जल संसाधन विभाग में यदि कोई कर्मचारी स्मार्टफोन का उपयोग करता पाया गया तो उसका फोन तो जब्त होगा ही, पांच सौ रुपए जुर्माना भी वसूला जाएगा।

जयपुर। जल संसाधन विभाग में यदि कोई कर्मचारी स्मार्टफोन का उपयोग करता पाया गया तो उसका फोन तो जब्त होगा ही, पांच सौ रुपए जुर्माना भी वसूला जाएगा। यही नहीं कार्यालय में आने वाले आगंतुकों को भी दफ्तर के बाहर ही अपना स्मार्टफोन छोडऩा पड़ेगा। कुछ इसी तरह का आदेश विभाग के खंड उदयपुरअधिशाषी अभियंता ने जारी किया है।
विभाग के अनुसार कर्मचारियों की व्यस्तता विभाग के कामकाज से ज्यादा सोशल मीडिया पर होने की शिकायते थीं। इसी के चलते खंड एक्सईएन हेमंत कुमार पानडि़या ने शुक्रवार को आदेश जारी कर कार्यालय परिसर में कर्मचारियों व आगंतुकों के स्मार्टफोन उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
यही नहीं आदेश जारी होने के बाद कार्यालय परिसर में फोन का उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित कार्मिक को उस दिन के स्वैच्छिक अवकाश पर मानने के आदेश भी दिए गए हैं। साथ ही दोषी व्यक्ति से पांच सौ रुपए जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा कराने व फोन जप्त करने की कार्रवाई का फरमान भी आदेश में दिया गया है।
काम से ज्यादा सोशल मीडिया पर रहता है ध्यान : एक्सईएन
एक्सईएन हेमंत कुमार पानडि़या ने बताया कि कार्यालय में कार्मिकों का ध्यान विभाग के कामकाज से ज्यादा सोशल मीडिया पर ज्यादा केंद्रित हो रहा है, जिससे विभाग के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। विभाग के कामकाज समय पर करने के साथ ही कार्मिकों में कार्य की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
कार्मिक सरकारी कामकाज के लिए विभाग के फोन और कम्प्यूटर उपयोग में ले सकते हैं, वहीं फिलहाल कार्मिकों ने इसकी सराहना की है। अभी तक इस बारे में कोई आपत्ति मुझे नहीं मिली है। मालूम हाे कि दुनिया के कर्इ देशाें के दफ्तरों में आम लोगों और अधिकारियों को स्मार्टफोन साथ ले जाने की अनुमति नहीं है। हालांकि ऐसे फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें कैमरा और इंटरनेट की सुविधा नहीं होगी।

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