रेलवे की ओर से शुरू की गई स्वर्ण योजना के तहत राजधानी और शताब्दी ट्रेनों की सूरत बदलनी शुरू हो गई है. नई दिल्ली से काठगोदाम के बीच चलने वाली शताब्दी ट्रेन, स्वर्ण योजना के तहत बेहतरीन सुविधाओं के साथ चलने वाली पहली ट्रेन है. इसको गोल्ड स्टैंडर्ड ट्रेन के नाम से जाना जाएगा.


यात्री मंगलवार से बेहतर सुविधाओं के साथ काठगोदाम शताब्दी में यात्रा करेंगे. रेल मंत्रालय की 'स्वर्ण' ट्रेन (गोल्ड स्टैंडर्ड) का लोगों को काफी समय से इंतजार था.


50 लाख खर्च होगा हर ट्रेन पर
हर ट्रेन के अपग्रेडशन पर 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. रेलवे का जोर मुख्‍य रूप से तीन क्षेत्रों पर होगा- जो सौंदर्य, स्‍वच्‍छता और मनोरंजन हैं. रेल मंत्रालय ने प्रीमियम ट्रेनों को रेनॉवेट करने के लिए 'स्वर्ण प्रॉजेक्ट' शुरू किया है. इसके तहत नई दिल्ली- काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस पहली ट्रेन होगी.

30 ट्रेनों का बदलेगा हुलिया
रेल यात्रा को मनोरंजक और आरामदायक बनाने के लिए पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु के कार्यकाल के दौरान ही रेलवे ने 30 प्रीमियर ट्रेनों की तस्‍वीर बदलने के लिए 25 करोड़ का यह प्रॉजेक्ट शुरू किया था. इस प्रोजेक्ट में 15 राजधानी और 15 शताब्दी ट्रेनें हैं.



सुरक्षा की पुख्‍ता व्‍यवस्‍था
इस प्रोजेक्ट के तहत ट्रेनों में आरपीएफ जवानों की पर्याप्त तैनाती के साथ सुरक्षा व्यवस्था की पुख्‍ता व्‍यवस्‍था होगी. ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी की गई है. कोच के अंदरूनी हिस्से को आकर्षक बनाने, शौचालय व्यवस्था में सुधार और कोचों की सफाई पर भी काफी ध्यान दिया गया है.



स्‍टाफ को ट्रेनिंग
स्टाफ को साफ-सफाई और खाना पहुंचाने के लिए ट्रोली के इस्तेमाल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. प्रीमियर ट्रेनों के स्टाफ के लिए नई यूनिफॉर्म डिजाइन की गई है. यात्रियों को ट्रेन में फिल्म, सीरियल, म्यूजिक समेत मनोरंजन के अन्य साधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके अलावा यात्री ट्रेन में वाई-फाई हॉटस्पॉट्स के द्वारा एचडी स्ट्रीमिंग का भी आनंद ले पाएंगे.


डाउनलोड करें Dainik Khabare APP और रहें हर खबर से अपडेट।


दैनिक खबरे से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए DainikKhabare के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें

Post a Comment

Powered by Blogger.