हिन्दू धर्म में गुरुवार का विशेष महत्व है। यह दिन देवी-देवताओं के गुरु ब्रहस्पति का दिन माना गया है। इसके साथ ही नौ ग्रहों में सबे बड़े ग्रह का दिन भी यही है। इस दिन विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। इस दिन विशेष पूजा करने से नौ ग्रह भी शांत रहते हैं। इस महत्वपूर्ण वार को कुछ काम ऐसे भी हैं जो हमें नहीं करना चाहिए। यदि करते हैं तो आफत भी भुगतनी पड़ती है।
ज्योतिषाचार्य जगदीश शास्त्री बता रहे हैं गुरुवार को कौन से काम करने चाहिए और कौन से नहीं करने चाहिए...।
1. नाखून नहीं काटे
भूलकर भी नाखून नहीं काटने चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो धन की कमी आपको सताएगी और आप आर्थिक तंगी से परेशान रहेंगे। घर में भी परेशानियों का वातावरण बना रहेगा। इसी लिए बुजुर्ग भी कहते हैं कि गुरुवार को नाखुन काटने से दरिद्रता आती है।
2. दाड़ी न कटवाएं
ब्रहस्पतिवार के दिन यदि आप दाड़ी कटवाने का सोच रहे हैं तो यह काम टाल दीजिए। ऐसा करने से आप बीमारियों से ग्रस्त रहेंगे और बीमारियों लगेंगी तो छूटने का नाम नहीं लेंगी। इससे आपकी आयु भी कम होती है। इन बातों का उल्लेख पुराणों में भी मिलता है।
3. महिलाएं बाल न धोएं
पुराणों में यह भी उल्लेख मिलता है कि ब्रहस्पतिवार के दिन महिलाओं को अपने बाल इस दिन नहीं धोना चाहिए। जो महिलाएं ऐसा करती हैं उनकी संतान पर बुरा असर पड़ता है। इससे उनका गुरु कमजोर होता है, जिसका खामियाजा उन्हें ही भुगतना पड़ता है।
4. पुरुष नहीं करवाएं कटिंग
इस दिन पुरुषों को अपनी कटिंग भी नहीं बनवाना चाहिए। सदियों से चली आ रही इन बातों के मुताबिक ऐसा करने वाले को काफी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। वहीं यह काम अशुभ की श्रेणी में आता है। इससे व्यक्ति की उन्नति भी रुक जाती है।
5. घर से बाहर कबाड़ न निकालें
ब्रहस्पतिवार के दिन से जुड़ी यह बात भी सदियों से चली आ रही है कि घर का कबाड़ इस दिन बाहर नहीं निकालना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके घर से लक्ष्मी बाहर चली जाती है, वहीं लक्ष्मी का गुस्सा सहना पड़ सकता है। इसके अलावा दोस्तों से कर्ज भी लेना पड़ सकता है। घर के बड़े-बुजुर्ग भी यही बात कहते हैं।