जैसा कि यह तो सभी जानते है आजकल किस करना आम बात हो गई है। लेकिन यह कोई नहीं जानता कि किस की शुरुआत कब और कैसे हुई थी। प्रेम को ईश्वर के रूप में माना जाता है और हमारे यहां लैला मजनू, शरी फरहद जैसी कहानियां भी लोक कथाओं का एक हिस्सा हैं और प्रेम को दिखाने के लिए सबसे आसान तरीका है KISS करना माना जाता है लेकिन इंसान ने किस को कैसे सीखा और कैसे इंसान ने यह जाना कि किस करना अच्छा लगता है और इसके साथ-साथ एक सवाल और भी उठता है कि मनुष्य से कब से किया जा रहा है आइए जानते हैं कि कैसे इसकी शुरुआत हुई। 


मां अपने छोटे बच्चों को अपने होठों से छूती थी जो छोटे बच्चों को काफी अच्छा लगता था और जैसे-जैसे मानव सभ्यता आगे बढ़ती गई इसका सुधरा हुआ रूप चुंबन के रूप में प्रसिद्ध होता हुआ चला गया और समय के साथ ही यह प्यार जताने का जरिया बन गया।

किसिंग से अच्छे लाइफ पार्टनर का पता चलता है। साइंटिस्ट मानते हैं कि किसिंग के दौरान जब हमारे चेहरे करीब आते हैं, तो हम एक-दूसरे के फेरोमोंस के कॉन्टैक्ट में आते हैं। 


ऐसा नहीं है कि किसिंग के बारे में जन्म से ही पता होता है। इंसान देख-देखकर भी सीखता है। साइंटिस्ट कहते हैं कि जंगलों में रहने वाले कुछ कबीलों में किसिंग डेवलप ही नहीं हुई है।
दरअसल, हमारी जीभ और होंठों में ढेर सारी तंत्र कोशिकाएं होती हैं। इनसे जब दूसरे शख्स के नर्म नाजुक होंठों और जीभ का स्पर्श होता है, तो दोनों को सनसनी का अहसास होता है।
आम तौर पर भारत के लोग विदेशी फिल्मों को देखकर चुंबन के बारे में सोचते हैं और उसी प्रकार करने की कोशिश करते हैं इसके अलावा हमारे मुंबईया फिल्मकार भी इस मामले में पीछे नहीं हैं।  
कुछ साइंटिस्ट यह भी मानते हैं कि इंसान में किस करने का गुण जन्मजात होता है, यानी उसे सिखाना नहीं पड़ता। उनका मानना है कि किसिंग एकदम नेचुरल है। कुछ जानवर तो लिप्स भी छुआते हैं।

डाउनलोड करें Dainik Khabare APP और रहें हर खबर से अपडेट।


दैनिक खबरे से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए DainikKhabare.com के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें

Post a Comment

Powered by Blogger.