दुनिया में कई लोगों के लिए गूगल में नौकरी मिलना ड्रीम जॉब होता है, लेकिन कई ऐसे भी लोग हैं जो गूगल की नौकरी छोड़ कर समोसे का बिज़नेस करने का बड़ा रिस्क उठा लेते हैं.
मुंबई के मुनाफ़ कपाड़िया ऐसे ही एक शख़्स हैं. गूगल की नौकरी छोड़, उन्होंने अपनी मां के साथ समोसे का बिज़नेस शुरू किया है. जल्द ही उनका मटन समोसा लोगों के बीच मशहूर होने लगा. इतना मशहूर कि फ़ोर्ब्स मैगज़ीन ने दुनिया के तीस साल से कम उम्र के सबसे प्रतिभाशाली लोगों में उनका नाम शामिल कर लिया.



28 साल के मुनाफ़ ने एमबीए की पढ़ाई की थी. एक जगह नौकरी करने के बाद उन्होंने विदेश का रुख़ किया. विदेश में कुछ कंपनियों में इंटरव्यू देने के बाद गूगल में उन्हें नौकरी मिल गई. जून 2011 में उन्होंने गूगल में सेल्स डिपार्टमेंट ज्वाइन किया था, लेकिन फ़िर उसे छोड़ दिया.



दरअसल करीब दो साल पहले मुनाफ़ की दादी की मृत्यु के बाद, उनकी मां कुछ उदास रहने लगी थीं. वे सारा दिन टीवी देख-देख कर परेशान हो जाती थीं. मम्मी को बिज़ी रखने के लिए मुनाफ़ ने सोचना शुरू कर दिया. उसने अपने दोस्तों को घर बुलाया और अपनी मम्मी के हाथ का खाना खिलाया. दोस्तों को भी खाना बहुत पसंद आया, तो उसने अपने आईडिया को बिज़नेस में बदलने का निर्णय लिया.



चूंकि मुनाफ़ दाऊदी बोहरा समुदाय के हैं, इसलिए उन्होंने अपने रेस्टोरेंट का नाम 'द बोहरी किचन' रखा. मटन कीमा समोसा यहां की खास डिशों में शुमार है. समोसे के अलावा यहां नरगिस कबाब, डब्बा गोश्त जैसी डिशेज़ भी मिलती हैं. फ़िल्म इंडस्ट्री में भी इस रेस्टोरेंट का खाना पहुंचता है.



मुनाफ़ के किचन में इस समय 5 लोग काम कर रहे हैं और उनका सालाना टर्नओवर 75 लाख रुपये है. मुनाफ़ अगले कुछ सालों में ये मुनाफ़ा 3 से 5 करोड़ बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं. वाकई प्रतिभाशाली लोग किसी भी क्षेत्र में अपनी राह ढूंढ़ ही निकालते हैं.

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