सरकारी विभागों में नौकरी के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाला गैंग पुलिस ने पकड़ा है। इस गैंग ने अभी तक 100 से भी ज्यादा बेरोजगारों से रुपये वसूले हैं। गिरफ्तार लोगों के कब्जे से पुलिस ने 1.35 लाख रुपये, छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह छह साल से सक्रिय था, जिसके जाल अन्य जिलों तक फैले हैं।
गैंग के सदस्यों ने थाना मगोर्रा के गांव डोमपुरा के पूरन सिंह से उसके बेटे को दरोगा बनवाने के नाम पर दो लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं मिलने पर पैसे वापस नहीं किए गए, तो उन्होंने थाना गोवर्धन में रिपोर्ट दर्ज करा दी। गोवर्धन पुलिस और स्वाट टीम ने सक्रियता दिखाते हुए शुक्रवार की सुबह चार बजे राजीव तिराहे पर कार सवार पांच लोगों को दबोचा।
एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा एवं गोवर्धन एसएसआई प्रमोद मलिक ने वृंदावन की बड़ी आटस निवासी कुंवरपाल, गोवर्धन के अडींग निवासी रामेश्वर उर्फ बबलू, लाखन उर्फ लक्खो, रासबिहारी एवं शहर कोतवाली की इंद्रलोक कालोनी निवासी किशन सिंह को पकड़ा है। एसपी सिटी के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह 2011 से सक्रिय है। अब तक इसने नौकरी के नाम पर 100 से भी ज्यादा लोगों से तकरीबन करोड़ रुपये ठगे हैं।
एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा एवं गोवर्धन एसएसआई प्रमोद मलिक ने वृंदावन की बड़ी आटस निवासी कुंवरपाल, गोवर्धन के अडींग निवासी रामेश्वर उर्फ बबलू, लाखन उर्फ लक्खो, रासबिहारी एवं शहर कोतवाली की इंद्रलोक कालोनी निवासी किशन सिंह को पकड़ा है। एसपी सिटी के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह 2011 से सक्रिय है। अब तक इसने नौकरी के नाम पर 100 से भी ज्यादा लोगों से तकरीबन करोड़ रुपये ठगे हैं।
Post a Comment
Post a Comment