मोदी सरकार 1.94 लाख कंपनियां कर चुकी बंद, मुंबई-दिल्ली पर सबसे ज्यादा असर
मोदी सरकार 1.94 लाख कंपनियां कर चुकी बंद, मुंबई-दिल्ली पर सबसे ज्यादा असर

नई दिल्ली.
 
  नरेंद्र मोदी ने इस बार 15 अगस्त्त को लाल किले से सबसे ज्यादा जोर ब्लैकमनी पर लगाम कसने के लिए उठाए गए कदमों पर दिया। उन्होंने कहा कि अब तक उनकी सरकार ने 1.75 लाख से ज्यादा कंपनियां बंद की हैं, जो कि ब्लैकमनी के खेल में शामिल थीं। इस पर हमने देश के अलग-अलग रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के ऑफिस से रिपोर्ट निकाली हैं। इनके मुताबिक, अब तक 1.94 लाख कंपनियां बंद की जा चुकी है। इनमें ज्यादातर शेल कंपनियां हैं। सबसे ज्यादा कंपनियां मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और कोलकाता में बंद हुई हैं। 

पूरे देश में फैला है जाल...

कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बंद हुई कंपनियों में बड़ी संख्या ऐसी कंपनियों की है, जिनकी गतिविधियां संदिग्ध थीं। इसी के मद्देनजर रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के स्तर पर एक्शन लिया गया है। हालांकि, इनमें कई ऐसी कंपनियां भी की गई हैं, जो शेल कंपनियां नहीं थीं। कुछ कंपनियों ने सेक्शन 248 के तहत बंद होने का प्रॉसेस भी किया है।
 
टॉप-10 शहर, जहां बंद हुईं सबसे ज्यादा कंपनियां
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी ऑफिस
बंद कंपनियों की संख्या
मुंबई
71530
दिल्ली
26021
हैदराबाद
24338
कोलकाता
11955
पटना
11265
चेन्नई
8822
बंगलुरू
7399
कानपुर
7024
जयपुर
5831
एर्नाकुलम
5479
नोट- ये लिस्ट अप्रैल से अगस्त 2017 के आंकड़ों के आधार पर अलग-अलग आरओसी की ओर से तैयार की गई है। 
 
शेलकंपनी किसे कहते हैं? 

ऐसी कंपनियों को शेल कंपनी कहा जाता है। जो आमतौर पर एक नॉर्मल कंपनी की तरह काम नहीं करती। इनमें सिर्फ ब्लैकमनी को व्हाइट करने के लिए पैसों का लेन-देने होता है। शेल कंपनियों को राजनेताओं से लेकर बिजनेसमैन, ब्यूरोक्रेट्स इस्तेमाल करते हैं। मोदी सरकार लगातार ऐसी कंपनियों पर एक्शन ले रही है, जो सिर्फ ब्लैकमनी खपाने के लिए बनाई जाती हैं। 

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