नई दिल्ली। हाल ही में शुरू किये गये लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक भी अब अटल पेंशन योजना की सुविधा दे सकेंगे। सरकार ने अटल पेंशन योजना को दूरदराज के इलाकों के लोगों के लिए सुगम बनाने के मद्देनजर यह फैसला किया है।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक अब अटल पेंशन योजना की सुविधा दे सकेंगे। ये नये युग के बैंक हैं और इनकी विशेषज्ञता तथा पहुँच को देखते हुये योजना के ग्राहकों तक इसे पहुँचाने में ये महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायेंगे।
मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अटल पेंशन योजना के मौजूदा चैनल को और मजबूत बनाने के लिए यह महसूस किया गया कि नये भुगतान बैंक और लघु वित्त बैंक ग्राहकों तक पहुँच बढ़ाने में मददगार होंगे। योजना में लोगों की भागीदारी से न सिर्फ पेंशन प्राप्त सुरक्षित समाज बनता है, बल्कि बैंकों को भी शुल्क के रूप में बड़ी मात्रा में आमदनी प्राप्त होती है।
उसने बताया कि 23 जनवरी 2018 तक अटल पेंशन योजना से 84 लाख लोग जुड़ चुके हैं। इस योजना के तहत अब तक 3,194 करोड़ रुपये की अभिदान राशि प्राप्त हो चुकी है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ०9 मई 2015 को की थी। योजना के तहत हर ग्राहक को एक निश्चित राशि हर साल जमा करानी होती है और 60 साल की उम्र के बाद राशि के अनुरूप उसे पेंशन दिया जायेगा।
पेंशन की राशि पेंशन खाता खोलते समय की तय हो जाती है। प्रत्येक खाते पर बैंकों को 120 से 150 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। रिजर्व बैंक ने वर्ष 2015 में 11 भुगतान बैंकों और 10 लघु वित्त बैंकों को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी जिनमें से नौ लघु वित्त बैंकों और चार भुगतान बैंक अस्तित्व में आ चुके हैं।
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने गत 15 जनवरी को भुगतान तथा नये वित्त बैंकों के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर उन्हें योजना के संचालन के बारे में जानकारी दी और योजना के बारे में विचार-विमर्श किया। इसके बाद उन्हें योजना का हिस्सा बनाया गया है।

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