गोलगप्पे वालों ने बिना आधार कार्ड के गोलगप्पे खिलाने से ही इनकार कर दिया। ऐसी कई महिलाएं आए दिन ठेली वालों से झगड़ा कर रही हैं। यह पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन रहा है।
अलवर: पूरे देश में जीएसटी लागू हो गया है। अब रोज गोलगप्पे खाने वाली महिलाओं की परेशानी और बढ़ गई है। अब यदि 50 रुपए के गोलगप्पे खाने हैं तो इसके लिए आपको आधार कार्ड दिखाना होगा और यदि आप 50 रुपए से अधिक के गोल गप्पे खा रहे हैं तो पेन कार्ड दिखाना होगा।
बीपीएल कार्ड दिखाने पर मिलेगी फ्री की पपड़ी
जीएसटी लागू होने के बाद गोल गप्पे वाले इस बात से चिंतित हैं कि सरकार ने गोलगप्पे खाने के बाद फ्री में एक पपड़ी खिलाने पर भी अंकुश लगा दिया है। यदि आप फ्री की पपड़ी खाना चाहते हैं तो आपको बीपीएल कार्ड दिखाना होगा।
गोलगप्पे नहीं खाने से महिलाएं परेशान, पुलिस के हुआ सिरदर्द
गोलगप्पे वाले अब उनके पास आने वाले सभी ग्राहकों से आधार और पेन कार्ड मांग रहे हैं। कई ग्राहक तो ये कार्ड ला ही नहीं रहे हैं, ऐसे में उन्हें गोलगप्पे भी नहीं खिलाए जा रहे हैं। यहां पर सबसे अधिक दिक्कत उन महिलाओं की है जो बाजार गोलगप्पे खाने घर से गई और गोलगप्पे की ठेली पर पहुंच तो गई। लेकिन गोलगप्पे वालों ने बिना आधार कार्ड के गोलगप्पे खिलाने से ही इनकार कर दिया। ऐसी कई महिलाएं आए दिन ठेली वालों से झगड़ा कर रही हैं। यह पुलिस के लिए भी सिरदर्द बन रहा है।
मत होइए परेशान
खैर, अब आप हम आपको ज्यादा परेशान नहीं करेंगे। दरअसल, जीएसटी को लेकर अलवर में पत्रिका रिपोर्टिंग टीम ने इस समाचार को साकार किया। जीएसटी में अभी तक ऐसा नहीं हुआ है लेकिन यदि गोलगप्पे पर आधार कार्ड अनिवार्य हो जाए तो कैसा होगा? इसी को लेकर गोलगप्पे बेचने वाले और खाने वालों के बीच हुए तकरार को अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया है।
इस टेलीफिल्म का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन करना है। इसमें सबसे बड़ी बात यह थी कि जब इस टेलीफिल्म को फिल्माया जा रहा था तो काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए, उन्हें लगा कि गोलगप्पे वाले और ग्राहकों के बीच झगड़ा हो गया है। वे भी बीच में बोलने लग गए। किसी को यह नहीं लग रहा था कि यह सब काल्पनिक है और यही इस टीम की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इस टीम में गोलगप्पे वाले का अभिनय अनिकेत सोनी, बाहर से अलवर घूमने आई बेटी ज्योति शर्मा को गोलगप्ले खिलाने आए व्यक्ति के किरदार में धर्मेन्द्र अदलक्खा ने अभिनय किया, जबकि एक अन्य ग्राहक लुभावन जोशी बने। नरेश लवानिया ने इन दृश्यों को बखूबी कैमरे में कैद किया।