केंद्र ने माना है कि लोगों की निजी जानकारियां और आधार नंबर सार्वजनिक हुए हैं।

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने माना है कि लोगों की निजी जानकारियां और आधार नंबर सार्वजनिक हुए हैं। राज्य और केंद्र सरकार की करीब 210 वेबसाइट्स पर ये जानकारियां डिस्प्ले हो रही हैं। लोकसभा में बुधवार को इलेक्ट्रानिक्स और आईटी मामलों के राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि UIDAI (द यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) इस मामले को देख रहा है। इन सभी वेबसाइट्स से ये जानकारियां हटाने के लिए लगातार नजर रखी जा रही है।


मंत्री ने कहा- यूआईडीएआई से आधार डाटा लीकेज नहीं हुआ ...



पीपी चौधरी ने सदन में बताया- "केंद्र सरकार और राज्य सरकार की करीब 210 वेबसाइट्स पर नाम, एड्रेस और दूसरी जानकारियां और आधार नंबर डिस्प्ले किए जा रहे हैं। इनमें एजुकेशनल इंस्टीटयूट भी शामिल हैं।"

उन्होंने साफ किया कि यूआईडीएआई से आधार डाटा लीकेज नहीं हुआ है। निजी कंपनियां को यूआईडीएआई से कोई भी आधार डाटा नहीं मिला है, जिनमें बायोमेट्रिक्स शामिल हैं। आधार की जानकारियां सिर्फ ऑथराइज्ड एजेंसियों के साथ ही साझा की गई हैं। वह भी सिक्योर एप्लीकेशन के जरिए। इसके लिए बहुत ही गोपनीय प्रोसिजर और प्रोटोकॉल का पालन किया गया है।

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123 स्कीम्स पर अमल आधार के जरिए
13 जुलाई तक केंद्रीय मंत्रालय और डिपार्टमेंट्स की 123 स्कीम्स में आधार जरूरी कर दिया गया है। अगर आधार नंबर किसी के पास नहीं है तो वह इन स्कीम्स के तहत मिलने वाली सब्सिडीज, बेनिफिट्स और सर्विसेज पा नहीं सकता है।

1 आईडेंटिटी: केंद्र और राज्य सरकार की कई सर्विसेस में आधार को आईडेंटिटी के तौर पर मंजूर किया जा रहा है। इनमें पासपोर्ट एप्लीकेशन, बैंक या इंश्योरेंस अकाउंट खोलने, मोबाइल या फोन कनेक्शन लेने जैसी सर्विसेस शामिल हैं।

2 वोटर आईडी: वोटर लिस्ट में कई बार एक ही शख्स का नाम कई जगह दर्ज रहता है। इसकी जांच के लिए आधार का इस्तेमाल हो रहा है। अब इलेक्शन कमीशन ने वोटर आईडी पर आधार नंबर देना भी शुरू कर दिया है।
3 बैंक: अकाउंट खोलने और 50 हजार से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर भी आधार जरूरी कर दिया गया है।

4 पीएफ: इम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (ईपीएफओ) ने इम्प्लॉई को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) अलॉट किया है। इसका मकसद यह है कि इम्प्लॉई के कंपनी छोड़ने के बाद उसका पैसा आसानी से उसके खाते में ट्रांसफर हो सके। यूएएन को आधार से लिंक किया गया है। इस फैसेलिटी से इम्प्लॉई अपना पीएफ का पैसा सीधा अपने अकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है।

5 आईटी रिटर्न: बीते दो सालों से इनकम टैक्स (अाईटी) डिपार्टमेंट ने आधार बेस्ड मैकेनिज्म तैयार किया है। इससे डिजिटल साइन किए जा सकते हैं और आईटी रिटर्न ऑनलाइन भरा जा सकता है। इस साल से सरकार ने पैन के साथ आधार लिंक करना जरूरी कर दिया है, ताकि टैक्स बचाने के लिए एक से ज्यादा अधार का इस्तेमाल नहीं किया जा सके।

6 उज्ज्वलायोजना: नरेंद्र मोदी सरकार ने गरीबों को फ्री एलपीजी कनेक्शन देने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की है। इसमें फायदा लेने वाले को आधार देना जरूरी है। इसी से उसकी सब्सिडी ट्रांसफर हो रही है।

7 डिजिटल पेमेंट: यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस और हाल ही में लॉन्च किया गया भीम एप आधार बेस्ड मनी ट्रांसफर को सपोर्ट करता है। आईडीएफसी बैंक ने हाल ही में आधार पे शुरू किया है। इसमें मर्चेंट (दुकानदार) को पेमेंट करने के लिए कस्टमर के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल किया जाता है।

8  डीबीटी: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) आधार बेस्ड सर्विस है। यह ऐसा मेकेनिज्म है, जिसमें सब्सिडी की रकम फायदा पाने वाले के अकाउंट में जाती है। पहले यह कैश या चेक के जरिए दी जाती थी।

9  पीडीएस: पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम (पीडीएस), यानी राशन कार्ड के जरिए सब्सिडी वाला सामान लेना है तो उसके लिए भी आधार जरूरी किया गया है।

कितनी बढ़ गई आधार की अहमियत

देशभर में 110 करोड़ में से करीब 67 करोड़ बैंक अकाउंट को आधार से लिंक कर दिया गया है। पिछले हफ्ते आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी थी।

बैंकों से आधार बनवाने के सेंटर खोलने को कहा गया 

यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर की बैंकों से आधार एनरोलमेंट फैसेलिटी शुरू करने को कहा है। यह फैसेलिटी 10 में से कम से कम एक ब्रांच में शुरू करनी होगी।

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