भारत का सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक, ताज महल एक औरत के लिए ही बनवाया गया था. इसके अलावा भी ऐसे कई स्मारक हैं, जो महिलाओं के कारण बनाये गए हैं. हम आपको ऐसे ही 9 प्रसिद्ध स्मारकों के बारे में बता रहे हैं, जो बनवाए तो औरतों ने हैं, लेकिन लोगों को इसके बारे में पता नहीं है.

1. इत्मद उद दौला

ये भारत का पहला संगेमरमर का मकबरा है. इसे यमुना के तट पर नूरजहां ने अपने पिता मिर्ज़ा घियास बेग की याद में बनवाया था.

2. विरूपाक्ष मंदिर, पत्तदकल

पत्तदकल का विरूपाक्ष मंदिर, रानी लोकमहादेवी ने 740 AD में बनवाया था. ये मंदिर उन्होंने अपने पति, राजा विक्रमादित्य की पल्लव वंश पर जीत होने की ख़ुशी में बनवाया था. इसे लोकेश्वर मंदिर भी कहा जाता है.

3. हुमायूं का मक़बरा, दिल्ली

हुमायूं का मक़बरा उसकी बीवी हमीदा बानू बेगम (हाजी बेगम) ने बनवाया था. इसे पर्शियन और भारतीय कारीगरों ने मिल कर बनवाया था.

4. रानी का वाव, पाटन

इस बावड़ी को रानी उदयमति ने अपने पति राजा भीमदेव के लिए 11वीं शताब्दी में बनवाया था. मरु-गुर्जर शैली में बनी बावड़ी में एक उल्टा मंदिर भी बना है.

5. खायर अल मनाज़िल, दिल्ली

इस स्मारक को महम अंगा ने 1561 में बनवाया था. उसने अकबर के बचपन में मुग़ल शाशन में राज भी किया था. ये पुराने किले के ठीक सामने मौजूद है.

6. मिर्जन किला, कुम्ता

अग्नाशिनी नदी के किनारे बना ये स्मारक रानी चेन्नाभैरादेवी ने बनवाया था. रानी इस किले में 54 साल तक रही थीं.

7. लाल दरवाज़ा मस्जिद, जौनपुर

1447 में इसे जौनपुर के सुल्तान महमूद शार्की की रानी ने बनवाया था. राजे बीबी ने लड़कियों के लिए पहला स्कूल भी बनवाया था.

8. मोहिनिश्वर शिवालय मंदिर, गुलमर्ग

1915 में इस मंदिर को महारानी मोहिनी बाई सिसोदिया ने बनवाया था. कश्मीर के रजा, हरी सिंह की रानी मोहिनी बाई ने ये मंदिर एक पहाड़ी पर बनवाया है. ये मंदिर गुलमर्ग की हर जगह से दिखाई पड़ता है.

9. महिम सड़क, मुंबई

1843 में इस सड़क को बनाने में 1.67 लाख रुपये का खर्च आया था, जो अवाबाई जमशेदजी ने दिया था. वो मशहूर पारसी व्यापारी जमशेदजी जेजीभॉय की पत्नी थीं. ये अब भी मुंबई का एक प्रमुख मार्ग है.

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