क्राइम: व्यक्ति घर से दूर अपने भविष्य को निखारने की चाह में आता है लेकिन नए शहर के नए तरिके उसे अपने सपनों से कही दूर ले जाते है। कहते है कि यदि हम अपने शहर और घर से बाहर जाते है तो हमे वही के रंग में डालना पड़ता है लेकिन इंसान का एक गलत फैसला उसकी साडी ज़िंदगी बर्बाद कर देता है फिर वह चाह कर भी अपने सपनों की उड़न नहीं भर पाता।जी हां,अंबेडकर नगर का रहने वाला खान मुबारक यूं तो इलाहाबाद में पढ़ने आया था, लेकिन यहां उसे अपराध का ऐसा चस्का लगा कि देखते-देखते वह प्रदेश के मोस्ट वांटेड अपराधियों में से एक बन गया।

मिली जानकारी के अनुसार इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए करने वाले खान मुबारक ने पहला अपराध साउथ मलाका में क्रिकेट ग्राउंड में किया था, जब अंपायर द्वारा आउट दिए जाने पर उसने उसे गोली मार दी थी। इसके बाद उसने छोटा राजन गिरोह से जुड़कर हर तरह के अपराध किए। इस समय उसके खिलाफ 22 आपराधिक मामले चल रहे हैं।
सन 2000 में इंटर पास करने के बाद खान मुबारक और उसका भाई जफर खान उर्फ जफर सुपारी इलाहाबाद आ गए थे। खान मुबारक ने यहीं से बीए और फिर अंग्रेजी में एमए किया था। अंपायर को गोली मारने के मामले में कोतवाली से वह जेल गया। वहां उसका भाई जफर खान पहले से ही बंद था। उसी के माध्यम से वह शहर के बड़े अपराधियों के संपर्क में आया। जल्द ही वह छोटा राजन गिरोह से जुड़ गया।
उसने जेल से ही फोन कर शहर के बड़े डॉक्टरों से रंगदारी मांगनी शुरू कर दी। कई डॉक्टरों ने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन दो ने सिविल लाइंस और जार्जटाउन में उसके खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया था। 2007 में जेल से छूटने के बाद शहर की और बड़ी वारदात कचहरी डाकघर लूट को उसने अंजाम दिया था। लूट के दौरान ही पुलिस पहुंच गई और क्रास फायरिंग में उसके दो साथी मारे गए। खान मुबारक को भी गोली लगी थी। बाद में पकड़ा गया तो 2012 तक लगातार जेल में रहा। 2012 के बाद वह छूटा तो अंबेडकरनगर के हंसवर गांव में रहने लगा। वहां उसके खिलाफ 16 मामले दर्ज हुए। पिछले कुछ सालों से वह अंबेडकरनगर में ही रह रहा है, लेकिन उसका इलाहाबाद में आना जाना लगा रहता।
खान मुबारक का भाई जफर सुपारी और ओसामा दोनों छोटा राजन गिरोह के लिए काम करते थे। मुंबई में ही किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। खान मुबारक ने जेल से ही उसके खून की 50 लाख की सुपारी दी। ओसामा को नए लड़कों से घूरपुर में गोली मरवा दी। तत्कालीन क्राइम ब्रांच ने इसका खुलासा कर चार लोगों को गिरफ्तार किया था।