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Lord Ganesh Admit Card, B.com examination, Lalit Narayan Mithila University Bihar
Lord Ganesh Admit Card Bcom examination in Lalit Narayan Mithila University Bihar
दरभंगाः बिहार के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में 9 अक्टूबर से बी.कॉम की परीक्षा शुरू होने वाली हैं. मगर दिलचस्प बात यह है कि इस बार भगवान गणेश इस परीक्षा में बैठने वाले हैं. आप यह सुनकर जरूर हैरान रह गए होंगे. मगर सच यह है कि मिथिला विश्वविद्यालय को लगता है कि भगवान गणेश इस परीक्षा में बैठेंगे.
 
मिली जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए बुधवार से परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड बांटा जा रहा है. दरभंगा के रहने वाले कृष्ण कुमार राय भी अपना एडमिट कार्ड लेने यूनिवर्सिटी पहुंचे थे. अपना एडमिट कार्ड देख कृष्ण कुमार दंग रह गए. एडमिट कार्ड में उसकी तस्वीर की जगह पर साक्षात भगवान गणेश की तस्वीर छपी हुई थी और उसके हस्ताक्षर के बदले भगवान गणेश ने हस्ताक्षर किए हुए थे.
 
 
एडमिट कार्ड में कृष्ण कुमार राय का घर का पता भी गलत लिखा हुआ था. कृष्ण कुमार ने कहा कि गलती सुधारने के लिए वह विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मिला लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की. कृष्ण कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही की वजह से एडमिट कार्ड ऐसा छापा गया है. अपनी गलती न स्वीकारते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सारा इल्जाम उस साइबर कैफे पर मढ़ दिया, जहां पर परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड तैयार किए गए थे.
 
मिथिला विश्वविद्यालय के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन कुलानंद यादव ने कहा कि एडमिट कार्ड में हुई इस गलती की वह जांच करवाएंगे. उन्होंने कहा, एडमिट कार्ड की वजह से कृष्ण कुमार राय को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा. गौरतलब है कि बिहार में इसी साल जनवरी में एक परीक्षार्थी के स्टाफ सलेक्शन कमीशन के एडमिट कार्ड पर उसकी तस्वीर की जगह एक भोजपुरी हीरोइन की अर्धनग्न तस्वीर लगा दी गई थी.


बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद समस्तीपुर के राणा तपेश्वर सिंह उर्फ़ ललन सिंह को शराब मिलनी बंद हो गई तो उसने नशे के लिए कोबरा सांप पाल लिया और जब उसे नशे की जरुरत महसूस होती तो वह कोबरा से खुद को डसवा लेता था.

शराबबंदी के साइड इफेक्ट : पीने को नहीं मिली शराब तो कोबरा के जहर को बनाया 'खुराक'

घर से अलग एक सुनसान झोपड़ी में उसने जहरीले कोबरा को एक प्लास्टिक के डब्बे में बंद कर रखा था और चोरी छुपे यह काम वह कई महीनों से कर रहा था.

कोबरा सांप को खाने के लिए डिब्बे में ही मेढ़क डाल दिया करता था और जब उसे नशे की जरुरत होती अपनी ऊंगली डब्बे में डालता और कोबरा उसे एक बार डंस लेता. कोबरा के डसने से उसे एक बोतल विदेशी शराब के बराबर नशे की अनुभूति होती और वह दो दिनों तक नशे की हालत में ही रहता था. घर के लोग यह समझते कि कहीं से चोरी छुपे वह शराब खरीद कर पिता है.

6 अगस्त 2017 को फिर उसे नशे की आवश्यकता महसूस हुई तो वह झोपडी में जाकर डिब्बा खोला और उसमे हाथ डाला लेकिन चूंकि दो तीन से मेढ़क नहीं मिलने की वजह से शायद कोबरा सांप गुस्से में था इसलिए उसके अंगूठे को जोड़ से पकड़ लिया और कसकर डंस लिया.

इसके बाद उसे और दिनों की बजाय ज्यादा नशे का एहसास हुआ. उसका कंठ सूखने लगा तो उसने पानी पिया और फिर नहाने चला गया लेकिन उसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी. पहले तो घरवालों ने समझा की ज्यादा शराब पी ली है इसलिए बेहोश हो रहा है लेकिन जब मुंह से झाग आने लगा तो लोगों को शक हुआ और डॉक्टर से दिखाया तो उसे सांप काटने के लक्षण का पता चला.


side effect of liquor ban in bihar
इलाज करने वाले डॉ जयकांत पासवान



फिर उसे आनन फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने पाया कि इसे किसी जहरीले सांप ने डंस लिया है. चूँकि वह पूरी तरह बेहोश हो चूका था. उसे 12 घंटो तक लगातार 18 वाइल सर्पदंश दवा नश में चढ़ाई गयी,तब जाकर उसके सेहत में सुधार हुआ .

उसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने उससे पूछा कि आखिर उसे किस सांप ने काटा था और इसके जबाब में उसने अपनी जो कहानी बताई सबके होश उड़ गए .

35 सालों से था शराब का आदी

राणा तपेश्वर सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने बताया कि करीब 35 साल से वह शराब का आदी है लेकिन अचानक शराबबंदी के बाद उसे शराब नहीं मिलता तो असहज होने लगा. कुछ दिन नशे की दवा वेलियम भी ली लेकिन साइड इफेक्ट भी होने लगा. फिर उसने कुछ सुनी सुनाई बातों के मुताबिक एक तरकीब सोची और एक संपेरे से कोबरा सांप खरीद लिया और छुपाकर उसे पाल लिया .


side effect of liquor ban in bihar
इसी बर्तन में रखता था कोबरा सांप



अस्पताल से घर वापस आने के बाद परिजनों को उसने वह डब्बे में बंद सांप को भी दिखाया. तब लोगों ने उस सांप को मारकर फेंक दिया लेकिन जिसने भी यह कहानी सुनी यह सोचकर उसका देह सिहर उठा की आखिर कोई इंसान नशे के लिए इतने दिनों से किस प्रकार खतरनाक कोबरा के डंसवाता रहा और जिंदा भी रहा.

डॉक्टर भी हैं आश्चर्यचकित

इलाज करने वाले सदर अस्पताल के डॉक्टर जयकांत पासवान भी इस बात से आश्चर्यचकित हैं. उन्होंने भी किताबो में ऐसा पढ़ा जरुर था लेकिन हकीकत में पहली बार उनके सामने इस तरह का केस आया था.

राणा ने शरीर में जितनी जहर की मात्रा फ़ैल चुकी थी किसी साधारण इंसान के लिए बचना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन था ,चूँकि गुस्से में सांप ज्यादा जहर छोड़ता है जिससे इंसान कुछ मिनटों में ही दम तोड़ देता है ,परिजनों को इस बात की राहत है की आखिरकार उसकी जान बच गयी.

राणा तपेश्वर सिंह उर्फ़ ललन सिंह समस्तीपुर जिले के वारिसनगर के सारी गांव के रहने वाले हैं. वो सुखी संपन्न किसान हैं और उनके दो बच्चे बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं.

Image result for नीतीश की शपथ के साथ बिहार में बनी भाजपा-जदयू सरकार, पीएम ने दी बधाई
पटना। बुधवार रात भर चले सियासी ड्रामे के बाद नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है।राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही नीतीश कुमार 6ठी बार बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनके अलावा भाजपा नेता सुशील मोदी ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में एक बार फिर से भाजपा-जदयू की सरकार काबिज हो गई है।
शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर नीतीश कुमार और सुशील मोदी को बधाई दी है। पीएम ने लिखा है कि नीतीश कुमार जी और सुशील मोदी जी को बधाई, बिहार के विकास और समृद्धि के लिए मिलकर काम करें।
Image result for नीतीश की शपथ के साथ बिहार में बनी भाजपा-जदयू सरकार, पीएम ने दी बधाई
इससे पहले नीतीश कुमार ने बुधवार रात बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर इस्तीफा देते हुए राजनीतिक भूचाल पैदा कर दिया। उनके इस्तीफे के कुछ ही घंटों में राज्य के अंदर नई सरकार बनाने की कवायदें पूरी हो गईं। इसके कहा जा रहा है कि नीतीश के मंत्री मंडल में दोनों ही दलों के 13-13 मंत्री होंगे और सुशील मोदी उपमुख्यमंत्री बनेंगे। सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार शनिवार को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करेंगे।
बिहार विधानसभा में आज की दलगत स्थिति
कुल : 243
जदयू :71
राजद : 80
भाजपा :53
कांग्रेस :27
लोजपा :02
रालोसपा : 02
हम : 01
भाकपा (माले): 03
निर्दलीय : 04
जदयू और भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर कुल 132 विधायकों के समर्थन का दावा कर रही है। विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है और इस लिहाज से यह गठबंधन बहुमत का आंकड़ा पार कर चुका है।
Image result for नीतीश की शपथ के साथ बिहार में बनी भाजपा-जदयू सरकार, पीएम ने दी बधाई
बुधवार को बदल गई बिहार की राजनीति
बिहार में लालू कुनबे पर भ्रष्टाचार के आरोपों और सीबीआई-ईडी के जांच ने राज्य में सरकार को कमजोर करने का काम किया। 7 जुलाई से शुरू हुआ यह घटनाक्रम 26 जुलाई की रात नीतीश के इस्तीफे पर आकर खत्म हुआ और इसी के साथ राज्य में महागठबंधन टूट गया। जहां इसके पीछे भ्रष्टाचार एक बड़ा कारण था वहीं लालू यादव का पुत्र मोह भी इस सरकार के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।
7 जुलाई को लालू प्रसाद के घर पर सीबीआई का छापा पड़ा था। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी आरोपी बनाए गए। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का झंडा उठाए नीतीश ने तेजस्वी से कहा कि जनता में सफाई दें। लालू प्रसाद और तेजस्वी जिद पर अड़े थे।
बार-बार कहा कि इस्तीफा नहीं देंगे। बुधवार को नीतीश कुमार ने फैसला किया कि अब ऐसा नहीं चल सकता। जदयू विधायकों की बैठक बुलाई गई। फिर शाम सवा छह बजे नीतीश कुमार अकेले ही राजभवन पहुंचे। प्रभारी राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी एक दिन पहले ही पटना पहुंचे थे।
नीतीश ने उनको इस्तीफा सौंप दिया, जिसे मंजूर भी कर लिया गया। बाहर निकले नीतीश ने कहा कि मैं सब चीजों को झेलता रहा, लेकिन अब संभव नहीं था।
भाजपा के समर्थन का हुआ एलान
नई दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में राज्य में नीतीश के साथ मिलकर सरकार बनाने का फैसला लिया गया।
पार्टी का मानना था कि बिहार को अस्थिर करना देश के हित में नहीं है। इस बैठक में प्रधानमंत्री भी मौजूद थे। इधर पटना में देर शाम आठ बजे के बाद भाजपा ने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को नीतीश कुमार को समर्थन देने का पत्र सौंप दिया।
उसके बाद मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा और जदयू विधायक दल की संयुक्त बैठक में नीतीश को नया नेता भी चुन लिया गया। इस बैठक में रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के विधायक भी शामिल हुए।
नीतीश पर तो हत्या का आरोप : लालू
महागठबंधन के दुखद अंत से परेशान लालू प्रसाद ने नीतीश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कहा कि तेजस्वी के खिलाफ तो केवल भ्रष्टाचार का आरोप है, लेकिन नीतीश कुमार पर तो हत्या का आरोप है। यहां पुत्रमोह की बात नहीं है, बल्कि यह लड़ाई सिद्धांतों की है। भाजपा के साथ जाने के लिए नीतीश ने इस्तीफे का नाटक किया। भाजपा साजिश कर रही थी। कामयाब रही।
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इस्तीफे के पीछे पांच बड़े विवाद 
- 5 जुलाई को सीबीआइ ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी व तेजस्वी यादव समेत आठ लोगों पर एफआइआर दर्ज की। नीतीश ने तेजस्वी से स्पष्ट जवाब देने को कहा। लालू ने कहा, तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे।
- राष्ट्रपति चुनाव में जदयू ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन दिया। इस पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा, नीतीश ऐतिहासिक भूल कर रहे हैं, अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।
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- जदयू द्वारा तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर दबाव बढ़ा तो राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि पर हमला किया। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह कहा, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का ढोंग कर रहे हैं नीतीश।
-एनडीए के विरुद्ध विपक्ष की एकजुटता को लेकर राजद ने 27 अगस्त को गांधी मैदान में भाजपा भगाओ रैली की एकतरफा घोषणा की। इससे भी जदयू-राजद के बीच दूरी बढ़ी।
-नीतीश कुमार को लेकर कांग्रेस ने भी तंज कसा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश सिंह ने कहा, कांग्रेस को नीतीश की जरूरत नहीं।

बिहार : TET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक! उत्तर सोशल मीडिया में वायरल, भागलपुर में पुलिस की छापेमारी
पटना : बिहार में छह साल बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीइटी), 2017 का आयोजन रविवार को किया जा रहा है. राज्य में 348 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गयी है. जिसमें पूरे बिहार में 2,43,459 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. वहीं, शिक्षक पात्रता परीक्षा शुरू होते ही राज्‍य के कई जगहों पर प्रश्नपत्र और उत्तर लीक होने की चर्चा है. सोशल मी‍डिया पर प्रश्‍नपत्र और उत्तर के भी वायरल होने की खबर है. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है. टीइटी के ये वायरल उत्तर सही है या नहीं, इस बारे में बोर्ड के उच्च अधिकारी फिलहाल कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं.

बोर्ड की ओर से कहा गया है कि परीक्षा खत्म होने के बाद ही बताया जा सकेगा कि प्रश्न पत्र लीक हुआ है या नहीं. अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता. उधर, टीइटी प्रश्न पत्र वायरल मामले में पटना के एसएसपी मनु महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि पटना पुलिस के पास इसको लेकर ऐसी कोई शिकायत नहीं आयी है. उन्होंने कहा कि प्रश्न पत्र वायरल की बात अफवाह है. इन सबके बीच मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रश्न पत्र लीक मामले में भागलपुर पुलिस में एक इंस्टीट्यूट में छापेमारी की है. इस दौरान पुलिस ने कई प्रश्न पत्र, एडमिट कार्ड और आंसर सीट बरामद किया है. चर्चा है कि पुलिस ने इस मामले में एक छात्र को भी परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया है. हालांकि गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है.
वहीं एक प्रमुख समाचार पत्र के वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जमुई जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा के वायरल प्रश्न पत्र व उत्तर सही पाए गए. जमुई के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि मिलान करने पर कई प्रश्न व उत्तर सही मिला. इसकी जांच की जा रही है.
बता दें कि एक के बाद एक बिहार में होने वाली परीक्षाओं में प्रश्नपत्र और वायरल होने की घटनाएं सामने आयी हैं. वायरल होने की चर्चा से एक बार फिर इस परीक्षा पर संकट मंडराने लगा है. जिसको लेकर कैंडिडेट टेंशन में हैं. इससे पहले भी बिहार में हुई कई बड़ी परीक्षाओं से जुड़े प्रश्न पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने की खबर आई थी, जिसमें कुछ में सच्चाई थी तो कुछ महज अफवाह थे.
दो पालियों में परीक्षा
10:00 से 12:30 बजे तक प्रथम पाली
2:00 बजे से 4:30 बजे तक दूसरी पाली
नकल करते पकड़े गये, तो...
टीइटी परीक्षा को कदाचारमुक्त संचालित करने के लिए बिहार बोर्ड ने हर केंद्र पर सीसीटीवी कमरा लगाया है. बोर्ड की मानें, तो अभ्यर्थी नकल करते पकड़े गये, तो वे एसटीइटी में भी शामिल नहीं हो पायेंगे. बोर्ड ने टीइटी को लेकर कंट्रोल रूम बनाया है, जो सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक कार्यरत रहेगा. किसी तरह की दिक्कत हो, तो फोन नंबर 0612-2222575, 2222576 या इ-मेल coe.matricboard@gmail.com पर संपर्क करें.
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