कैसे चुनें इसे - मार्केट में आपको कई तरह की आई क्रीम मिल जाएंगी. लेकिन एक सही इंग्रीडिएंट्स वाली क्रीम ही आपको फायदा पहंचाएगी इसलिए इसे समझदारी के साथ खरीदें.
अगर आपको भी लगता है कि आई क्रीम पर पैसे खर्च करना जायज नहीं है, तो आपका सोचना गलत है. इसकी ज़रूरत हर लड़की को होती है.
आई क्रीम को लेकर अक्सर लड़कियां ये सोचती हैं कि इसकी ज़रूरत उन्हें तभी होती है जब झुर्रियों और बारीक रेखाओं जैसी बढ़ती उम्र की निशानियों नज़र आए. लेकिन ऐसी सोच ही इनकी खूबसूरती की दुश्मन बन जाती है. असल में आंखों के पास की स्किन काफी डेलिकेट होती है और इसलिए इसे बाकी स्किन से ज़्यादा केयर की ज़रूरत होती है. आपकी ये ज़रूरत आई क्रीम पूरा करती है. तो आप भी जानिए इससे जुड़ी हर ज़रूरी बात और क्यों ये हर लड़की के लिए है ज़रूरी. आज ही शामिल करें इसे अपने स्किनकेयर रूटीन में.

क्या होती है आई क्रीम - ये आपके डेली मॉइश्चराइज़र की तरह ही होता है, लेकिन इसकी तुलना में ये थोड़ा थीक होता है. साथ ही इसमें ऑयल की मात्रा थोड़ा ज़्यादा होती है बावजूद इसके ये आपको ग्रीसी या ऑयली लुक नहीं देती है. वैसे आपको ये जेल फॉर्म में भी मिल जाएगी.
क्या होती है आई क्रीम - ये आपके डेली मॉइश्चराइज़र की तरह ही होता है, लेकिन इसकी तुलना में ये थोड़ा थीक होता है. साथ ही इसमें ऑयल की मात्रा थोड़ा ज़्यादा होती है बावजूद इसके ये आपको ग्रीसी या ऑयली लुक नहीं देती है. वैसे आपको ये जेल फॉर्म में भी मिल जाएगी.
ये आपकी स्किन में कॉलेजन प्रोडक्शन बढ़ाने में मदद करती है. इसमें मौजूद स्किन मौजूद इंग्रीडिएंट्स स्किन की इलैस्टिसिटी और हाईड्रेशन बनाए रखते हैं.

क्यों है ज़रूरी - जैसा कि आंखों के पास की स्किन डेलिकेट होती है और पूरे दिन जब आप स्माइल करती या आंखों को झपकती हैं, तो इस पर प्रेशर और खिंचाव पड़ता है. ऐसे में आपको झुर्रियों और बारीक रेखाएं ही नहीं डार्क सर्कल्स की भी परेशानी हो सकती है.
क्यों है ज़रूरी - जैसा कि आंखों के पास की स्किन डेलिकेट होती है और पूरे दिन जब आप स्माइल करती या आंखों को झपकती हैं, तो इस पर प्रेशर और खिंचाव पड़ता है. ऐसे में आपको झुर्रियों और बारीक रेखाएं ही नहीं डार्क सर्कल्स की भी परेशानी हो सकती है.
साथ ही यहां कि स्किन पतली होने की वजह से काफी जल्दी ड्राय भी हो जाती है. इससे बचने के लिए इसका इस्तेमाल ज़रूरी होता है. इससे बचने के लिए आई क्रीम काफी ज़रूरी होती है. ये स्किन को हाईड्रेट और मॉइश्चराइज़ कर इन परेशानियों के साथ पफी आईज़ को भी दूर करती है. इसकी कमी में समय से पहले आपके चेहरे पर बुढ़ापे की निशानियां नज़र आने लगती है.

अगर आपको भी लगता है कि आई क्रीम पर पैसे खर्च करना जायज नहीं है, तो आपका सोचना गलत है. इसकी ज़रूरत हर लड़की को होती है.
कैसे चुनें इसे - मार्केट में आपको कई तरह की आई क्रीम मिल जाएंगी. लेकिन एक सही इंग्रीडिएंट्स वाली क्रीम ही आपको फायदा पहंचाएगी इसलिए इसे समझदारी के साथ खरीदें.
ऐसी क्रीम चुनें जो फ्रेग्नेंस-फ्री हो और जिनमें सनफ्लावर या जोजोबा ऑयल, पेपटाइड्स, रेटिनॉल, विटामिन C, सेरेमाइड और hyaluronic एसिड मौजूद हो. हां, अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो रेटिनॉल अवॉइड करें.

कब करें इसका इस्तेमाल - सुबह किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से 10 मिनट पहले सिर्फ लोअर आईलिड्स (लैशलाइन से थोड़ा दूर) पर लगाएं. रात में इसके इस्तेमाल से बचें.

कब करें इसका इस्तेमाल - सुबह किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से 10 मिनट पहले सिर्फ लोअर आईलिड्स (लैशलाइन से थोड़ा दूर) पर लगाएं. रात में इसके इस्तेमाल से बचें.
असल में रात में इसे लगाने पर चांसेंज़ होते हैं कि ये पसीने या नैचुरल टीयर्स की वजह से ये बहकर आंखों में जा सकती है.

कैसे करें इसका इस्तेमाल - किसी भी चीज़ का हद से ज़्यादा इस्तेमाल अच्छा नहीं होता है. ऐसा ही आई क्रीम के साथ है. इसलिए इसके ज़्यादा इस्तेमाल से बचें खासकर इस मामले में क्योंकि आंखों की   स्किन काफी नाजुक होती है.
कैसे करें इसका इस्तेमाल - किसी भी चीज़ का हद से ज़्यादा इस्तेमाल अच्छा नहीं होता है. ऐसा ही आई क्रीम के साथ है. इसलिए इसके ज़्यादा इस्तेमाल से बचें खासकर इस मामले में क्योंकि आंखों की स्किन काफी नाजुक होती है.
हमेशा एक मटर के दाने जितना लें और हल्के हाथों से ब्लेंड करके लगाएं.

Post a Comment

Powered by Blogger.