गैंग झांसी, भिण्ड और ग्वालियर के नामचीन डॉक्टरों को फंसा चुका था। बदनामी से बचने आयुर्वेद अस्पताल के एक डॉक्टर तो खुदकुशी की कगार पर पहुंच गए थे। नर्स डॉक्टरों के पास मरीज बनकर जाती थी। फिर तकलीफ का बहाना कर उनके घर तक पहुंचकर जाल में फंसाती और चुप रहने के एवज में गिरोह १० लाख रुपया मांगता था।
पर्स में स्पाई कैम (खुफिया कैमरा) से डॉक्टरों के साथ न्यूड फोटो खींचती और गिरोह के सदस्य बदनाम करने की धमकी देकर पैसों की डिमांड करते थे।
इलाज के बहाने आकर नशीला कोल्ड ड्रिंक पिलाकर डॉक्टरों को बेहोश करने व फिर उनका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले रैकेट का क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है। रैकेट में उरई की एक महिला सहित तीन लोग शामिल हैं। इनके पास से एक बैग मिला है, जिसमें खुफिया कैमरा लगा है। आरोपी दो डॉक्टरों को ब्लैकमेल कर 15 लाख से अधिक रुपये ले चुके हैं।

महिला का कहना है कि उसे केवल 10 हजार रुपये मिले हैं। वह उरई में नर्स है। उसके साथी भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। एसपी डॉ. आशीष ने बताया कि भिंड जिले में पदस्थ डॉक्टर ग्वालियर के गोविंदपुरी में रहते हैं। डॉक्टर ने 13 सितंबर को लिखित शिकायत कर बताया था कि कुछ लोगों ने उनका अश्लील वीडियो बना लिया है। उसकी सीडी भेजकर अब 10 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं।

महिला का कहना है कि उसे केवल 10 हजार रुपये मिले हैं। वह उरई में नर्स है। उसके साथी भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। एसपी डॉ. आशीष ने बताया कि भिंड जिले में पदस्थ डॉक्टर ग्वालियर के गोविंदपुरी में रहते हैं। डॉक्टर ने 13 सितंबर को लिखित शिकायत कर बताया था कि कुछ लोगों ने उनका अश्लील वीडियो बना लिया है। उसकी सीडी भेजकर अब 10 लाख रुपये मांगे जा रहे हैं।
इलाज के बहाने आती थी
डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त को मेरे मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम मनीषा पाल बताया। महिला ने स्वयं को मरीज बताया और उसी दिन चेकअप के लिए आई। महिला ने सीने में दर्द की शिकायत की। उन्होंने जांच कर दवा लिख दी। महिला ने फिर कॉल कर बताया कि दर्द बढ़ गया है। उन्होंने मोबाइल पर दूसरी दवा बता दी। दूसरे दिन फिर कॉल कर महिला ने बताया कि उसे तकलीफ बढ़ गई है। मैंने महिला को बताया कि अभी मैं ग्वालियर में हूं। महिला पता लेकर उनके घर आ गई। महिला अपने साथ कोल्ड ड्रिंक लेकर आई थी। डॉक्टर को घर में अकेला पाकर उसने कोल्ड ड्रिंक पिला दी, जिससे वह बेहोश हो गए। महिला उन्हें सोता छोड़कर चली गई। नौ सितंबर को उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजा बाबू बताया और कहा कि उनके घर पार्सल आ रहा है। उसे देखकर 10 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। 10 लाख रुपये कहां भेजना हैं बाद में बताऊंगा। डॉक्टर ने बताया कि पार्सल में महिला के साथ निर्वस्त्र हालत में उनका अश्लील फोटो और वीडियो था। महिला ने उनके अचेत होने के बाद अपने व उनके वस्त्र उतारकर ब्लैकमेल करने के लिए सीडी बनाई और फोटो खींचे।
डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि 30 अगस्त को मेरे मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम मनीषा पाल बताया। महिला ने स्वयं को मरीज बताया और उसी दिन चेकअप के लिए आई। महिला ने सीने में दर्द की शिकायत की। उन्होंने जांच कर दवा लिख दी। महिला ने फिर कॉल कर बताया कि दर्द बढ़ गया है। उन्होंने मोबाइल पर दूसरी दवा बता दी। दूसरे दिन फिर कॉल कर महिला ने बताया कि उसे तकलीफ बढ़ गई है। मैंने महिला को बताया कि अभी मैं ग्वालियर में हूं। महिला पता लेकर उनके घर आ गई। महिला अपने साथ कोल्ड ड्रिंक लेकर आई थी। डॉक्टर को घर में अकेला पाकर उसने कोल्ड ड्रिंक पिला दी, जिससे वह बेहोश हो गए। महिला उन्हें सोता छोड़कर चली गई। नौ सितंबर को उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजा बाबू बताया और कहा कि उनके घर पार्सल आ रहा है। उसे देखकर 10 लाख रुपये का इंतजाम कर लो। 10 लाख रुपये कहां भेजना हैं बाद में बताऊंगा। डॉक्टर ने बताया कि पार्सल में महिला के साथ निर्वस्त्र हालत में उनका अश्लील फोटो और वीडियो था। महिला ने उनके अचेत होने के बाद अपने व उनके वस्त्र उतारकर ब्लैकमेल करने के लिए सीडी बनाई और फोटो खींचे।
मोबाइल नंबर से पकड़े गए आरोपी
राजा बाबू 10 लाख रुपए वसूलने के लिए डॉक्टर को मोबाइल पर धमका रहा था। क्राइम ब्रांच ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर सभी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनीषा पाल का असली नाम नेहा कुशवाह है। उसका पति मजदूरी करता है। रैकेट का मास्टर माइंड राजा बाबू है। इसका असली नाम कृष्ण कुमार है। एक अन्य साथी अनिल वाल्मीकि है। ये लोग भी अस्पताल में नौकरी करते हैं।
राजा बाबू 10 लाख रुपए वसूलने के लिए डॉक्टर को मोबाइल पर धमका रहा था। क्राइम ब्रांच ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर सभी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मनीषा पाल का असली नाम नेहा कुशवाह है। उसका पति मजदूरी करता है। रैकेट का मास्टर माइंड राजा बाबू है। इसका असली नाम कृष्ण कुमार है। एक अन्य साथी अनिल वाल्मीकि है। ये लोग भी अस्पताल में नौकरी करते हैं।
डॉक्टर आसानी से दे देते हैं रुपये
आरोपियों ने बताया कि डॉक्टर आसानी से ब्लैकमेल हो जाते हैं, क्योंकि अगर इनकी बदनामी हो जाए तो इनकी प्रैक्टिस लगभग समाप्त हो जाती है। ये लाखों रुपये देने में सक्षम भी होते हैं।
आरोपियों ने बताया कि डॉक्टर आसानी से ब्लैकमेल हो जाते हैं, क्योंकि अगर इनकी बदनामी हो जाए तो इनकी प्रैक्टिस लगभग समाप्त हो जाती है। ये लाखों रुपये देने में सक्षम भी होते हैं।
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