राम रहीम पर सोमवार को सजा का एलान, हवाई मार्ग से CBI के विशेष जज आएंगे जेल

चंडीगढ़। यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत सोमवार को सजा का एलान करेगी। सीबीआई के विशेष जज राम रहीम को सजा जेल में ही सुनाएंगे। इसके लिए जज को हवाई मार्ग से पंचकूला से रोहतक जेल ले जाया जाएगा। राज्य की पुलिस ने दावा किया है कि इस मामले को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अगर कोई भी गड़बड़ी करने की कोशिश करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
डेरा के पदाधिकारियों को हिरासत में लिया गया
बता दें कि शुक्रवार को यौन शोषण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरूमीत राम रहीम के दोषी करार दिया था, जिसके बाद पंचकूला और सिरसा में उनके समर्थक हिंसा पर उतारू हो गए थे। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में व्यापक हिंसा हुई। डेरा समर्थकों ने कई शहरों में उपद्रव और आगजनी शुरू कर दी। इस क्रम में 38 लोगों की मौत हो गई और 250 लोग घायल हो गए हैं।  इसे देखते हुए पुलिस सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। डेरा के अहम पदाधिकारियों को भी एहतियातन हिरासत में ले लिया है। इन लोगों पर अनुयायियों को इकट्ठा कर लेने की आशंका है।
 
पूरे शहर की नाकाबंदी
पुलिस ने बताया कि सुनारिया जेल रोहतक शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित है और कारागार परिसर की ओर जाने वाले मार्ग में कई सुरक्षा अवरोधक लगाए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान कड़ी निगरानी रख रहे हैं और पूरे रोहतक में कई नाका बनाए गए हैं। डेरा प्रमुख को सजा सुनाए जाने के मद्देनजर सुरक्षा स्थिति का जायजा ले रहे रोहतक रेंज के महानिरीक्षक नवदीप विर्क ने कहा कि डेरा केन्द्रों पर पूरी तरह कार्रवाई की गई है और राज्य भर में सभी प्रमुख पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद किसी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
 
डेरा की पूरी संपत्ति को जब्त करने का आदेश
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों द्वारा पंजाब, हरियाणा में हिंसा और उपद्रव के मद्देनजर शाम को बाबा राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा की पूरी संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि डेरा सच्चा सौदा की संपत्ति से इस पूरे नुकसान की भरपाई की जाए। गौरतलब है कि इस हिंसा में 38 लोगों की मौत हो गई। कई स्थानों पर बसें, सरकारी और निजी संपत्ति को आग लगा दी गई है।
 
 
क्या है मामला
अप्रैल 2002 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तब के पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को एक साध्वी ने लेटर लिखकर यह आरोप लगाया था कि बाबा ने उसका यौन शोषण किया है। मई 2002 में लेटर के फैक्ट्स की जांच का जिम्मा सिरसा के सेशन जज को सौंपा गया। दिसंबर 2002 में सीबीआई ब्रांच ने राम रहीम पर धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया। दिसंबर 2003 को सीबीआई को जांच के निर्देश दिए गए। 2005-2006 के बीच में सतीश डागर ने इन्वेस्टिगेशन की और उस साध्वी को ढूंढा जिसका यौन शोषण हुआ था।
 
जुलाई 2007 में चार्जशीट फाइल
जुलाई 2007 को सीबीआई ने अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। यहां से केस पंचकूला शिफ्ट हो गया और बताया गया कि डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं। अगस्त 2008 को ट्रायल शुरू हुआ और डेरा मुखी के खिलाफ चार्ज तय किए गए। 2011 से 2016 के बीच लंबा ट्रायल चला। डेरा मुखी की ओर से अपीलें दायर हुईं। जुलाई 2016 को केस के दौरान 52 गवाह पेश हुए। इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे। जून 2017 को डेरा प्रमुख ने विदेश जाने के लिए अपील दायर की तो कोर्ट ने रोक लगा दी। 25 जुलाई 2017 को कोर्ट ने रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि केस जल्द निपट सके। 17 अगस्त 2017 को बहस खत्म हुई और अब 25 अगस्त को बाबा को दोषी करार दिया गया है।

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