नई दिल्ली. अब मोबाइल पर बात करना पहले से सस्ता हो सकता है। टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई ने इंटरकनेक्शन यूजेस चार्ज (IUC) को लेकर चल रहे विवाद में बड़ा फैसला लिया है। ट्राई ने मंगलवार को IUC में 60% तक कटौती की है। अब मोबाइल टर्मिनेशन चार्ज 14 पैसे प्रति मिनट ( per minute) से घटाकर 6 पैसे प्रति मिनट कर दिया गया है। इस लिहाज से 8 पैसे की कटौती है। नया रेट 1 अक्टूबर से लागू होगा। यही नहीं, ट्राई की ओर से कहा गया कि कॉल टर्मिनेशन चार्ज 1 जनवरी 2020 से खत्म कर दिया जाएगा। ट्राई के मुताबिक- स्टेक होल्डर्स से मिले बयानों और ओपन हाउस डिस्कशन के बाद यह फैसला लिया गया है। क्या है
इस फैसले की वजह...
- पिछले साल जब मुकेश अंबानी ने अपने रिलायंस जियो के जरिए लाइफटाइम मुफ्त कॉल का प्लान लॉन्च किया, तब से लगातार आईयूसी एक मुद्दा बना हुआ था। जियो पर आईयूसी का भार बढ़ता जा रहा था। कंपनी इसमें कमी चाहती थी।
- दूसरी तरफ एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया जैसी कंपनियों इसके जरिए प्रॉफिट ले रही हैं। ये कंपनियां आईयूसी चार्ज में 30 पैसे प्रति मिनट तक इजाफा चाहती थीं। इन कंपनियों की दलील थी कि रूरल सेक्टर में टेलिकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर काफी हद तक इनकमिंग कॉल से मिलने वाले रेवेन्यू पर डिपेंड करता है। IUC खत्म करने या उसमें कटौती करने से रूरल सेक्टर में टेलिकॉम सर्विसेज पर असर पड़ेगा।
- इस फैसले के बाद टेलिकॉम कंपनियों को नुकसान संभव है। ऐसे में कुछ कंपनियां अपने कस्टमर्स पर टैरिफ रेट बढ़ाकर बोझ भी डाल सकती हैं।
- लेकिन रिलायंस जियो के कॉम्पिटिशन को देखते हुए उनके लिए यह फैसला आसान नहीं होगा। टेलिकॉम कंपनियों के टैरिफ बढ़ाने के फैसले से कस्टमर्स उसके नेटवर्क को छोड़ सकते हैं।
मार्च 2015 से लागू हैं पुराने रेट
- देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी एयरटेल की पिछले साल की आईयूसी डीलिंग करीब 10279 करोड़ रुपए थी। ये कंपनियां इस चार्ज को बढ़ाकर दोगुना करना चाहती थीं।
- बता दें कि शुरू में आईयूसी रेट 15 पैसे प्रति मिनट से 50 पैसे प्रति मिनट तक थी। यह रेट्स दूरी के आधार पर तय किए जाते हैं। इसके अलावा 20 पैसे से लेकर 1.10 प्रति मिनट तक कैरिज चार्ज भी रखा गया था। ट्राई ने फरवरी 2004 में इस दर को घटाकर 20 पैसे प्रति मिनट किया। 1 मार्च 2015 को इस दर को 14 पैसे प्रति मिनट कर दिया गया।
- बैंक ऑफ अमेरिका-मेरिल लिंच ने हाल ही में एक नोट में कहा था कि अगर IUC में किसी भी तरह की कटौती होती है तो उसका सबसे बड़ा फायदा रिलायंस जियो को होगा।
- इसमें कहा गया था, कटौती से इंटरकनेक्ट पेमेंट वास्तव में नीचे आ जाएगा।
ट्राई का फैसला विनाशकारी
ट्राई के फैसले को सेल्युलर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने ' विनाशकारी' बताया है। एसोसिएशन में शामिल एयरटेल और वोडाफोन के COAI मेंबर्स ने कहा है कि वो ट्राई के इस फैसले के खिलाफ कोर्ट भी जा सकते हैं। COAI के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज ने कहा कि यह विनाशकारी फैसला है। अधिकतर मेंबर्स इस फैसले के खिलाफ कोर्ट जाने के पक्ष में हैं। वहीं ट्राई के पूर्व चेयरमैन राहुल खुल्लर ने भी मैथ्यूज की बातों का समर्थन किया है।
क्या है IUC
- IUC वह फीस होती है, जिसे टेलीकॉम कंपनियां उस दूसरी कंपनी को देती है, जिसके नेटवर्क पर कॉल खत्म होती है। यह चार्ज फिलहाल 14 पैसे प्रति मिनट है यानी मौजूदा टेलीकॉम कंपनियों की एवरेज कॉल कॉस्ट का तकरीबन आधा। जियो चाहती थी कि इस चार्ज को खत्म कर दिया जाए।
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