2014 में एक फ़िल्म आई थी, नाम था Interstellar. इस फ़िल्म में मानवों के भविष्य को टटोलने की कोशिश की गई थी. इस फ़िल्म में आज से लगभग 30-40 साल बाद की कहानी का ज़िक्र था. आज दिल्ली में जैसी स्थिति है, फ़िल्म में कुछ-कुछ ऐसी ही स्थिति दिखाई गई थी. फ़सलें जड़ से नष्ट हो रही थीं, इंजीनियर्स की जगह किसानों को वरीयता दी जाने लगी थी, चारों और धूल का गुबार दिखाई देता था, सांस लेने में खासी तकलीफ़ें होती थी. सिनेमाटोग्रैफ़ी में खास ध्यान रखा गया था कि माहौल में टेंशन और डिप्रेशन दिखाई दे. पृथ्वी एक ऐसा ग्रह बनता जा रहा था, जहां जीवन की संभावनाएं दिन-प्रतिदिन कम हो रही थीं, ऐसे में एक शख़्स धरती और उसके लोगों को बचाने के लिए दूसरी दुनिया को ढूंढने के मिशन पर निकलता है.
लेकिन वो फ़िल्म थी और ये रियल लाइफ़ है. दौड़ती-भागती ज़िंदगी में लोगों को पता ही नहीं चलता कि पर्यावरण की अनदेखी उन्हें कैसे मौत के मुंह में धकेल रही है, कैसे आज भी ग्लोबल वार्मिंग से जुड़े मुद्दों को हंस के टालने के भयंकर परिणाम झेलने पड़ेंगे.
इन्हीं परिणामों को लेकर अब एक महान वैज्ञानिक ने भी सहमति जताई है. स्टीफ़न हॉकिंग ने चेतावनी जारी की है कि आज जिस तरह के हालात हैं, उस हिसाब से धरती पर मानव सभ्यता का खात्मा आने वाले 600 सालों के अंदर हो जाएगा.

बीजिंग के Tencent WE समिट में वीडियो कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने कहा कि लगातार एक भयावह स्तर पर आबादी बढ़ रही है, एनर्जी और पावर का इस्तेमाल भी बेतहाशा बढ़ा है, अगर यूं ही चलता रहा तो हमारा ग्रह आने वाले 600 सालों के अंदर आग का गोला बन जाएगा.
मानव सभ्यता को अगर अगले कुछ लाख सालों तक ज़िंदा रहना है तो कुछ ऐसे कदम उठाने होंगे जिसके बारे में पहले कभी सोचा नहीं गया है.

हॉकिंग ने इंवेस्टर्स से अपील की कि उन्हें सोलर सिस्टम के सबसे करीबी स्टार की यात्रा करनी चाहिए, उन्होंने कहा कि हमारे सोलर सिस्टम का सबसे करीबी सितारा Alpha Centauri है. ये सितारा 4 बिलियन प्रकाश वर्ष दूर है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस सितारे में ऐसे ग्रह हो सकते हैं, जहां पृथ्वी की तरह ही जीवन की संभावना हो.
हॉकिंग इसके अलावा Breakthrough स्टारशॉट की भी पैरवी कर रहे हैं. इस प्रोजेक्ट में एक छोटे से एयरक्राफ़्ट का इस्तेमाल किया जाएगा जो लगभग प्रकाश की गति से यात्रा कर सकेगा. हॉकिंग ने कहा कि ऐसा सिस्टम मंगल ग्रह पर महज कुछ घंटों के अंदर पहुंच सकता है, कुछ दिनों में प्लूटो तक पहुंच सकता है और Alpha Centauri पर 20 सालों के अंदर पहुंचने की क्षमता रखता है.
डाउनलोड करें Dainik Khabare APP और रहें हर खबर से अपडेट।
दैनिक खबरे से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए DainikKhabare के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें


Post a Comment
Post a Comment