स्थापना ट्विटर को जैक डोर्से ने अपने अमेरिकी साथियों इवान विलियम्स, बिज स्टोन और नोआ ग्लास के साथ बनाया था। सह-संस्थापक जैक डोर्से न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में स्नातक के छात्र थे। वह ऐसी वेबसाइट बनाना चाहते थे, जिसके जरिये लोग आपस में जुड़ सकें। ट्विटर का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में है। नामकरण ट्विटर शब्द चिड़ियों के चहचहाने से लिया गया है। इसका नाम पहले TWTTR रखा गया था। दरअसल उस समय इंटरनेट पर twitter.com नामक डोमेन उपलब्ध नहीं था। शुरुआत में यह सेवा ओडियो नामक कंपनी के लिए शुरू की गई थी। कुछ महीने बाद डोमेन नेम उपलब्ध होने पर टीडब्ल्यूटीटीआर को ट्विटर डॉट कॉम में बदल दिया गया। 

11 साल की शानदार उड़ान और सबकी चहेती बन गई यह चिड़िया


माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर को 11 साल पूरे हो गए हैं। इन 11 सालों में ट्विटर ने दुनियाभर के लोगों को अपना दीवाना बनाया है।

नई दिल्ली: ऑनलाइन न्यूज और माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर 11 साल पहले आज यानी 15 जुलाई को ही लॉन्च हुई थी। इसने लोगों को उनके विचार और तस्वीरें दुनिया से साझा करने का मंच प्रदान किया। ट्विटर के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डोर्से ने ही इस पर पहला ट्वीट ‘जस्ट सेटिंग अप माई ट्विटर’ किया था। आज यह दुनियाभर में रायशुमारी का एक प्रभावी मंच साबित हो रहा है। 

स्थापना ट्विटर को जैक डोर्से ने अपने अमेरिकी साथियों इवान विलियम्स, बिज स्टोन और नोआ ग्लास के साथ बनाया था। सह-संस्थापक जैक डोर्से न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में स्नातक के छात्र थे। वह ऐसी वेबसाइट बनाना चाहते थे, जिसके जरिये लोग आपस में जुड़ सकें। ट्विटर का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में है। नामकरण ट्विटर शब्द चिड़ियों के चहचहाने से लिया गया है। इसका नाम पहले TWTTR रखा गया था। दरअसल उस समय इंटरनेट पर twitter.com नामक डोमेन उपलब्ध नहीं था। शुरुआत में यह सेवा ओडियो नामक कंपनी के लिए शुरू की गई थी। कुछ महीने बाद डोमेन नेम उपलब्ध होने पर टीडब्ल्यूटीटीआर को ट्विटर डॉट कॉम में बदल दिया गया।

हैशटैग जर्नलिज्म


पत्रकारिता यानि खबरें दुनियाभर के लोगों को ताजा तरीन घटनाओं से रूबरू रखने का माध्यम है। लेकिन ट्विटर ने पत्रकारिता का स्वरूप ही बदलकर रख दिया है। आज किसी भी माध्यम की पत्रकारिता से ज्यादा तेज घटनाओं की जानकारी ट्विटर पर पहुंचती है। हैशटैग जर्नलिज्म शुरू करने का श्रेय भी ट्विटर को ही जाता है। ट्विटर जहां पत्रकारिता के पारंपरिक साधनों से तेज है, वहीं उनके लिए वरदान भी साबित हो रहा है। तमाम मीडिया चैनल, अखबार और वेसबाइट ट्विटर के माध्यम से ही अपने पाठकों, दर्शकों और उपयोगकर्ताओं को ताजा घटना से अवगत कराते रहते हैं।

चुनावों में ट्विटर जानकारी का प्रमुख स्रोत

चुनावों और खासकर मतगणना के दिन परिस्थितियां इतनी तेजी से बदलती हैं कि पत्रकारिता का कोई भी माध्यम इतनी तेजी से जानकारी मुहैया नहीं करा पाता। लेकिन ट्विटर पर पल-पल की जानकारी बहुत ही तेजी से आती है। इस साल की शुरुआत में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में ट्विटर ब्रेकिंग न्यूज का प्रमुख साधन बनकर उभरा। साल 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए हुए चुनाव को ही ले लें। उस चुनाव में ट्विटर ब्रेकिंग न्यूज का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरा। मतगणना के ही दिन रात 10 बजे तक सिर्फ एक दिन में चुनाव से संबंधित 40 मीलियन ट्वीट किए गए थे।


खास ट्वीट
मई, 2009 में अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री माइकल मैसिमिनो ने अंतरिक्ष में पहली बार ट्विटर का परोक्ष रूप से प्रयोग किया। वह अपना संदेश जॉनसन स्पेस सेंटर भेजते थे, फिर वहां से उसे ट्विटर पर डाला जाता था।
22 जनवरी, 2010 को पहली बार अंतरिक्ष से ट्विटर पर सीधा ट्वीट अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री टिमॉथी क्रीमर ने किया था।
छह मई, 2011 को एवरेस्ट से ब्रिटिश पर्वतारोही केंटन कूल ने ट्वीट किया था। वह 8,848 मीटर की ऊंचाई पर थे। 

आठ नवंबर, 2016 को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित चार करोड़ ट्वीट हुए। इनमें से कई ब्रेकिंग न्यूज थे।

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