कृष्ण जन्माष्टमी पर कैसे करें पूजन

Krishna Janmashtami Par Kaise Kare Pujan : श्री कृष्णा जन्माष्टमी का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व होता है क्योकि इसी दिन भगवान श्री कृष्णा का जन्म हुआ था इसी दिन भगवान कृष्णा के सभी भक्त उनके लिए व्रत का प्रावधान करते है और पूरे 12 घंटे यानि रात को 12 बजे से अगले दिन रात के 12 बजे तक बिना खाये पिए रहते है | हिन्दू धर्म में यह व्रत सबसे लम्बा व्रत माना जाता है तो हम आपको इस व्रत के बारे में जानकारी देते है की आप किस तरह से इस व्रत को करते है और क्या करने से कृष्णा जी को खुश कर सकेंगे | श्री कृष्णा जी का जन्म धरती पर असुरो के राज़ को ख़त्म करने के उद्देश्य से देवताओ द्वारा किया गया था वह खुद भगवान श्री कृष्णा के रूप थे इसीलिए हमारे हिन्दू धर्म में उन्हें भगवान माना जाता है |

कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

Krishna Janmashtmi Mahotsav : भगवान श्री कृष्णा भगवान विष्णु के आंठवे अवतार है जिनकी उत्पत्ति भगवान विष्णु द्वारा देवकी के गर्भ से धरती में हो रहे राक्षसों और दानवो के अंत के लिए किया गया था उनका जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथी के दिन रोहिणी नक्षत्र में हुआ था यह उनका 5244 वां जन्मदिन है और इस साल यानि 2017 में यह दिन 14 और 15 अगस्त को मनाया जायेगा इस दिन दही हांड़ी, झांकी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी कियस जाता है | इस दिन को गोकुल अष्टमी, श्री कृष्णा अष्टमी, श्रीकृष्ण जयंती के नामो से भी जाना जाता है |

कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

जन्माष्टमी व्रत विधि

Janmashtmi Vrat Vidhi : जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण जी की की पूजा के लिए आप हमारे द्वारा बताये गए तरीको को आसानी से आजमा सकते है और इस दिन पूरे भक्तिभाव से उपवास रख कर अपने जीवन को सुखमय बना सकते है :
  1. उपवास करने से एक दिन पहले आप रात्रि को हल्का भोजन करे तथा रात्रि 12 बजे के बाद कुछ ना खाये |
  2. अगले दिन यानि उपवास वाले दिन आप व्रत रखने का प्रण ले तथा स्नान इत्यादि करके रोज़ के कामो से निवृत्त हो जाए |
  3. पश्चात सूर्य, सोम, यम, काल, संधि, भूत, पवन, दिक्‌पति, भूमि, आकाश, खेचर, अमर और ब्रह्मादि को नमस्कार कर पूर्व या उत्तर मुख बैठें।
  4. घर में श्री कृष्णा के बाल चरित्र के प्रति उनके लिए जन्माष्टमी सजाये उसमे आप अनेक प्रकार के खिलौने को सजाये | और उसी जगह पर भगवान कृष्णा के बाल चरित्र की मूर्ति या फोटो के साथ स्तनपान कराती हुई देवकी जी का भी रखे |
  5. जहाँ आप जन्माष्टमी सजाये उस स्थान पर कृष्णा जी की मूर्ति को झूले के साथ रखे जिस पर वह झूले पर झूल रहे होंगे |
  6. उसके बाद रात्रि में विधिपूर्वक मुहूर्त होने पर शास्त्रों के अनुसार गोपाल जी की पूजा अर्चना करे तथा उनकी आरती भी उतारे |
  7. श्री कृष्णा जी को माखन और मिश्री बेहद पसंद है इसीलिए आप मिश्री और माखन की मदद से उन्हें भोग लगाए |
  8. जब आप उनकी पूजा अर्चना करे तथा तो माखन और मिश्री को प्रसाद के तौर पर बांटे | और च्नद्र को पानी से अर्घ देकर खाना खा ले |

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