केंद्र सरकार साल 2030 से देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों के लक्ष्य पर काम कर रही है. केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने FICCI के एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी. गोयल ने कहा कि दुनियाभर में अब इलेक्ट्रिक कारों पर ध्यान दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा, हाइब्रिड कारों से फ्यूल की खपत में कमी आयी है, फिर भी भारत इलेक्ट्रिक कारों को प्रमोट करेगा क्योंकि यही भविष्य है. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि देश में मौजूद सभी डीजल और पेट्रोल कारों की जगह इलेक्ट्रिक कारें लाने में और ज्यादा वक्त लग सकता है.
पीयूष गोयल ने कहा कि 2030 से सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें होंगी, मौजूदा कारों को बदलने में थोड़ा समय जरूर लगेगा. इससे ज्यादा समय भी लगे, लेकिन सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों को प्रमोट करने की योजना पर काम कर रही है. नीति आयोग को इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए भविष्य की योजना पर काम करने को कहा गया है.
हाइब्रिड कारों के बारे में उन्होंने कहा कि इससे फ्यूल की खपत कम हुई है लेकिन हमारा भविष्य सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें ही हैं. मैंने वित्त मंत्री को सुझाव दिया था कि ऐसी कोई टेक्नोलॉजी जो फ्यूल की खपत कम करें, सुझाव देने लायक नहीं हैं क्योंकि यह भविष्य नहीं है. भविष्य सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें ही हैं.
हाइब्रिड कारों के लिए हो रही लॉबिंग के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह उन कंपनियों की मुहिम है जिनके पास इलेक्ट्रिक कारें नहीं हैं. ये कंपनियां मेरे पास भी यह समझाने के लिए आयी थीं कि हाइब्रिड कारों का विरोध ना किया जाए. दुनिया इलेक्ट्रिक कारों की तरफ बढ़ रही है और अपना देश भी उन्हें बढ़ावा देगा.
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