बिलासपुर। मिशन रोड स्थित दक्षिणमुखी हनुमान शिव मंदिर में चल रही पार्थिव शिव पूजा के चौथे दिन गुरुवार को पुजारियों ने उज्जैन में स्थापित महाकाल ज्योतिर्लिंग का स्वरूप बनाया। फिर गन्ने के रस से उसका अभिषेक किया गया।
मंदिर में सावन महीने के अवसर पर सप्तदिवसीय पार्थिव शिव पूजा चल रही है। गुरुवार को द्वादशी की तिथि को ध्यान में रखते हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति बनाई गई, जो उज्जैन में महाकाल के रूप में विराजित हैं।
मुख्य पुजारी पं.प्रेम मिश्रा ने बताया कि गन्ना रस से रुद्राभिषेक करने से लक्ष्मी प्राप्ति व व्यापार में बढ़ोतरी होती है। भगवान शिव एकमात्र देवता हैं जो मृत्युलोक के प्राणी की सभी कामनाएं पूर्ण करते हैं। इसीलिए महाकाल की आराधना करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पूजा अर्चना के अवसर पर गुरुवार को प्रमुख रूप से अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन छत्तीसगढ़ इकाई बिलासपुर की आशा अग्रवाल, सीमा गुप्ता, उषा अग्रवाल समेत सभी पदाधिकारी व अन्य शिवभक्त उपस्थित थे।