भारतीय क्रिकेट टीम के नए हेड कोच रवि शास्त्री सचिन तेंडुलकर को टीम के कंसल्टेंट के रूप में देखना चाहते हैं।

Image result for सचिन को टीम से जोड़ना चाहते हैं रवि शास्त्री, BCCI की कमेटी ने किया इनकार

स्पोर्ट्स :  टीम इंडिया के नए कोच रवि शास्त्री ने सचिन तेंडुलकर को टीम के साथ जोड़ने की इच्छा जताई है। वे सचिन को कंसल्टेंट के रूप में देखना चाहते हैं। शास्त्री ने ये बात बीसीसीआई की स्पेशल कमेटी के सामने भी रखी थी, लेकिन कमेटी ने इससे इनकार कर दिया। इसकी वजह सचिन के हितों का टकराव बताया गया। बता दें कि बीसीसीआई की कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (COA) ने मंगलवार को शास्त्री की पसंद पर भरत अरुण को टीम इंडिया का नया बॉलिंग और आर श्रीधर को फील्डिंग कोच बनाया। 

सचिन का कैसे हितों का टकराव है...


  • - सचिन तेंडुलकर फिलहाल सीएसी (क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी) के तीन मेंबर्स में से एक हैं, जिसने रवि शास्त्री को टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में चुना है। इसके अलावा, सचिन IPL टीम मुंबई इंडियन्स के मेंटर भी हैं। टीम इंडिया के साथ जुड़ने के बाद कोई भी पूर्व क्रिकेटर किसी और प्रोफेशनल कमिटमेंट के साथ काम नहीं कर सकता। यही वजह है कि सचिन भी टीम के साथ नहीं जुड़ सकते हैं।
    क्या हुआ मीटिंग में
    - मंगलवार को टीम का बॉलिंग कोच फाइनल करने के मसले पर बीसीसीआई की चार सदस्यीय कमेटी की मीटिंग हुई थी। इस स्पेशल कमेटी में बोर्ड के एक्टिंग प्रेसिडेंट सीके खन्ना, सीईओ राहुल जौहरी, एक्टिंग सेक्रेटरी अमिताभ चौधरी और एडमिनिस्ट्रेटर्स कमेटी की मेंबर डायना एडुल्जी शामिल हैं।
    - मीटिंग के दौरान रवि शास्त्री ने थोड़े समय के लिए तेंडुलकर को टीम के कंसल्टेंट के रूप में जोड़ने की बात कही, लेकिन स्पेशल कमेटी ने उन्हें साफ कर दिया कि सचिन चाहे फुल टाइम के लिए जुड़ें या पार्ट टाइम के लिए, इसमें हितों के टकराव का मुद्दा बीच में जरूर आएगा।
    - बता दें कि क्रिकेट टीम की एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) ने राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरों के लिए टीम का बैटिंग कोच और जहीर खान को बॉलिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया था। COA ने इन अप्वाइंट्स को केवल सिफारिशें बताकर टाल दिया था। फिर, इनके सिलेक्शन के लिए चार मेंबर की स्पेशल कमेटी बनाई थी।
    कमेटी ने याद दिलाए नियम
    - कमेटी के एक मेंबर ने इस बारे में न्यूज एजेंसी से कहा, "रवि ने सचिन को शॉर्ट पीरियड के लिए कंसल्टेंट के रूप में बोर्ड में शामिल करने का सुझाव दिया था। जिसके बाद कमेटी मेंबर्स ने तुरंत ही उन्हें कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट क्लॉज की याद दिला दी। अगर तेंडुलकर कंसल्टेंट के रूप में काम करते हैं, तो इसका मतलब ये होगा कि उन्हें IPL समेत अपने बाकी सभी कमिटमेंट्स को छोड़ना होगा।"
    - "अगर आप किसी को थोड़े समय के लिए अपने साथ चाहते हो, लेकिन बदले में उससे बाकी सारे प्रोफेशनल कमिटमेंट्स छोड़ने का कहेंगे। ये कोई करना नहीं चाहेगा। टीम का बॉलिंग कोच बनने के बाद भरत अरुण भी अब IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ जुड़े नहीं रह पाएंगे। वे इस टीम में बॉलिंग कोच थे।"

    जहीर भी देना चाहते थे कम टाइम
    - जहीर खान के केस में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। जो कि सालभर में केवल 25 दिन टीम के साथ काम करना चाहते थे और बाकी टाइम वे IPL समेत बाकी कमिटमेंट्स को देना चाहते थे।
    - मेंबर ने कहा, 'साल में 25 दिन देने के लिए कोई भी अपने बाकी प्रोफेशनल कमिटमेंट्स को छोड़ना पसंद नहीं करेगा।'
    - मंगलवार को रवि शास्त्री के सपोर्ट स्टाफ की घोषणा होने के बाद टीम में अब भी जहीर खान और राहुल द्रविड़ के कंसल्टिंग रोल को लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है। जिन्हें सीएसी ने बैटिंग (विदेशी टूर पर) और बॉलिंग कंसल्टेट बनाया था।


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source:db

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