Showing posts with label SACHIN TENDULKER. Show all posts


Jaipur: मुंबई के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंडुलकर का फर्जी ट्विटर अकाउंट बनाकर उसका गलत इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बताया जाता है कि 39 वर्षीय नितिन शिशोदे नाम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अंधेरी से गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, नितिन पर सारा तेंडुलकर का फर्जी ट्विटर अकाउंट बना एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है।
पुलिस कर रही पूछताछ - 
सूचना मिलने पर पुलिस लगातार उक्त आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस के मुताबिक, शिशोदे पर आईपीसी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करते हुए उसे 9 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि शिशोदे को मिलिट्री रोड स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। नितिन पेशे से इंजीनियर है और पुराने लैपटॉप को खरीद-फरोख्त का काम करता है।
यूं मामला सामने आया - 
दरअसल, सचिन तेंडुलकर के पीए ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई की सचिन की बेटी सारा के नाम से कोई अन्य ट्विटर अकाउंट बनाकर ट्विट्स कर रहा है। बता दें कि सारा अभी तक सोशल मीडिया प्लोटफॉर्म पर नहीं है। शिकायत में बताया गया कि सारा के फेक ट्विटर हैंडल से राजनीति गतिविधियों से जुड़े ट्विट किए गए जो काफी आपत्तिजनक और अभद्र थे। इतना ही नहीं इन्हें कई बार रिट्वीट भी किए गए। हालांकि बाद में यह स्पष्ट हो गया कि ये ट्विटर अकाउंट सारा की नहीं हैं, साथ ही उन्हें राजनीति में कोई दिलचस्पी भी नहीं है।
पहले भी हो चुके हैं इस तरह के शिकार - 
पिछले साल अक्टूबर में भी सारा के फेक ट्विटर अकाउंट से एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को निशाना साधते हुए एक विवादित ट्वीट किया गया था। जिसमें उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जल्द ही ये ट्वीट सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया था। हालांकि इसका पता चलते ही सचिन तेंडुलकर ने ट्विटर से बेटे अर्जुन और बेटी सारा के ऐसे सभी फेक अकाउंट हटाने की गुहार लगाई थी।
इसे लेकर एनसीपी के एक विधायक जितेंद्र अव्हड़ भड़क गए और इस मामले में सचिन से सफाई मांग ली। इसके बाद सचिन ने बेटी सारा की तरफ से मोर्चा संभाला और ट्विट करके सफाई दी कि इससे सारा और अर्जुन का कोई लेना-देना नहीं।

सारा के बचाव में आए सचिन - 
ट्विटर पर बेटे अर्जुन और बेटी सारा के फर्जी अकाउंट को लेकर सचिन तेंडुलकर परेशान हो गए और उन्होंने ट्विटर से ये फर्जी अकाउंट हटाने की अपील की थी। इतना ही नहीं सचिन ने ट्वीट किया कि सारा और अर्जुन का ट्विटर पर कोई अकाउंट ही नहीं है। वहीं सचिन ने ऐसे फर्जी अकाउंट के साथ ही ऐसे ट्विट हटाने के लिए कहा कि जो किसी शख्स की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
इसके बाद भी सचिन नहीं रुके, उन्होंने अपने ट्वीट में ही लिखा कि सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर्स को ऐसी परेशानी से दो-चार न होना पड़े, इसके लिए जरुरी सुधार किए जाने चाहिए।


डाउनलोड करें 
Dainik Khabare APP और रहें हर खबर से अपडेट।


दैनिक खबरे से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए DainikKhabare.Com के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें

Related image
कराची। पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ का मानना है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे महान खिलाडिय़ों स्तर के नहीं हैं।
यूसुफ ने जियो सुपर चैनल से कहा, आजकल के दिन के क्रिकेट का स्तर अतीत के स्तर की बराबरी नहीं कर सकता। विराट कोहली काफी अच्छा बल्लेबाज है और मुझे उसे खेलते हुए देखना पसंद है लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह तेंदुलकर, द्रविड़ या लक्ष्मण के स्तर का है।
पाकिस्तान की ओर से 1998 से 2010 के बीच 90 टेस्ट और 288 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले 42 साल के यूसुफ ने दोनों प्रारूपों में मिलाकर 39 शतक और 97 अर्धशतक जड़े और इस दौरान 17250 रन बनाए।
यूसुफ ने उस समय क्रिकेट खेली जब विश्व क्रिकेट में तेंदुलकर, द्रविड़ और लक्ष्मण का दबदबा था।
उन्होंने कहा, कुछ लोग शायद सहमत नहीं हों लेकिन मुझे नहीं लगता कि आज हमारे पास उस स्तर के गेंदबाज या बल्लेबाज हैं जो तब थे जब मैं खेलता था। ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा गेंदबाजी आक्रमण को देखो, उनके पास ग्लेन मैकग्रा या शेन वार्न की बराबरी का कोई नहीं है। भारत के पास अनिल कुंबले, श्रीनाथ और कुछ काफी अच्छे गेंदबाज थे। दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज का गेंदबाजी आक्रमण भी मजबूत था जबकि श्रीलंका मुथैया मुरलीधरन पर काफी निर्भर था।
यूसुफ ने कहा, बल्लेबाजों के लिए स्थिति आसान करने के लिए नियमों में भी बदलाव किया गया जबकि आजकल पिचें भी बल्लेबाजी के अधिक अनुकूल हो गई हैं। जिस युग में मैं खेलता था तब आपको ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका में अलग अलग तरह की पिचों का सामना करना पड़ता था। आजकल हर जगह पिचें लगभग एक जैसी हैं।
यूसुफ ने कहा कि यही कारण है कि वह तेंदुलकर या द्रविड़ को मौजूदा भारतीय बल्लेबाजों से अलग स्तर का मानते हैं। उन्होंने हालांकि कोहली की आक्रामकता का बचाव किया।
उन्होंने कहा, यहां तक कि अतीत की भारतीय टीम और खिलाड़ी भी आक्रामक थे। सौरव गांगुली इसका उदाहरण हैं। जब हम उनसे खेलते थे तो हमारे खिलाडिय़ों का उत्साह भी बढ़ा हुआ होता था लेकिन अंत में हम विरोधी के अच्छे प्रदर्शन की भी हमेशा तारीफ करते थे क्योंकि क्रिकेट का स्तर काफी ऊंचा था।
Powered by Blogger.