अगर आप अपने मोबाइल में मोबाइल बैंकिंग या पेटीएम यूज करते हैं तो अब थोड़ा संभल जाइए।
जी हां, आजकल मोबाइल में ऐसे वायरस आ गए हैं जो मोबाइल बैंकिंग या पेटीएम यूज करने वालों के लिए बेहद खतरनाक हैं।
किसी ऐप को यूज करते हुए कई बार ऐसा हुआ होगा कि आपके सामने कोई एड आ गया। जिसे आप डिसेबल करते हैं लेकिन वो होता नहीं। दरअसल वो वायरस है। इसे Adware कहा जाता है। साइबरसिक्यूरिटी सॉफ्टवेयर कंपनी चेक पॉइंट ने 20 ऐप्स को लिस्टेड किया है, जिनमें ये वायरस है। ये सभी ऐप्स गूगल प्ले स्टोर पर हैं।
ये ऐप्स 15 लाख से 75 लाख लोगों के बीच फैल चुके हैं। चेक पॉइंट ने इन ऐप्स के बारे में गूगल को भी नोटिफाई कर दिया है। जल्द ही ये प्ले स्टोर से हटा दिए जाएंगे अगर आप इनमें से किसी ऐप का यूज कर रहे हैं तो इन्हें तुरंत डिलीट कर दें।
इंटरनेट और सॉफ्टवेर की सुरक्षा से जुड़ी कंपनी ‘क्विकहील’ ने एक बड़ा खुलासा किया है। कंपनी के अनुसार भारत सहित दुनिया की करीब 232 बैंकों के मोबाइल एप्स को एक खतरनाक मैलवेयर ने अपनी चपेट में लिया है। शुक्रवार को क्विकहील ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘हाल ही में एक नया मैलवेयर सामने आया है जिसका नाम ‘एंड्रॉइड डॉट बैंकर डॉट ए9480’ है। यह ख़ास तौर पर बैंकिंग एप को निशाना बना रहा है।’
मैलवेयर एक प्रकार का सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होता है जिसे हैकर्स कंप्यूटर या मोबाइल से निजी जानकारी चोरी करने के लिए डिजाइन करते हैं। इसके जरिए यूजर्स की फोटो, वीडियो, बैंक या अकाउंट से जुड़ी जानकारी चुराई जा सकती है।
खबरों के अनुसार इस मैलवेयर ने भारत में जिन बैंकों के एप्स को अब तक निशाना बनाया है उनमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, एसबीआई, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक के कई एप शामिल हैं। क्विकहील के मुताबिक इस मैलवेयर से बिटकॉइनियम, कॉइनपेमेंट और बिट फिनेक्स जैसी 20 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी एप्स भी प्रभावित हुए हैं।
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