किसी शायर ने क्या खूब कहा है 'अब मैं समझा तिरे रुख़्सार पे तिल का मतलब दौलत-ए-हुस्न पे दरबान बिठा रक्खा है' . जी हां, चेहरे से लेकर शरीर के विभिन्न अंगों पर तिल के होने का एक अलग ही महत्व होता है. यही वजह है कि इन तिलों ने कवियों, शायरों, लेखकों, प्रेमियों और गीतकारों को हमेशा से ही प्रभावित किया है और वे इस निशान को लेकर लिखते रहते हैं.
हस्तरेखा विज्ञान में हथेली पर मौजूद रेखाओं के अलावा शरीर के दूसरे अंगों पर तिल एवं मस्सों के फल भी बताए गये हैं. शरीर के कुछ अंग ऐसे हैं, जहां पर तिल का होना यह दर्शाता है कि व्यक्ति अधिक कामुक होगा. हालांकि कुछ अंगों पर तिल का होना यह भी दर्शाता है कि व्यक्ति को अत्यधिक कामुकता के कारण बाद में परेशानी भी होती है. अगर आप में भी काम की भावना प्रबल है, तो देख लीजिए आपके भी इन अंगों पर तिल ज़रूर होंगे.

शुक्र पर्वतः हाथों की हथेली में यह स्थान अंगूठे के नीचे आता है. शुक्र को काम भाव का कारक ग्रह माना जाता है. जिनके शुक्र पर्वत पर तिल होता है, उनमें कामुकता की भावना इतनी अधिक होती है कि प्यार की खुशी मिलने की संभावना प्रबल होती है. हालांकि शुक्र पर्वत पर ही तिल होने के कारण कई लोगों से संबंध बनने की आशंका भी अधिक रहती है, जिसकी वजह से परेशानी भी हो सकती है.

होंठ के ऊपर तिल: अगर आपके होंठ पर तिल है, तो समझ लीजिए कि आपके अंदर काम भावना का समुद्र है. ऊपर के होंठ पर कामदेव का वास माना जाता है. इस स्थान पर तिल का होना भी कामुकता की पहचान है.

दाहिनी आंख पर तिल: इस जगह पर तिल होने का मतलब है कि आपकी आंखों में प्यार का समुद्र है. आपके अंदर काम भावना की कोई कमी नहीं होगी.

गुप्तांग पर तिल: अगर आपके गुप्तांग पर तिल है, तो इसे ज़रूर पढ़ें. क्योंकि समुद्रशास्त्र में इस अंग पर तिल का होना अत्यधिक कामुकता की पहचान बताई गई है. ऐसे व्यक्ति अपनी कामुकता के कारण अपनी यौन क्षमता जल्दी खो बैठते हैं.

जांघ पर तिल: जांघों पर तिल होना कामुक होने की निशानी है. अगर आपके भी जांघ पर तिल है, तो समझ जाइये कि आप बहुत ही कामुक मिज़ाज के हैं.

छाती पर तिल: यहां पर तिल होने का मतलब होता है कि आप अपने जीवन साथी से बहुत ही प्यार करने वाले हैं.

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