अरिजित बर्मन, नई दिल्ली: टाटा के नए बॉस एन. चन्द्रशेखरन ने घाटा में चल रहे अपने टेलिकॉम बिजनस के लिए समाधान ढूढ लिया है। टाटा टेलिसर्विसेज अपने वायरलेस मोबाइल बिजनस को सुनील भारती मित्तल की कंपनी भारती एयरटेल को बेचेगी। इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच 4 महीने से बातचीत चल रही है।

टाटा टेलिसर्विसेज के करीब 4 करोड़ ग्राहक भी एयरटेल को ट्रांसफर होंगे। टाटा टेलिसर्विसेज के पास देश के 19 सर्कस्ल में 800, 1800, 2100 मेगाहर्ट्ज (3जी, 4जी) बैंड में कुल 180 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम हैं। भारती एयरटेल टाटा के फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क का इस्तेमाल करने के लिए भी सौदे पर दस्तखत करेगी। टाटा टेलिसर्विसेज घाटा में चल रही थी। उसे स्पेक्ट्रम के लिए 10 हजार करोड़ रुपये अभी चुकाने हैं। कंपनी पर कर्ज का काफी बोझ है।

टाटा टेलिसर्विसेज के प्रस्तावों पर भारती बोर्ड में चर्चा चल रही है। गुरुवार रात को इस बारे में औपचारिक ऐलान भी हो सकता है। बता दें कि इकनॉमिक टाइम्स ने 7 जुलाई को ही यह खबर दी थी कि दोनों पक्षों के बीच विलय को लेकर बातचीत चल रही है।

टाटा टेलिसर्विसेज के वायरलेस मोबाइल बिजनस के भारती एयरटेल में विलय के बाद यह ग्राहकों की संख्या और रेवेन्यू मार्केट शेयर के मामले में भी वोडाफोन-आइडिया को पछाड़कर देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी हो जाएगी। एयरटेल के पास भारत में करीब 28 करोड़ मोबाइल फोन यूजर्स हैं। 

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