कनॉट प्लेस स्थित 'फ़र्जी कैफ़े' में काम करने वाले, एक कर्मचारी पर लोगों के क्रेडिट-डेबिट कार्ड की क्लोनिंग कर, लाखों रुपए की ठगी करने का आरोप लगा है. क्लोनिंग कर कस्टमरों को 6,03,500 रुपये का चूना लगाने वाले इस कर्मचारी के ख़िलाफ़ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है.
नई दिल्ली के डीसीपी बी.के सिंह ने बताया, 'HDFC बैंक की शिकायत पर बाराखंभा रोड, पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 420 के तहत एक FIR दर्ज की गई है.' वहीं बैंक ने अपना बयान देते हुए कहा, 'हमारे 13 कस्टमर्स ने फ़र्जी ट्रांजैक्शन के संबंध में हमारे पास शिकायत दर्ज करायी है. इन सभी कस्टमर ने खाते से पैसे निकाले जाने की बात कही है.
Image Source : lbb
वहीं कैफ़े में लगे सीसीटीवी की मदद से आरोपी की पहचान कर ली गई है. धोखाधड़ी का शिकार हुए 13 लोगों के मुताबिक, कैफ़े में काम करने वाले मोहम्मद बदरुल इस्लाम ने ही उनसे पेमेंट ली थी. आरोपी मोहम्मद ने मार्च से ये कहकर जॉब पर आना छोड़ दिया कि अब वो थोड़े दिन आराम करना चाहता है.

कैसे की जाती 'कॉर्ड' की क्लोनिंग?

Image Source : getcontrol
दरअसल, डेबिट-क्रेडिट कार्ड क्लोनिंग के जरिए बदमाश आपके कार्ड की डिटेल्स को चुरा कर, उसको ​डुप्लीकेट कार्ड में ट्रांसफर कर देते हैं. इसके बाद आपके खाते से पैसे उड़ा लेते हैं. पहले भी कई ऐसी वारदातें हो चुकी हैं. दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में कई मामले दर्ज किए हैं, जिसमें, वेटर्स, दुकान में काम करने वाले कर्मचारी, कुरियर वाले, एमबीए ग्रेजुएट्स को गिरफ़्तार किया जा चुका है.

Post a Comment

Powered by Blogger.