रव कर सकते हैं। इन चार हजार लोगों में से करीब पंद्रह सौ तो नागौर, चूरू, बीकानेर, जोधपुर और जयपुर के रहने वाले नेता बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को खास निर्देश दिए हैं। प्रदेशभर में करीब चार हजार राजपूत नेताओं और समाज से जुडे़ लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है। गौरतलब है कि सोमवार को राजपूत समाज के नेताओं ने 22 जुलाई को जयपुर कूच करने और आंदोलन करने का कार्यक्रम तय किया है।

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