रायपुर। स्वास्थ्य विभाग जरूरतमंद मरीजों तक ब्लड पहुंचाने के लिए जल्द ब्लड ट्रांसफ्यूजन बाइक (बीटीबी) प्रोजेक्ट लांच करने की तैयारी में है। टेंडर हो चुका है। 102-108 सेवा संचालित करने वाली कंपनी जीवीकेईएमआरआई को वर्क ऑर्डर मिला है। हालांकि अभी बाइक की खरीदी से संबंधित बजट का प्रस्ताव सरकार के पास है।
जैसे एक ऑर्डर पर पिज्जा की घर पहुंच सेवा मिलती है, ठीक वैसे ही बाइक के जरिए ब्लड अस्पताल पहुंचाया जाएगा। यह सेवा नि:शुल्क होगी। सूत्रों के मुताबिक रायपुर से इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हो सकती है। अगर यह सफल रहा तो राज्य के दूरस्थ अंचल सरगुजा, बस्तर संभागों में लांच होगा।
विभाग ने 10 बीटीबी के बजट का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। दावा किया जा रहा है कि देश में यह अपनी तरह का पहला प्रयोग है। पड़ताल में सामने आया कि प्रदेश के नवगठित 9 जिले में ब्लड बैंक नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि इन जिलों में सबसे पहले ब्लड बैंक खोले जाएं, जिसकी प्रक्रिया जारी है। ब्लड बैंक खुलने के बाद मदर ब्लड बैंक से अस्पतालों में भर्ती मरीजों तक बीटीबी के जरिए ब्लड पहुंचाया जा सकेगा। इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी होगा, जिसमें कॉल करने पर नजदीकी ब्लड बैंक से बीटीबी रवाना कर दी जाएगी।
टेंप्रेचर मेंटेनेंस सबसे अहम
डोनेशन के बाद ब्लड को एक निर्धारित तापमान पर फ्रिजर में रखा जाता है, जिससे वह 20 दिन तक इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इसके बाद उसे डिस्कार्ड कर दिया जाता है। बाइक के पीछे लगे बॉक्स वैसा ही डिजाइन किया जा रहा है कि उसके अंदर फ्रिजर जितना तापमान रहे।
जरूरत इसलिए
शहर के अंदर 3 सरकारी ब्लड बैंक हैं, लेकिन 10 किलोमीटर दूर अगर किसी मरीज को ब्लड की आवश्यकता है तो मरीज के परिजन को रायपुर आना पड़ता है या मरीज को ही रायपुर में भर्ती करवाने पर मजबूर होना पड़ता है। कई बार ब्लड के अभाव में मरीजों की जान तक चली जाती है। ब्लड के अभाव में होने वाली केजुअल्टी को रोकने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। पहले फेज में 10 बाइक डिजाइन करवाई जाएगी।
कुछ निर्णय बाकी
जीवीके को वर्क ऑर्डर जारी हुआ है। बाइक की खरीदी, क्षेत्र चयन की प्रक्रिया के संबंध में अभी निर्णय नहीं हो सका है। मैंने जीवीके अफसरों को बुलाया है। उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट से ब्लड की पहुंच मरीज तक आसान होगी। - डॉ. एसके बिंझवार, उप संचालक, रेडक्रॉस, डीएचएस